जंगल में दो घंटे तक रुकी वंदे भारत, यात्रियों की बढ़ी बेचैनी
रांची से पटना जा रही वंदे भारत एक्सप्रेस (22350) गुरुवार शाम हजारीबाग और कोडरमा के बीच पिपराडीह के समीप जंगल में करीब दो घंटे तक खड़ी रही। ट्रेन के लंबे समय तक नहीं चलने से यात्रियों में बेचैनी बढ़ गई। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा। देर रात पटना पहुंचने की आशंका से यात्री अपने आगे के सफर और घर पहुंचने को लेकर चिंतित दिखे। हालांकि ट्रेन के रुकने के पीछे की आधिकारिक वजह देर रात तक स्पष्ट नहीं हो सकी।
“न टीटीई कुछ बता रहे, न रेलवे स्टाफ”… सोशल मीडिया पर फूटा यात्रियों का गुस्सा
ट्रेन में सफर कर रहे एक यात्री ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि वंदे भारत एक्सप्रेस पिछले दो घंटे से जंगल में खड़ी है, लेकिन न तो टीटीई और न ही रेलवे का कोई कर्मचारी रुकने की वजह बता पा रहा है। यात्री ने लिखा कि कई महिलाएं और बच्चियां अकेले सफर कर रही हैं और लगातार बढ़ रही देरी से सभी परेशान हैं। यह पोस्ट तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल होने लगी, जिसके बाद रेलवे की व्यवस्था पर सवाल उठने लगे।
हाईटेक वंदे भारत पर उठे सवाल, बुलेट और हाइड्रोजन ट्रेन की तैयारी के बीच क्यों आई ऐसी नौबत?
देश में बुलेट ट्रेन और हाइड्रोजन ट्रेन जैसी आधुनिक रेल परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। ऐसे समय में प्रीमियम श्रेणी की वंदे भारत एक्सप्रेस का घंटों जंगल में खड़ा रहना कई सवाल खड़े कर रहा है। यात्रियों का कहना है कि यदि तकनीकी या परिचालन संबंधी कोई समस्या थी तो समय-समय पर आधिकारिक सूचना दी जानी चाहिए थी। विशेषज्ञ भी मानते हैं कि हाईस्पीड और प्रीमियम ट्रेनों में सूचना प्रबंधन उतना ही महत्वपूर्ण है जितना समय पर परिचालन।
आखिर क्यों रुकी वंदे भारत? रेलवे के आधिकारिक बयान का इंतजार
वंदे भारत एक्सप्रेस के दो घंटे तक रुके रहने की वास्तविक वजह अभी सामने नहीं आई है। प्रारंभिक चर्चाओं में तकनीकी खराबी, सिग्नल संबंधी समस्या या ट्रैक पर परिचालन बाधा जैसी संभावनाओं की चर्चा हो रही है, लेकिन इनमें से किसी की भी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। रेलवे की ओर से बयान आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि ट्रेन आखिर किस कारण जंगल में खड़ी रही। फिलहाल यात्रियों की सुरक्षा और उन्हें समय पर सूचना नहीं मिलने का मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है।

