फ्री साइकिल पर ’50 रुपये का टैक्स’! बच्चों ने खोली पोल तो BDO ने मौके पर लौटवाए पूरे पैसे
धुरकी (गढ़वा)।
झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी साइकिल वितरण योजना उस समय सवालों के घेरे में आ गई, जब गढ़वा जिले के धुरकी प्रखंड कार्यालय में साइकिल लेने पहुंचे छात्र-छात्राओं ने खुलकर आरोप लगाया कि उनसे प्रति साइकिल 50 रुपये वसूले गए। बच्चों ने एकजुट होकर कहा कि साइकिल लेने से पहले पैसे देने पड़े। शिकायत मिलते ही प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) अनुरंजन झा मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली। जांच के दौरान संबंधित शिक्षकों को बुलाया गया, जिसके बाद बच्चों से लिए गए सभी पैसे वापस करा दिए गए। बीडीओ ने स्पष्ट कहा कि सरकारी योजनाओं के नाम पर किसी भी तरह की वसूली बर्दाश्त नहीं होगी और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
‘सरकारी योजना है, फिर पैसे क्यों?’ बच्चों के एक सवाल से मच गया हड़कंप
साइकिल वितरण कार्यक्रम के दौरान बच्चों का एक सवाल पूरे सिस्टम पर भारी पड़ गया। टाटीदीरी उच्च विद्यालय के कई छात्र-छात्राओं ने आरोप लगाया कि साइकिल दिलाने के नाम पर उनसे 50-50 रुपये लिए गए। देखते ही देखते प्रखंड कार्यालय परिसर में हंगामे की स्थिति बन गई। मामला अधिकारियों तक पहुंचा तो बीडीओ अनुरंजन झा ने तत्काल जांच शुरू कराई। पूछताछ में मामला गंभीर नजर आने पर संबंधित शिक्षकों को फटकार लगाई गई और बच्चों की रकम वापस कराई गई। प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटा है कि आखिर वसूली किसके निर्देश पर की गई थी।
80 बच्चों से वसूली का आरोप, शिकायत के बाद शिक्षक बैकफुट पर; मौके पर लौटाने पड़े रुपये
धुरकी प्रखंड कार्यालय में सोमवार को आयोजित साइकिल वितरण कार्यक्रम विवादों में घिर गया। जानकारी के अनुसार उच्च विद्यालय टाटीदीरी के करीब 80 छात्र-छात्राओं को साइकिल दी जानी थी। इसी दौरान बच्चों ने आरोप लगाया कि उनसे प्रति छात्र 50 रुपये लिए गए हैं। शिकायत मिलते ही बीडीओ अनुरंजन झा ने शिक्षक प्रमोद कुमार और पंकज भारती से जवाब-तलब किया। मामले के तूल पकड़ते ही बच्चों की पूरी राशि वापस कराई गई। प्रशासन ने कहा है कि जांच के बाद दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
BDO का सख्त संदेश: सरकारी योजनाओं में वसूली नहीं चलेगी, दोषियों पर होगी कार्रवाई
सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से धुरकी प्रखंड प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। साइकिल वितरण के दौरान बच्चों से अवैध वसूली की शिकायत सामने आने के बाद बीडीओ अनुरंजन झा ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उनके हस्तक्षेप से छात्रों को उनके पैसे वापस मिले। बीडीओ ने कहा कि सरकार की ओर से मिलने वाली सुविधाएं पूरी तरह निःशुल्क हैं और किसी भी छात्र से एक रुपया भी लेना नियमों के खिलाफ है। वहीं विद्यालय के प्रधानाध्यापक पारसनाथ यादव ने कहा कि विद्यालय स्तर पर किसी प्रकार की राशि नहीं ली गई है और प्रखंड कार्यालय में किसने पैसे लिए, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। अब पूरे मामले की जांच जारी है और दोषियों पर कार्रवाई तय मानी जा रही है।

