बिहार के सीतामढ़ी के चोरौत इलाके के एक तालाब में एक विचित्र कछुआ मिला है कछुआ के खोल पर अंकित आकृति को देखने के लिए हजारों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी है और चर्चा के बाजार को भी गर्म कर दिया है कोई इसे दिव्य कछुआ तो कोई इसे पौराणिक कछुआ तो कुछ लोग इसे देवी-देवताओं से भी जोड़ रहे है
क्या है खास
सीतामढ़ी के चोरौत-मधवापुर पथ के पास अरैला चौर में एक पुराने तालाब में मिला कछुआ लोगो के बीच कौतूहल का केंद्र बना हुआ है इस कछुआ के खोल पर सुनहरी आकृतियाँ C, D, f, I, G, O की तरह बनी हुई हैं जो सामान्य कछुओं से अलग हैं यही वजह है कि कुछ लोग इसे अजूबा कछुए बता रहे है कुछ लोगों का मानना है कि बाढ़ के दौरान कहीं बाहर से आया हुआ कछुआ है
जानकार क्या कहते है
जानकार बताते है कि भारतीय फ्लैपशेल कछुआ एक दुर्लभ प्रजाति हो सकती है खोल पर बनी आकृति प्राकृतिक रूप से ऐसे आकृति बनती है

