Reporter: मो० काजीरुल शेख( पाकुड़)
🔴 Vande Bharat की रफ्तार बनी काल, नगरनवी स्टेशन के पास एक ही परिवार के तीन लोगों की दर्दनाक मौत
पाकुड़ जिले के नगरनवी रेलवे स्टेशन के पास मंगलवार शाम एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। डाउन लाइन से गुजर रही वंदे भारत एक्सप्रेस की चपेट में आने से एक पुरुष, एक महिला और तीन साल की मासूम बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा शाम करीब 7:10 बजे हुआ, जब ट्रेन पूरी रफ्तार से गुजर रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार तीनों अचानक रेलवे ट्रैक पर आ गए, जिससे उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही आरपीएफ और जीआरपी की टीम घटनास्थल पर पहुंची और शवों को ट्रैक से हटाकर कब्जे में लिया। आरपीएफ प्रभारी संजय कुमार सिंह ने बताया कि मृतकों की पहचान अब तक नहीं हो सकी है। आसपास के गांवों और पंचायत प्रतिनिधियों से संपर्क कर पहचान कराने का प्रयास किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि तीनों एक ही परिवार के सदस्य हो सकते हैं, जो किसी जरूरी काम से रेलवे लाइन पार कर रहे थे।
इस दर्दनाक घटना से पूरे इलाके में शोक की लहर है। रेलवे प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे ट्रैक पार करते समय सावधानी बरतें और केवल निर्धारित क्रॉसिंग प्वाइंट का ही उपयोग करें।
🔴 Rail Track बना मौत का रास्ता, वंदे भारत की चपेट में मासूम बच्ची समेत तीन की मौत
पाकुड़ जिले में मंगलवार की शाम रेल हादसे ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। नगरनवी रेलवे स्टेशन के समीप तेज रफ्तार वंदे भारत एक्सप्रेस की चपेट में आने से एक पुरुष, महिला और तीन वर्षीय बच्ची की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे की खबर फैलते ही घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जुट गई।स्थानीय लोगों के अनुसार, तीनों रेलवे ट्रैक पार कर रहे थे, तभी अचानक ट्रेन सामने आ गई। ट्रेन की रफ्तार इतनी तेज थी कि तीनों को बचने का मौका नहीं मिला। हादसे के बाद रेल परिचालन कुछ देर के लिए प्रभावित हुआ।
पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और हर एंगल से जांच शुरू कर दी गई है। यह भी आशंका जताई जा रही है कि मृतक मजदूरी या किसी निजी काम से यात्रा कर रहे थे।
इस हादसे ने एक बार फिर रेलवे ट्रैक सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि स्टेशन के पास फुट ओवरब्रिज या अंडरपास बनाया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि जान जोखिम में डालकर ट्रैक पार न करें।

