जमशेदपुर |
उलीडीह थाना क्षेत्र के एनएच–33 स्थित डिमना रेजीडेंसी के समीप गुरुवार देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक आरओ (रिवर्स ऑस्मोसिस) प्लांट में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेज थी कि कुछ ही मिनटों में पूरा प्लांट इसकी चपेट में आ गया और आरओ प्लांट जलकर पूरी तरह राख हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना के समय प्लांट में कार्यरत एक कर्मचारी गैस चूल्हे पर खाना बना रहा था, इसी दौरान निकली चिंगारी ने पास में रखे ज्वलनशील सामान को अपनी गिरफ्त में ले लिया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आग की लपटों और धुएं के गुबार से आसपास के इलाके में दहशत फैल गई और लोग घरों से बाहर निकल आए।
इस आगजनी में प्लांट में रखा पानी की जार, मोटर, पाइप, बिजली से जुड़े उपकरण, प्लास्टिक सामग्री समेत अन्य जरूरी सामान पूरी तरह जलकर नष्ट हो गया। प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक, इस घटना में लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
आग लगने की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने तुरंत उलीडीह थाना पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी। सूचना के बाद दमकल विभाग की एक गाड़ी मौके पर पहुंची और आग बुझाने का कार्य शुरू किया। आग की तीव्रता अधिक होने के कारण दमकल कर्मियों को काबू पाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। करीब एक घंटे की कड़ी मेहनत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। इस दौरान पुलिस ने मौके पर पहुंचकर इलाके की घेराबंदी कर सुरक्षा व्यवस्था संभाली।
स्थानीय लोगों और पुलिस सूत्रों के अनुसार, गनीमत रही कि इस घटना में कोई जान-माल की क्षति नहीं हुई। समय रहते दमकल विभाग की कार्रवाई से आग को आसपास के रिहायशी इलाकों में फैलने से रोक लिया गया।
फिलहाल पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी आग लगने के कारणों की जांच में जुटे हुए हैं। वहीं, स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
