वन विभाग का कैंप हटा, दंतैल का तांडव शुरू! मझगांव में तबाही, 5 बच्चे मलबे में दबे
पश्चिमी सिंहभूम जिले के मझगांव प्रखंड में वन विभाग की टीम का कैंप हटते ही दंतैल हाथी ने फिर से कहर बरपा दिया। देर रात हाथी ने एक के बाद एक कई गांवों में हमला कर आधा दर्जन से अधिक घरों को ध्वस्त कर दिया। सबसे भयावह दृश्य चत्रीसाई गांव में देखने को मिला, जहां एक घर ढहने से पांच मासूम बच्चे मलबे में दब गए। गनीमत रही कि ग्रामीणों की तत्परता से सभी बच्चों को सुरक्षित निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया।
रात का सन्नाटा, हाथी की आहट और चीखें! मझगांव में दंतैल का खौफनाक तांडव
सोनापोसी पंचायत के बास्की गांव से शुरू हुआ दंतैल हाथी का तांडव चत्रीसाई और पाण्डुकी टोला तक फैल गया। रामसिंह चातार, काया चातार, सुखलाल पिगुंवा, प्रदीप हेंब्रम और हरिश विरुवा के घर हाथी ने तोड़ दिए। घरों में रखा अनाज भी हाथी चट कर गया। इस दौरान मुंगड़ी पिगुंवा और उनकी पत्नी संध्या को हाथी ने सूंड से पटक दिया, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए।
हाथी बनाम इंसान! मझगांव के बाद नीमडीह में फूटा गुस्सा, मुआवजे को लेकर आर-पार
लगातार हो रहे हाथी हमलों और नाकाफी मुआवजे से ग्रामीणों का सब्र टूटता नजर आ रहा है। टोंटो प्रखंड के नीमडीह गांव में ग्रामीणों ने वन विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है। 23 जनवरी को चाईबासा स्थित डीएफओ कार्यालय के समक्ष एकदिवसीय धरना प्रदर्शन का निर्णय लिया गया है।