Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
UP Police Constable Exam 2026: यूपी पुलिस कांस्टेबल लिखित परीक्षा का शेड्यूल जारी, 3 दिनों तक चलेगा ... Uttarakhand Madarsa Board: उत्तराखंड में मदरसा बोर्ड खत्म! अब 'अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण' तय करेगा... Bikram Majithia News: जेल से बाहर आते ही गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब पहुंचे मजीठिया, नतमस्तक होकर पर... Batala Murder Case: बटाला कत्ल मामले में पुलिस की बड़ी कामयाबी, हत्या की साजिश रचने वाला 'कपल' गिरफ्... Punjab Highway Accident: पंजाब में हाईवे पर स्कॉर्पियो का भीषण हादसा, 3 पुलिसकर्मियों समेत 6 लोग गंभ... Punjab Board Exam Update: कब शुरू होंगी PSEB 12वीं की परीक्षाएं? डेटशीट को लेकर आई बड़ी जानकारी, छात... Horrific Attack: घर से निकलते ही 13 साल के बच्चे पर खूंखार कुत्ते का हमला, लहूलुहान हुआ मासूम; चीखें... Punjab Governor Visit: पंजाब के 3 अहम जिलों के दौरे पर रहेंगे गवर्नर, प्रशासन ने कसी कमर; सुरक्षा के... Jalandhar Raid: जालंधर में शराब माफिया के ठिकाने पर बड़ी रेड, भारी पुलिस फोर्स ने घंटों खंगाला घर; इ... Crime Strike: बड़े शातिर चोर गिरोह का पर्दाफाश, पुलिस ने 6 आरोपियों को दबोचा; लाखों का माल बरामद

ईरान: आयतुल्ला खामेनेई का बड़ा फैसला, बेटे मसूद को बनाया सुप्रीम लीडर दफ्तर का प्रमुख; जानें वजह

अमेरिकी हवाई हमले की आशंका के बीच ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई अंडरग्राउंड बंकर में चले गए हैं. उन्होंने प्रशासनिक कामकाज की जिम्मेदारी अपने सबसे छोटे बेटे मसूद खामेनेई को सौंपी है. 53 साल के मसूद को अस्थायी तौर पर अहम फैसलों की निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है. मसूद को दफ्तर की जिम्मेदारी सौंपने के पीछे कई कारण माने जा रहे हैं.

भरोसे और वफादारी का सवाल

अमेरिकी हमले के खतरे के बीच खामेनेई को ऐसे व्यक्ति की जरूरत थी, जिस पर पूरी तरह भरोसा हो. बेटे पर भरोसा करना सत्ता के लिहाज से सबसे सुरक्षित विकल्प माना जाता है. मसूद आम तौर पर राजनीति और मीडिया से दूर रहते हैं. उनकी पहचान एक लो-प्रोफाइल, लेकिन प्रभावशाली प्रशासक की मानी जाती है.

रिपोर्ट के मुताबिक, वह अपने पिता से जुड़ी धार्मिक और राजनीतिक संस्थाओं के प्रशासनिक कामकाज में सक्रिय भूमिका निभाते हैं, जिनमें अयातुल्ला खामेनेई के विचारों और लेखन को संरक्षित करने वाले संस्थान और सुप्रीम लीडर की आधिकारिक वेबसाइट की देखरेख शामिल है.

सत्ता के भीतर संदेश

मसूद को जिम्मेदारी देकर खामेनेई ने यह संदेश दिया कि सत्ता की कमान अब भी परिवार के नियंत्रण में है. किसी बाहरी ताकत या अंदरूनी गुट को अचानक बढ़त नहीं मिलेगी. मसूद ने ईरान के कुम शहर स्थित हौज़ा इल्मिया से धार्मिक शिक्षा ली है, जो शिया इस्लाम का प्रमुख सेमिनरी केंद्र है. यहां उन्होंने इस्लामी कानून की पढ़ाई की. वह कुम के सेमिनरी शिक्षकों के संगठन के सदस्य हैं और शाहिद मोताहरी यूनिवर्सिटी जैसे संस्थानों में भी पढ़ा चुके हैं. मसूद की भूमिका मैनेजमेंट और शिक्षा वाली मानी जाती है.

उत्तराधिकार नहीं, अस्थायी व्यवस्था

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इसे उत्तराधिकार की औपचारिक तैयारी नहीं माना जा रहा. मसूद को सुप्रीम लीडर नहीं बनाया गया है, बल्कि यह एक अस्थायी और आपात व्यवस्था है, ताकि सिस्टम सुचारु रूप से चलता रहे.

खामेनेई की कुल 6 संतानें

खामेनेई की कुल छह संतानें हैं, जिनमें चार बेटे और दो बेटियां शामिल हैं. उनके बेटों के नाम मुजतबा खामेनेई, मुस्तफा खामेनेई, मसूद खामेनेई और मेयसम खामेनेई हैं, जबकि उनकी बेटियां बोशरा खामेनेई और होदा खामेनेई हैं. खामेनेई अपने पारिवारिक जीवन को आमतौर पर सार्वजनिक नजरों से दूर रखते हैं. दूसरे बड़े बेटे मुजतबा खामेनेई ईरान की सत्ता व्यवस्था में सबसे चर्चित चेहरा माने जाते हैं.