Raipur News: महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर शराब परोसने को लेकर भारी बवाल, कांग्रेस ने किया सड़क जाम; शासन-प्रशासन पर उठाए सवाल
रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजनीति में उस वक्त उबाल आ गया, जब राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर शराब की दुकानें खुली नजर आईं.एक तरफ दुनिया बापू को नमन कर रही थी, तो दूसरी तरफ रायपुर की सड़कों पर कांग्रेस कार्यकर्ता सरकार के इस फैसले के खिलाफ ‘जंग’ का ऐलान कर रहे थे. शहर जिला कांग्रेस कमेटी ने इसे बापू के आदर्शों की हत्या करार देते हुए राजधानी के चप्पे-चप्पे पर विरोध का बिगुल फूंक दिया.
भजन से प्रहार: सत्ता को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना
प्रदर्शन का नजारा तब दिलचस्प हो गया जब लाखेनगर और तत्यापारा की शराब दुकानों के बाहर कांग्रेसी नेताओं ने ‘गांधीगीरी’ दिखाई.हाथों में महात्मा गांधी की तस्वीर और होठों पर ‘रघुपति राघव राजा राम’ का भजन लेकर कांग्रेसियों ने सरकार की कार्यप्रणाली पर तंज कसा. कांग्रेस नेताओं ने दो टूक कहा कि जिस महापुरुष ने जीवन भर व्यसन मुक्ति की बात कही, उनकी पुण्यतिथि पर शराब परोसना सरकार की नैतिक गिरावट का प्रमाण है.
कालिख वाली क्रांति: कार्यकर्ताओं का फूटा गुस्सा
विरोध सिर्फ भजनों तक सीमित नहीं रहा, आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने सरकार की ‘ज़िद’ को चुनौती देते हुए शराब दुकानों के बोर्ड पर कालिख पोत दी. काले रंग को सरकार की संवेदनहीनता का प्रतीक बताते हुए प्रदर्शनकारियों ने बैनर-पोस्टर जलाए और जमकर नारेबाजी की. ट्रांसपोर्ट नगर से लेकर शहर के मुख्य इलाकों तक, कांग्रेस ने यह संदेश देने की कोशिश की कि वे गांधीवादी मूल्यों के अपमान को कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे.
सड़क से सदन तक ‘आर-पार’ की चेतावनी
इस विरोध प्रदर्शन में शहर अध्यक्ष श्रीकुमार शंकर मेनन, प्रमोद दुबे और विकास उपाध्याय जैसे कद्दावर नेताओं ने मोर्चा संभाला. नेताओं ने सीधे तौर पर चेतावनी दी है कि यह सिर्फ एक दिन का प्रदर्शन नहीं, बल्कि सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ एक बड़ी लड़ाई का आगाज है. कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर सरकार ने महापुरुषों के सम्मान और जनभावनाओं के साथ खिलवाड़ बंद नहीं किया, तो आने वाले दिनों में यह लड़ाई सदन के भीतर भी उतनी ही उग्र होगी.
प्रदर्शन में ये रहे शामिल
इस सियासी प्रदर्शन में श्रीनिवास बंशी कन्नौजे, प्रशांत ठेंगड़ी, सुयश शर्मा, विनोद ठाकुर, राहुल तिवारी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर सरकार के खिलाफ हुंकार भरी.