पंजाब में इन दिनों मौसम में बदलाव साफ नजर आ रहा है। जम्मू-कश्मीर क्षेत्र के ऊपर सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण उत्तर दिशा से ठंडी और नमी भरी हवाएं राज्य में प्रवेश कर रही हैं। हवा में नमी का स्तर अधिक होने से आसमान में बादल छाए हुए हैं और कई इलाकों में रात व सुबह के समय घना कोहरा देखने को मिल रहा है। खासकर पहाड़ी इलाकों से सटे जिलों में ठंड का असर ज्यादा महसूस किया जा रहा है।
दूसरी ओर, पश्चिमी राजस्थान में बने एंटी साइक्लोनिक सिस्टम की वजह से दक्षिणी हवाएं चल रही हैं। इसका प्रभाव पंजाब के उन जिलों में दिखाई दे रहा है जो राजस्थान की सीमा से लगे हुए हैं। इन क्षेत्रों में दिन के समय धूप निकल रही है, जिससे तापमान अन्य हिस्सों की तुलना में अधिक बना हुआ है। इसी कारण राज्य के अलग-अलग हिस्सों में तापमान में बड़ा अंतर दर्ज किया जा रहा है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिमी और उत्तरी पंजाब के जिलों में पहली बार लगभग 10 डिग्री सेल्सियस तक का तापमान अंतर देखने को मिल रहा है। उदाहरण के तौर पर, जहां अमृतसर में तापमान करीब 16 डिग्री दर्ज किया गया, वहीं फरीदकोट में यह 23 डिग्री से अधिक पहुंच गया।
इस बीच मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि 28 दिसंबर तक घने कोहरे का येलो अलर्ट रहेगा। इस दौरान सुबह, शाम और रात के समय दृश्यता काफी कम रहने की संभावना है, जिससे आम लोगों और वाहन चालकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। हालांकि इस बार अब तक की ठंड पिछले वर्ष की तुलना में कम रही है। पिछले साल इसी समय कई इलाकों में तापमान शून्य से नीचे चला गया था। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार बारिश न होने के कारण ठंड का असर फिलहाल कम है, लेकिन आने वाले दिनों में तापमान गिरने से शीत लहर का प्रकोप बढ़ सकता है और दिन के समय भी ठंड महसूस होने लगेगी।