जशपुर: कोतवाली थाना क्षेत्र के बालाछापर में मंगलवार सुबह एनएच पर 13 लाख रुपये की कथित लूट की सूचना से हड़कंप मच गया है. ट्रक नंबर CG-14 MT-6190 के ड्राइव राकेश सुभाष देवकुमार ने दावा किया है कि झारखंड के रांची से आलू लादकर जशपुर लौटते समय उसके पास रखे 13 लाख रुपये चार अज्ञात बदमाश लूटकर फरार हो गए. घटना की जानकारी मिलते ही जशपुर पुलिस सक्रिय हो गई, लेकिन जांच के दौरान ड्राइवर के बयान में आए कई विरोधाभासों ने मामले को संदिग्ध बना दिया है.
ट्रक चालक ने बताया लूट कैसे हुई
ट्रक चालक राकेश के अनुसार वह रांची में ट्रक मालिक के देनदारों से रुपए वसूलकर जशपुर लौट रहा था. सुबह लगभग 6 बजे बालाछापर के पास उसने टॉयलेट जाने के लिए ट्रक रोका और नीचे उतरा. इसी दौरान पीछे से एक कार आकर रुकी, जिसमें से उतरकर चार युवक उस पर टूट पड़े. चालक का आरोप है कि हमलावरों ने उसे डंडे और पत्थर से पीटा, हाथ-पैर बांधे और जमीन पर गिराकर ट्रक में रखा 13 लाख कैश व मोबाइल फोन लूटकर फरार हो गए.
घटना की सूचना मिलते ही एसएसपी शशि मोहन सिंह, एसडीओपी, कोतवाली पुलिस बल और साइबर सेल की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया. पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जुटानी शुरू की. मोबाइल डंप डेटा भी ट्रेस किया जा रहा है, साथ ही, संदेह के आधार पर संभावित संदिग्धों और वाहन की तलाश में पुलिस की टीमें झारखंड की ओर रवाना की गई हैं.
ड्राइवर के बयान पर पुलिस को संदेह
हालांकि विवेचना आगे बढ़ने पर पुलिस ने चालक के बयान में गंभीर विरोधाभास पाए हैं. एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि चालक ने दावा किया कि उसके हाथ पीछे बांधे गए थे, लेकिन बाद में उसने कहा कि हाथ सामने बांधे गए थे. उसने हमलावरों द्वारा डंडे और पत्थर से हमला करने की बात कही थी, जबकि मेडिकल परीक्षण में उसके शरीर पर किसी भी प्रकार की चोट, लाल निशान, खरोंच या सूजन नहीं पाई गई. इसके विपरीत उसने यह भी कहा कि हमलावरों ने उसे जमीन पर पटककर घसीटा, लेकिन उसके कपड़ों पर न मिट्टी के चिन्ह मिले, न ओंस का नमी निशान, जो सुबह के समय अवश्य पाया जाना चाहिए था.
इसके अलावा, जांच के दौरान पुलिस को विवादित जानकारी यह भी मिली कि जिस रस्सी से बांधने का दावा किया गया था, वह चालक ने स्वयं ट्रक के ऊपर से उतारकर पुलिस को दी, जो संदेह को और बढ़ाता है. मोबाइल लूटने की बात के बावजूद चालक का मोबाइल फोन पुलिस को डोडकचौरा ढाबा के पास सड़क किनारे गिरा हुआ मिला, जिससे यह स्पष्ट नहीं हो सका कि फोन वास्तव में लुटेरों ने गिराया या चालक ने स्वयं गिराया.
जांच अधिकारियों के अनुसार फिलहाल पुलिस इस प्रकरण को लूट मानते हुए आगे बढ़ रही है, लेकिन चालक के विरोधाभासी बयानों को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता. पुलिस की दृष्टि में यह मामला दो संभावनाओं में उलझा है — वाकई लूट की घटना घटित हुई या चालक द्वारा स्वयं कहानी गढ़कर राशि गायब करने का प्रयास किया गया.
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा
“मामले में पुलिस सभी एंगल से जांच कर रही है. हमारी कोशिश है कि अगर ऐसी घटना हुई है तो दोषियों को जल्द से जल्द पकड़ा जा सके. बयान में आए विरोधाभासों को भी गंभीरता से जांच के दायरे में लिया गया है. “
मामले ने अब जशपुर पुलिस के सामने चुनौतीपूर्ण मोड़ ले लिया है. आगे आने वाले दिनों में पुलिस जांच यह स्पष्ट करेगी कि यह मामला संगठित लूट का है या पर्दे के पीछे कोई और कहानी छिपी हुई है. फिलहाल पुलिस वैज्ञानिक व तकनीकी विश्लेषण, बयान मिलान और संदिग्ध गतिविधियों को केंद्र में रखकर तेजी से काम कर रही है.
नकली सोने की बिस्किट दिखाकर दिखाकर 10 लाख ठगी का खुलासा
जशपुर पुलिस ने थाना लोदाम में नकली सोने का बिस्किट दिखाकर 10 लाख की ठगी की कोशिश करने वाले आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है. मामला थाना लोदाम क्षेत्रांतर्गत ग्राम साईंटांगर टोली निवासी प्रार्थी फिरोज हजाम की रिपोर्ट से जुड़ा है. आरोपियों ने प्रार्थी को वीडियो कॉल के माध्यम से सोने का बिस्किट दिखाया और 10 लाख रुपये में सौदा तय करते हुए 10 हजार रुपये एडवांस लिया. लेकिन जब सुनार ने बिस्किट की जांच की तो वह नकली निकला. जिसके बाद पीड़ित ने इसकी शिकायत पुलिस में की. जिसके बाद पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.