रायपुर: छत्तीसगढ़ में जमीनों की रजिस्ट्री और गाइडलाइन दरों में बेतहाशा वृद्धि के खिलाफ मंगलवार को प्रदेश के सभी जिलों मे आम आदमी पार्टी ने धरना प्रदर्शन कर विरोध जताया. इसके साथ ही प्रदेश के वित्तमंत्री ओपी चौधरी का पुतला दहन किया है.
जमीन की नई गाइडलाइन दरों का विरोध
राजधानी रायपुर में यह धरना प्रदर्शन रायपुर नगर निगम के पास किया गया. इस दौरान आम आदमी पार्टी और पुलिस के बीच थोड़ी झूमाझटकी भी देखने को मिली. आप कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार के इस फैसले से न सिर्फ जमीन का कारोबार खत्म होगा बल्कि गरीबों, किसानों, मध्यवर्गीय परिवार की जमीन खरीद कर मकान बनाने का सपना टूट जायेगा. 80 प्रतिशत जनता 500, 1000 और 1500 स्क्वॉयर फीट जमीन खरीदती हैं लेकिन कलेक्टर गाइडलाइन दर बढ़ने से अब उनका जमीन मकान खरीदना नामुमकिन हो जायेगा. किसान अपनी खेती जमीन ना खरीद पायेगा और ना ही जरूरत आने पर जमीन बेच पायेगा.
आम आदमी पार्टी का विरोध प्रदर्शन, सरकार पर आरोप
आम आदमी पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष उत्तम जायसवाल ने कहा कि सरकार ने जमीनों की रजिस्ट्री और गाइडलाइन दरों में बेतहाशा वृद्धि की है. यह जन विरोधी फैसले ले रही है. यह बहुत ही गलत है. आम आदमी पार्टी के सभी साथी विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. अगर सरकार इस फैसले को वापस नहीं लेती है तो इस तरह के प्रदर्शन हम रोज करेंगे. यह तुगलकी फरमान सरकार जब तक वापस नहीं लेती है हम अपना आंदोलन उग्र रूप में करेंगे.
आप नेता ने आरोप लगाया कि दुर्ग में जमीन की खरीदी बिक्री करने वाले हजारों लोग पिछले 7 दिनों से नई कलेक्टर गाइडलाइन दर के खिलाफ आंदोलन कर रहे थे, उनका आंदोलन शांतिपूर्ण था. लेकिन पुलिस द्वारा बर्बरतापूर्वक लाठी चार्ज किया गया. जिससे स्पष्ट है कि सरकार ने यह तानाशाही फरमान जारी किया है. जो भी इसके खिलाफ विरोध कर रहे हैं उनको लाठी के बल पर दबाया जा रहा है. सरकार को जल्द ही इस बढ़ी हुई जमीन गाइडलाइन दर को वापस लेना चाहिए. सरकार बढ़ी हुई गाइडलाइन दरें कम नहीं करती है तो आम आदमी पार्टी आने वाले दिनों में उग्र प्रदर्शन के लिए बाध्य होगी.