Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
UP Police Constable Exam 2026: यूपी पुलिस कांस्टेबल लिखित परीक्षा का शेड्यूल जारी, 3 दिनों तक चलेगा ... Uttarakhand Madarsa Board: उत्तराखंड में मदरसा बोर्ड खत्म! अब 'अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण' तय करेगा... Bikram Majithia News: जेल से बाहर आते ही गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब पहुंचे मजीठिया, नतमस्तक होकर पर... Batala Murder Case: बटाला कत्ल मामले में पुलिस की बड़ी कामयाबी, हत्या की साजिश रचने वाला 'कपल' गिरफ्... Punjab Highway Accident: पंजाब में हाईवे पर स्कॉर्पियो का भीषण हादसा, 3 पुलिसकर्मियों समेत 6 लोग गंभ... Punjab Board Exam Update: कब शुरू होंगी PSEB 12वीं की परीक्षाएं? डेटशीट को लेकर आई बड़ी जानकारी, छात... Horrific Attack: घर से निकलते ही 13 साल के बच्चे पर खूंखार कुत्ते का हमला, लहूलुहान हुआ मासूम; चीखें... Punjab Governor Visit: पंजाब के 3 अहम जिलों के दौरे पर रहेंगे गवर्नर, प्रशासन ने कसी कमर; सुरक्षा के... Jalandhar Raid: जालंधर में शराब माफिया के ठिकाने पर बड़ी रेड, भारी पुलिस फोर्स ने घंटों खंगाला घर; इ... Crime Strike: बड़े शातिर चोर गिरोह का पर्दाफाश, पुलिस ने 6 आरोपियों को दबोचा; लाखों का माल बरामद

मोन्था चक्रवात से हुई बारिश ने बढ़ाई किसानों की चिंता, धान की फसल बर्बाद,प्रशासन से मांगी मदद

कोरिया/एमसीबी : कोरिया और एमसीबी जिले में बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. धान की पकी फसल खेत में खड़ी है,लेकिन बारिश के कारण काटने का समय नहीं मिल रहा.वहीं जो फसल कटने के बाद खलिहान में रखी हुई है, वो अब बारिश से भीग चुकी है. जिससे अब किसानों को धान खराब होने का डर सताने लगा है.

भारी बारिश हुई तो नुकसान तय : आपको बता दें कि चक्रवाती तूफान मोन्था के असर से उत्तर छत्तीसगढ़ के कोरिया और एमसीबी जिले में भारी बारिश हुई. मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों तक भारी बारिश की संभावना है. जिससे धान की फसल को नुकसान हो सकता है. हालांकि सरसों और आलू की फसल को बारिश से फायदा होगा.

मौसम विभाग ने दिए बारिश के संकेत : मौसम विभाग के अनुसार 2 नवंबर से बारिश बंद होने का पूर्वानुमान है.रविवार से बादल छंटने लगेंगे, जिससे तापमान में गिरावट आएगी.कोरिया और एमसीबी में तेजी से तापमान में गिरावट के आसार हैं. किसानों की चिंता है कि यदि बारिश जारी रही, तो उनकी फसल पूरी तरह से खराब हो जाएगी. इससे उन्हें आर्थिक नुकसान होगा और उनके परिवार की आजीविका पर असर पड़ेगा.

जोलगी गांव के किसान शिवकरण यादव के पास 25 एकड़ जमीन पर धान की फसल लगी है. लेकिन बारिश के कारण अब उनकी फसल खराब होने के कगार पर है. कुछ खेत में धान कटने के पहले ही खराब हो गई थी. जबकि कुछ धान कटने के बाद आंगन में बारिश के कारण सड़ रही है.

मेरा लगभग सवा लाख रुपये का नुकसान हो रहा है. हमने प्रशासन से मांग की है कि उन्हें इस नुकसान के लिए मुआवजा दिया जाए ताकि वे अपने परिवार का पालन-पोषण कर सकें- शिवकरण यादव,किसान

वहीं किसान पूरन सिंह ने बताया कि उनके खेत में कटे हुए फसल बारिश की वजह से सड़ रही है. उनकी 10 एकड़ की खेती पूरी तरह से खराब हो गई है, जिससे उन्हें भारी नुकसान हो रहा है.

खेत में धान काटकर रखी गई थी,लेकिन बारिश की वजह से वह सड़ रही है. इसके अलावा खड़ी फसल भी बारिश से बर्बाद हो गई. बारिश की वजह से सब्जी भाजी की खेती भी बंद है. परिवार की आजीविका पर असर पड़ रहा है – पूरन सिंह, किसान

वहीं किसान रामगोपाल सिंह का कहना है कि ग्राम पंचायत तोजा में अधिकांश किसानों की धान की फसल खराब हो गई है. बारिश के कारण फसल सड़ गई हैं और किसानों को भारी नुकसान हो रहा है. वहीं ग्राम पंचायत के सरपंच पति ने बताया कि लगातार वर्षा हो रही है. जिससे फसलों को भारी नुकसान हुआ है. बारिश के कारण घर भी गिर गए हैं.

ग्राम पंचायत तोजा की जनसंख्या लगभग 1200 है. यहां के सभी किसानों की फसल पानी भरने के कारण खराब हो गई हैं. ग्रामीणों को अपनी फसलों की सुरक्षा और भविष्य की चिंता सता रही है. हमने प्रशासन से उचित मुआवजा देने की मांग की है – सरपंच, तोजा ग्राम पंचायत

किसान कैसे ले सकते हैं मुआवजा ?: वहीं बारिश के कारण फसल बर्बाद होने पर कोरिया के कृषि अधिकारी राजेश कुमार भारती ने बताया कि कोरिया में 32 हजार हेक्टेयर में किसानों ने धान की फसल लगाई है. बेमौसम बारिश से होने वाले नुकसान के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत पंजीकृत किसान बीमा कंपनी को सूचित कर सकते हैं.

किसानों के लिए टोल फ्री नंबर 14477 उपलब्ध है, जिस पर संपर्क कर वे अपने नुकसान की जानकारी दे सकते हैं. इससे वे निर्धारित मुआवजा राशि का लाभ उठा सकेंगे – राजेश कुमार भारती, कृषि अधिकारी

राजेश कुमार भारती ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत पंजीकृत किसान बीमा कंपनी को सूचित कर अपने नुकसान का मुआवजा प्राप्त कर सकते हैं. उन्होंने किसानों से अपील की है कि वे अपने नुकसान की जानकारी तुरंत बीमा कंपनी को दें और मुआवजा राशि का लाभ उठाएं.