अगर आपने अभी तक अपना इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल नहीं किया है तो ये खबर आपके लिए बेहद जरूरी है. 15 सितंबर 2025 को ITR फाइल करने की आखिरी तारीख है. पहले ये डेडलाइन 31 जुलाई थी, जिसे बढ़ाकर 15 सितंबर कर दिया गया था. ऐसे में अब सिर्फ कुछ घंटे बाकी हैं और लाखों टैक्सपेयर्स पोर्टल पर जुटे हैं ताकि अपनी फाइलिंग समय पर पूरी कर सकें. अगर आप अभी तक इस काम को टाल रहे हैं तो सावधान हो जाइए, क्योंकि देर होने पर आपको भारी लेट फीस और अन्य परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है.
ITR फाइल करते वक्त ये दिक्कतें आ रही हैं
हर साल की तरह इस बार भी आखिरी दिन पोर्टल पर भारी भीड़ के कारण सर्वर स्लो हो रहा है. कई लोगों ने सोशल मीडिया पर शिकायत की है कि फॉर्म डाउनलोड करने में दिक्कत हो रही है या वेबसाइट बार-बार हैंग हो जाती है. कई यूजर्स ने डेडलाइन बढ़ाने की मांग की है, लेकिन इनकम टैक्स विभाग ने साफ किया है कि अभी कोई भी तारीख बढ़ाने का फैसला नहीं लिया गया है. विभाग ने यह भी कहा कि जो खबरें डेडलाइन बढ़ाने की चल रही हैं, वे पूरी तरह गलत हैं और अफवाह हैं. इसलिए अगर आपने अभी तक फाइलिंग नहीं की तो समय रहते इसे पूरा करें.
कौन सा ITR फॉर्म आपके लिए सही?
इनकम टैक्स विभाग ने टैक्सपेयर्स की विभिन्न श्रेणियों के लिए अलग-अलग ITR फॉर्म जारी किए हैं. आपको सही फॉर्म चुनना जरूरी है ताकि आपकी फाइलिंग सही ढंग से हो सके.
- ITR-1 (सहज): उन लोगों के लिए जो 50 लाख रुपए तक की आय रखते हैं.
- ITR-2: वे लोग और HUF जिनकी आय बिजनेस या प्रोफेशन से नहीं है और ITR-1 में शामिल नहीं होते.
- ITR-3: उन लोगों के लिए जिनकी आय बिजनेस या प्रोफेशन से है.
- ITR-4: छोटे व्यवसाय और प्रोफेशनल जिनकी आय 50 लाख तक है और कैपिटल गेन 1.25 लाख तक है.
- ITR-V: यह फॉर्म फाइलिंग के बाद जनरेट होने वाला सिर्फ acknowledgement है.
ITR फाइल करने का स्टेप-बाय-स्टेप तरीका
रिटर्न फाइल करने के लिए सबसे पहले इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल www.incometax.gov.in पर जाएं. वहां अपने पैन नंबर और पासवर्ड से लॉगिन करें. इसके बाद सही आईटीआर फॉर्म चुनें. फिर e-File में मौजूद Income Tax Return का विकल्प चुनें. अगले स्टेप में आपके Form 26AS और Annual Information Statement (AIS) अपने आप भर जाएंगे, जिन्हें ध्यान से देखें. अगर कोई जानकारी गलत हो तो उसे एडिट करें. इसके बाद अपने Form 16 को भी ध्यान से क्रॉस चेक करें और फिर फॉर्म सबमिट कर दें. ध्यान रखें कि केवल फाइल करना ही काफी नहीं है, आपको ई-वेरीफाई भी करना होगा. ई-वेरीफिकेशन आधार OTP, नेटबैंकिंग या डिजिटल सिग्नेचर से किया जा सकता है.
देर से फाइल करने पर कितना जुर्माना लगेगा?
अगर आप 15 सितंबर के बाद फाइल करते हैं तो आपकी रिटर्न बेलेटेड रिटर्न मानी जाएगी और आप पर लेट फीस लगेगी.
- जिनकी आय 5 लाख रुपए से ज्यादा है, उन्हें 5000 रुपये का जुर्माना देना होगा.
- जिनकी आय 5 लाख रुपए तक है, उन्हें 1000 रुपये का जुर्माना भरना होगा.
इसके अलावा देरी से फाइलिंग पर ब्याज भी लग सकता है और कई टैक्स छूटों का लाभ भी खो सकते हैं.
ITR फाइलिंग के लिए जरूरी दस्तावेज
आखिरी वक्त पर भागमभाग न हो इसलिए पहले से ये दस्तावेज तैयार रखें.
- PAN और Aadhaar कार्ड
- बैंक अकाउंट डिटेल्स और IFSC कोड
- सैलरी पाने वालों के लिए Form 16
- Form 26AS और Annual Information Statement (AIS)
- निवेश और बीमा से जुड़े प्रूफ
- किराए का बिल या होम लोन डॉक्यूमेंट (यदि क्लेम कर रहे हों)
- कैपिटल गेन स्टेटमेंट (अगर लागू हो)
समय पर ITR फाइलिंग क्यों है जरूरी?
ITR फाइल करना सिर्फ टैक्स की ड्यूटी पूरी करना नहीं, बल्कि ये आपकी आमदनी का प्रमाण भी है. यह लोन, क्रेडिट कार्ड, वीजा अप्लाई करने में सहायक होता है. साथ ही समय पर फाइलिंग से जुर्माने से बचा जा सकता है और टैक्स रिफंड भी जल्दी मिलता है.