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झारखंड-महाराष्ट्र से जम्मू-कश्मीर तक… पानी के विकराल रूप से दहशत में लोग

जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कई इलाकों में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में जोरदार बारिश हो रही है. बारिश के कारण चारधाम यात्रा भी प्रभावित हो रही है. झारखंड के लोहरदगा और आस पास के इलाकों में लगातार भारी बारिश हो रही है. इसकी वजह से सभी नदियां उफान पर हैं. प्रशासन की तरफ से अपील की गई है कि जरूरी ना हो तो नदी किनारे जाने से लोग बचें.

झारखंड में एक शख्स रांची-लोहरदगा एनएच-143 एजी पर भोक्ता नदी के पुल को पार करने की कोशिश कर रहा था. इस दौरान वह बाइक समेत बहता चला गया और पुल के किनारे फंस गया. मुश्किल में फंसे बाइक सवार ने शोर मचाया तो आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और जान जोखिम में डालकर उसको बचाया.

रुद्रप्रयाग जिले में बारिश

उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में बारिश के कारण केदारनाथ यात्रा प्रभावित हो रही है. सोनप्रयाग शटल पुल और मुनकटिया के पास स्लाइडिंग जोन में रास्ते पर लगातार मलबा और पत्थर गिरने से यात्रियों की आवाजाही पूरी तरह से बाधित हो गई है. पुलिसकर्मी लगातार सीटी बजाकर यात्रियों का मार्गदर्शन कर रहे हैं. पुलिस की तरफ से पैनी नजर भी रखी जा रही है. ताकि यात्रा में कोई बाधा ना पहुंचे और कोई अनहोनी ना हो.

गौरीकुंड से बाबा केदारनाथ धाम तक का लगभग 24 किलोमीटर लंबा दुर्गम पैदल ट्रैक तय कर श्रद्धालु बाबा केदारनाथ के दर्शन को पहुंच रहे हैं. खराब मौसम और रास्ते में आ रहे मलबे के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था की डोर अडिग है. हालांकि मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे तक बारिश की चेतावनी जारी की है. मौजूदा स्थिति को देखते हुए लग रहा है कि अगर बारिश हुई तो स्थिति और बिगड़ सकती है. ऐसे में श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि वे मौसम विभाग के पूर्वानुमान पर नजर बनाए रखें.

बारिश का सबसे ज्यादा असर केदारनाथ यात्रा पर देखने को मिल रहा है. रुद्रप्रयाग जिले में बीते तीन दिनों से रुक-रुक कर बारिश हो रही है. तेज बारिश के कारण केदारनाथ यात्रा का मुख्य पड़ाव सोनप्रयाग-मुनकटिया मार्ग भी भूस्खलन के कारण कई स्थानों पर अवरुद्ध हो गया है. प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए केदारनाथ जाने वाले सभी यात्रियों को सोनप्रयाग में ही रोक दिया है. साथ ही प्रशासन ने केदारनाथ से नीचे लौट रहे यात्रियों के सुरक्षित रेस्क्यू के लिए भी एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और डीडीआरएफ की टीमें तत्काल मौके पर रवाना की हैं.

वर्धा जिले भी भारी बारिश

महाराष्ट्र के वर्धा जिले भी भारी बारिश हुई है. इस बीच देवली तालुका के डिगडोह गांव से हैरान करने वाली तस्वीर आई. नागजारी गांव के रहने वाले 10वीं कक्षा का छात्र और उसके दो साथी स्कूल से लौटते वक्त नदी पार कर रहे थे. तेज बारिश और यशोदा नदी पर बन रहे अधूरे पुल के कारण पानी काफी ज्यादा हो गया. नदी में तेज बहाव देख तीनों छात्र एक ऊंचे श्मशान घाट के शेड पर चढ़ गए और लोगों से मदद मांगी. स्थानीय प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत SDRF को बुलाया. रस्सियों की मदद से एक कठिन रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया और तीनों बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया.

कठुआ में बाढ़ से भारी तबाही

जम्मू-कश्मीर के कठुआ में भी बाढ़ से भारी तबाही मची है. बाढ़ के बीच नदी में फंसे दो लोगों का रेस्क्यू किया गया. कठुआ के हीरानगर के खंदवाल, कोटपुन्नू इलाके में कुछ लोग दरिया में मछली पकड़ने गए थे. इस दौरान दो लोग बाढ़ में फंस गए. इसकी सूचना स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन को दी. इसके बाद रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया. तेज बहाव के बीच ये रेस्क्यू ऑपरेशन काफी मुश्किल था लेकिन पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दोनों लोगों को दरिया से निकाला गया.

जम्मू कश्मीर के रामबन में भी भारी बारिश के कारण चिनाब नदी का जलस्तर बढ़ गया है. जलस्तर बढ़ने से बगलिहार जलविद्युत परियोजना ओवरफ्लो हो गई है. हालात को देखते हुए प्रशासन अलर्ट है. उनका कहना है कि वो हर तरह से हालात से निपटने के लिए तैयार हैं. प्रशासन के आश्वासन के बावजूद चिनाब नदी का जलस्तर बढ़ने से आस पास के इलाकों में लोग डरे हुए है. पिछले महीने भी रामबन समेत जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में भारी बारिश हुई थी, जिसके बाद डैम का जलस्तर तेजी से बढ़ गया था. इसके बाद डैम के दरवाजे खोलने पड़े थे.