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  • Crime Update: बेकाबू ‘काली गाड़ी’ ने मचाया कोहराम! युवक को कुचला, पुलिस टीम पर भी हमला; आरोपी फरार

    Crime Update: बेकाबू ‘काली गाड़ी’ ने मचाया कोहराम! युवक को कुचला, पुलिस टीम पर भी हमला; आरोपी फरार

    रांचीः राजधानी रांची में सोमवार देर रात से लेकर मंगलवार अहले सुबह तक एक काले रंग की गाड़ी में सवार दो युवक मौत बनकर खुली सड़कों पर घूमते रहे. इस दौरान दोनों ने एक किन्नर के दोनों पैर पर गाड़ी चढ़ाकर तोड़ दिए और एक युवक को अधमरा कर सड़क पर फेंक दिया. दोनों ने दुःसाहस दिखाते हुए पुलिस पर भी हमला किया, जिसके बाद पुलिस ने फायरिंग कर उन दोनों उत्पातियों को न्यूट्रलाइज किया.

    रांची के कचहरी से मांडर तक आतंक!

    सोमवार देर रात किसी व्यक्ति के द्वारा डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी गई की ब्लैक रंग की एक बोलेरो कार (JH 01FD 52XX) में दो युवक सवार हैं. उन्होंने एक किन्नर को अपनी गाड़ी से कुचल दिया है और एक युवक की हत्या कर उसका शव अपने वाहन में लेकर भाग गए हैं. इसकी जानकारी मिलते ही पूरी रांची पुलिस अलर्ट पर आ गई. सबसे पहले पुलिस की एक टीम ने सड़क पर घायल पड़े किन्नर को अस्पताल पहुचाया और बाकी टीम उस ब्लैक बोलेरो की तलाश में जुट गई.

    इसी बीच कोतवाली डीएसपी प्रकाश सोय को यह सूचना मिली कि ब्लैक कार कांके रिंग रोड की तरफ दिखाई पड़ी है. पूरी पुलिस टीम कांके रिंग रोड की तरफ दौड़ पड़ी. ब्लैक कार को खोज लिया गया. पुलिस ने आनन-फानन में कार को रोकने के लिए बैरिकेटिंग कर डाली लेकिन कार सवार दोनों युवक पूरे बैरिकेटिंग को तहस-नहस कर वहां से फरार हो गए. इस दौरान पहली बार पुलिस टीम को भी वाहन से कुचलने की कोशिश की गई.

    चार बार पुलिस की टीम को कुचलने की कोशिश

    कोतवाली डीएसपी प्रकाश सोय ने बताया कि रात के ढाई बजे से पुलिस ने ब्लैक बोलेरो का पीछा करना शुरू किया. इस दौरान रांची के कचहरी चौक से लेकर कांके रिंग रोड, तिलता चौक से लेकर मांडर और नगड़ी तक ब्लैक बोलेरो को पकड़ने के लिए घेराबंदी की गई. इस दौरान चार बार पुलिस वालों को ही कुचलने की कोशिश की गई. पुलिस के कुछ वाहनों को जबरदस्त टक्कर भी मारी गई.

    अंत में किया गया फायर

    कोतवाली डीएसपी प्रकाश सोय ने बताया कि ब्लैक कार को रोकने के लिए कई बार प्रयास किया गया लेकिन जब लगा कि अब अगर उन्हें न्यूट्रिलाइज नहीं किया गया तो पुलिस के साथ साथ कई आम लोग भी उनका शिकार हो सकते हैं. पुलिस की टीम अलर्ट हुई और एक बार फिर ब्लैक कार की घेराबंदी कर उन्हें रुकने के लिए कहा गया. लेकिन पुलिस की चेतावनी को अनसुना कर पुलिस को एक बार फिर कुचलने के लिए ब्लैक कार आगे बढ़ चली. जिसके बाद पुलिस के पास फायरिंग के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा. पुलिस ने अपनी तरफ तेज रफ्तार से आ रही कार के टायर को निशाना बना फायर करना शुरू किया. गोली चलता देख भी ब्लैक कार सवार युवक नहीं माने, जिसके बाद पुलिस ने कार पर भी फायर कर दिया.

    एक को कमर में लगी गोली

    पुलिस की फायरिंग में कार में ड्राइवर की सीट में बैठे युवक को गोली लगी. जिसके बाद पुलिस ने कार को अपने कब्जे में किया और दोनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया. जिस युवक को गोली लगी है उसका नाम इश्तियाक बताया जा रहा है फिलहाल उसका इलाज अस्पताल में चल रहा है. वहीं दूसरा आरोपी गुलफाम है जो रांची के नगड़ी इलाके का रहने वाला है. रांची पुलिस ने ब्लैक कार को जब्त कर लिया है. वहीं जिस युवक की हत्या की सूचना पुलिस को मिली थी वह घायल अवस्था में रांची के नागा बाबा खटाल के पास मिला. उसकी पहचान कॉलेज के छात्र बंटी कुमार के रूप में हुई है. उसकी स्थिति गंभीर है और सदर अस्पताल में उसका इलाज पुलिस की देखरेख में किया जा रहा है.

    किन्नरों के साथ पी शराब, फिर हुई लड़ाई

    रांची पुलिस के अनुसार इश्तियाक और गुलफाम ने रांची के कचहरी चौक स्थित एक बार में किन्नरों के साथ शराब पी, इसी दौरान दोनों का किन्नर से किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया. जिसके बाद इश्तियाक और गुलफाम ने किन्नर को बीच सड़क पर उठाकर फेंक दिया और उसे अपने वाहन से कुचल दिया. किन्नर के पैर टूट गए हैं उसका इलाज अस्पताल में चल रहा है. इसी बीच मौके पर मौजूद बंटी कुमार ने बीच बचाव की कोशिश की तो उसे इश्तियाक और गुलफाम ने पकड़ लिया और कचहरी चौक स्थित स्टेट बैंक के पास उसे बुरी तरह से पीटा यहां तक कि उसके सिर को कई बार सड़क के डिवाइडर से भी टकरा-टकरा कर मारा. जब बंटी के दोस्त उस तरफ बढ़े तब गुलफाम और इश्तियाक ने बंटी को अपने वाहन में बैठा लिया और उसे लेकर फरार हो गए. इस घटना के बाद ही बंटी के दोस्तों के द्वारा रांची पुलिस को डायल 112 पर सूचना दी गई जिसके बाद पुलिस अलर्ट हुई.

  • Jayant Singh Murder Case: जयंत सिंह हत्याकांड के आरोपी पर बड़ी कार्रवाई; अवैध ठिकाने पर चला बुलडोजर, अपराधियों को देता था पनाह

    Jayant Singh Murder Case: जयंत सिंह हत्याकांड के आरोपी पर बड़ी कार्रवाई; अवैध ठिकाने पर चला बुलडोजर, अपराधियों को देता था पनाह

    बोकारो: जयंत सिंह हत्याकांड के मुख्य आरोपी और जेल में बंद विनोद कुमार (उर्फ विनोद खोपड़ी) के सेक्टर-6 स्थित अवैध निर्माण को बोकारो स्टील लिमिटेड (बीएसएल) के संपदा न्यायालय के आदेश पर आज बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया. इस कार्रवाई के दौरान बीएसएल के टाउन एंड एडमिनिस्ट्रेशन (टीए) विभाग के जीएम, डीएसपी और मजिस्ट्रेट मौजूद रहे.

    बोकारो स्टील प्लांट की जमीन पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई

    सिटी डीएसपी आलोक रंजन ने मौके पर बताया कि विनोद कुमार एक आपराधिक तत्व है, जिसके खिलाफ 20 से अधिक मामले दर्ज हैं और वह वर्तमान में जेल में बंद है. उन्होंने कहा कि सेक्टर-6 में विनोद कुमार द्वारा अवैध रूप से बनाया गया निर्माण एक पनाहगाह के रूप में इस्तेमाल होता था, जहां उनके संरक्षण में रहने वाले लोग ठहरते थे. आज न्यायालय के आदेश पर इस जगह को ध्वस्त किया जा रहा है. यह एक स्पष्ट संदेश है कि जो भी गलत काम करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी.

    बीएसएल के जनरल मैनेजर ने दी जानकारी

    नगर सेवा भवन के जनरल मैनेजर एके सिंह ने बताया कि इस जमीन पर बने अवैध निर्माण को लेकर बार-बार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं. उसी के आधार पर बोकारो स्टील ने केस दायर किया और उचित प्रक्रिया के तहत इसे हटाने का आदेश प्राप्त हुआ. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह बोकारो स्टील की जमीन है. बीएसएल की जमीन पर कोई भी अवैध निर्माण होता है, तो एक निर्धारित प्रक्रिया के तहत उसे हटाया जाता है. विनोद कुमार का यहां अवैध कब्जा था. इस कब्जे को लेकर संपदा न्यायालय में मामला चल रहा था और आज इसे तोड़ने का कार्य किया जा रहा है.

    उन्होंने आगे कहा कि जहां भी सेल (बीएसएल) की जमीन पर अतिक्रमण होगा, उसे हटाने का काम नगर सेवा विभाग करेगा. यह एक रूटीन प्रक्रिया है और बीएसएल अपनी जमीन पर अतिक्रमण हटाने के लिए नियमित रूप से कार्रवाई करता है.

    विनोद कुमार के समर्थकों का विरोध और प्रतिक्रिया

    विनोद कुमार के समर्थकों का कहना है कि यह स्थान एक ऑफिस था, जहां गरीब और दबे-कुचले लोगों की आवाज उठाई जाती थी. उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम चुनाव चल रहे हैं और विनोद कुमार चुनाव लड़ रहे हैं, इसलिए जनता की आवाज को कुचलने का प्रयास किया जा रहा है. बोकारो की जनता सब देख रही है. समर्थकों ने बीएसएल से 5 दिनों की मोहलत मांगी थी, लेकिन नहीं मिलने पर उन्होंने कहा कि वे न्यायालय का सम्मान करते हैं और चल रही कार्रवाई का कोई विरोध नहीं करेंगे.

  • Big Decision: छह सप्ताह में होगी लोकायुक्त की नियुक्ति, सभी ट्रिब्यूनल में अध्यक्ष और सदस्य भी होंगे बहाल; शासन का बड़ा कदम

    Big Decision: छह सप्ताह में होगी लोकायुक्त की नियुक्ति, सभी ट्रिब्यूनल में अध्यक्ष और सदस्य भी होंगे बहाल; शासन का बड़ा कदम

    रांचीः झारखंड में लोकायुक्त के अलावा सभी ट्रिब्यूनल में अध्यक्ष और सदस्यों के पदों पर नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है. इससे जुड़ी याचिका पर सुनवाई के दौरान राज्य के महाधिवक्ता राजीव रंजन ने कोर्ट को बताया कि इस दिशा में काम चल रहा है और छह सप्ताह के भीतर लोकायुक्त की नियुक्ति कर ली जाएगी. सरकार का पक्ष सुनने के बाद खंडपीठ ने मामले की विस्तृत सुनवाई के लिए 17 मार्च की तारीख तय कर दी है. इस मामले की जानकारी अधिवक्ता धीरज कुमार ने दी है.

    वर्षों से रिक्त है लोकायुक्त का पद

    दरअसल, लोकायुक्त का पद साल 2021 से रिक्त है. साथ ही कई ट्रिब्युनल में अध्यक्ष और सदस्यों का पद भी खाली पड़ा है. इसको लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर है. आज चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ में सुनवाई हुई. कोर्ट ने नियुक्ति में विलंब का कारण पूछा. जवाब में महाधिवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है. इस काम को छह सप्ताह में पूरा कर लिया जाएगा.

    पिछली सुनवाई के दौरान प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता वीपी सिंह ने कोर्ट का बताया था कि लोकायुक्त, सूचना आयुक्त और मानवाधिकार आयोग के पद वर्षों से लंबित पड़े हैं. हर बार सरकार की ओर से टालमटोल किया जाता है. लिहाजा, प्रमुख पदों के रिक्त होने की वजह से मामले लंबित पड़े हैं.

    चार सप्ताह में सूचना आयुक्त को करना है नियुक्त

    बता दें कि 29 जनवरी को जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस एके राय की खंडपीठ में मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्त के रिक्त पद से जुड़ी याचिका पर सुनवाई हुई थी. तब खंडपीठ ने सरकार से जानना चाहा था कि सूचना आयोग कबतक कार्यशील हो जाएगा. इसपर महाधिवक्ता राजीव रंजन ने खंडपीठ को बताया कि चार सप्ताह में आयोग फंक्शनल हो जाएगा. दलील सुनने के बाद खंडपीठ ने राज्य सरकार को चार सप्ताह का समय दिया था. इस मामले की सुनवाई 27 फरवरी को होनी है.

  • Surajpur Police News: सूरजपुर में पुलिस जवान ने उठाया आत्मघाती कदम; ड्यूटी से लौटने के बाद दी जान, महकमे में शोक की लहर

    Surajpur Police News: सूरजपुर में पुलिस जवान ने उठाया आत्मघाती कदम; ड्यूटी से लौटने के बाद दी जान, महकमे में शोक की लहर

    सूरजपुर : सूरजपुर पुलिस विभाग से एक दुखद जानकारी सामने आई है.यहां पुलिस लाइन में तैनात आरक्षक अंतोष खलखो ने आत्मघाती कदम उठाया,जिसमें उसकी मौत हो गई है. आरक्षक की मौत की खबर सामने आने के बाद पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई है.

    ड्यूटी करने के बाद लौटा था घर

    आरक्षक अंतोष खलखो एमसीबी जिले से अपनी ड्यूटी पूरी करने के बाद सोमवार रात को घर लौटा था.मंगलवार सुबह जब अंतोष खलखो ने अपने कमरे का दरवाजा काफी देर तक नहीं खोला तो परिजनों ने खुद जाकर दरवाजा खोला.लेकिन अंदर का नजारा देखकर परिजन स्तब्ध रह गए.अंतोष खलखो ने आत्मघाती कदम उठा लिया था,जिसमें उसकी मौत हो गई थी.

    पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा

    घटना की सूचना मिलते ही बिश्रामपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने तत्काल शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. फिलहाल मौत के कारणों का पता नहीं चल सका है. पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच की जा रही है.

    आरक्षक अपने ससुराल से खाना खाकर वापस घर लौटा था.सुबह उसके परिजनों ने उसे फंदे पर लटका हुआ पाया.पत्नी ने परिवार की सहायता से उसे उतारा और अस्पताल लेकर आई.जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित किया.जवान सूरजपुर पुलिस लाइन में पदस्थ था,लेकिन उसकी ड्यूटी एमसीबी में लगाई गई थी.जहां से वो तीन दिन की छुट्टी लेकर आया था.मौत को लेकर जांच जारी है,जांच के बाद कारणों का खुलासा हो सकेगा- अभिषेक पैकरा,एसडीओपी

    जांच के बाद ही कारण का होगा खुलासा

    जांच अधिकारी का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयान के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी. फिलहाल बिश्रामपुर थाना क्षेत्र में दर्ज इस मामले की जांच जारी है.इस घटना ने एक बार फिर मानसिक तनाव और व्यक्तिगत परेशानियों को गंभीरता से समझने की जरूरत की ओर इशारा किया है. बताया जा रहा है कि आरक्षक अंतोष खलखो अपने कर्तव्यों के प्रति जिम्मेदार था. ऐसे में अचानक हुई इस घटना ने परिजनों के साथ-साथ पुलिस विभाग को भी हैरान कर दिया है. साथी पुलिसकर्मियों और अधिकारियों ने गहरा दुख व्यक्त किया है.

    आत्महत्या कोई समाधान नहीं है

    यदि आपके मन में आत्महत्या के विचार आ रहे हैं, या आप किसी मित्र को लेकर चिंतित हैं, या आपको भावनात्मक सहारे की आवश्यकता है, तो हमेशा कोई न कोई आपकी बात सुनने के लिए मौजूद है. स्नेहा फाउंडेशन को 04424640050 पर कॉल करें (24×7 उपलब्ध) या टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज की हेल्पलाइन iCall पर 9152987821 पर कॉल करें

  • Durg Police Found Missing Girls: दुर्ग में लापता हुई 3 बच्चियों को पुलिस ने खोज निकाला, घर से भागने की वजह जान आप भी रह जाएंगे हैरान

    Durg Police Found Missing Girls: दुर्ग में लापता हुई 3 बच्चियों को पुलिस ने खोज निकाला, घर से भागने की वजह जान आप भी रह जाएंगे हैरान

    दुर्ग: अर्जुन नगर इलाके के कैम्प वन में रहने वाली तीन बच्चियों ने महज छोटी सी बात पर घर छोड़ दिया. घर छोड़कर जाने वाली तीन बच्चियों में दो सगी बहनें और एक पड़ोसी बच्ची शामिल है. तीनों बच्चियों की उम्र 11 साल, 10 साल और 8 साल है.

    डांट के डर से घर छोड़कर चली गई थी बच्चियां

    डीआईजी विजय अग्रवाल ने बताया कि तीनों बच्चियां 6 फरवरी की शाम को अपने घर से घूमने के लिए निकली थी. तीनों बच्चियों ने अपने घरवालों को ये नहीं बताया था कि वो घूमने के लिए जा रही हैं. घूमते-घूमते सभी बच्चियां एक स्टेशनरी शॉप पर पहुंची. जहां दुकानदार को बिना बताएं उन लोगों ने चॉकलेट ले लिया. दुकानदार ने जब देखा कि उसकी बिना जानकारी के बच्चों ने चॉकलेट ले लिया है, तो उसने तत्काल बच्चों के पिता को फोन कर दिया. बच्चियां इस बात से काफी डर गईं. उनको लगा कि अब वो घर जाएंगी तो उनको माता पिता की डांट सुननी पड़ेगी.

    बच्चों और उनके परिजनों से मुलाकात करने के लिए आए थे. बच्चों को भी समझाया है और परिजनों की भी काउंसिलिंग कराई है. सभी ने वादा किया है कि भविष्य में वो इस तरह की गलती नहीं करेंगे: विजय अग्रवाल, डीआईजी

    ट्रेन में सवार होकर जा रही थी भोपाल

    इस डर की वजह से तीनों ने घर नहीं जाने का फैसला लिया. तीनों बच्चियां वहां से दूसरी जगह चली गईं. बच्चियों के पिता उनको खोजते खोजते दुकान तक पहुंचे. दुकानदार ने बताया कि बच्चियां तो कभी की यहां से जा चुकी हैं. इसके बाद परिजनों ने रातभर उनकी तलाश की. लेकिन बच्चियों का कुछ अता पता नहीं चला. इसके बाद परिजनों ने थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई.

    जीआरपी की सतर्कता से बरामद हुई बच्चियां

    रिपोर्ट दर्ज होते ही पुलिस हरकत में आई और पुलिस की कई टीमें उनकी तलाश में निकल पड़ी. कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने रेलवे पुलिस की मदद से तीनों बच्चियों को बरामद कर लिया. बरामद बच्चियों को उनके परिजनों को सौंप दिया गया. आज तीनों बच्चियों के पिता से मिलने डीआईजी विजय अग्रवाल उनके घर पहुंचे. बच्चियों के परिजनों से मुलाकात की. डीआईजी ने कहा कि बच्चों का ध्यान रखें. बच्चों के साथ प्यार से पेश आएं. डीआईजी ने बच्चों को चॉकलेट भी दिए. दुर्ग पुलिस ने बताया कि परिवारवालों की काउंसिलिंग कराई जाएगी.

    डीआईजी ने की बच्चियों और उनके परिजनों से घर जाकर मुलाकात

    तीनों बच्चियों की तलाश में पुलिस ने दर्जनों सीसीटीवी खंगाले तब कहीं जाकर पता चला कि बच्चे दुर्ग टू भोपाल जाने वाली अमरकंटक ट्रेन में सवार हुए हैं. ट्रेन के उसलापुर (बिलासपुर) स्टेशन पहुंचने पर आरपीएफ हेड कांस्टेबल एस.के. साहू को बच्चियों पर संदेह हुआ. पूछताछ में उन्होंने अपना पता और घर से निकलने की वजह बता दी. RPF ने तुरंत चाइल्डलाइन को सूचना देकर बच्चियों को सुरक्षित सौंप दिया, जहां बाल कल्याण समिति ने उन्हें अस्थायी संरक्षण में रखा. बाद में सूचना मिलने पर दुर्ग पुलिस उन्हें सुरक्षित वापस लाई और परिजनों को सौंप दिया.

  • Digital Chhattisgarh: ऐतिहासिक डील! छत्तीसगढ़ आईटी विभाग और STPI के बीच समझौता, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को मिलेगा बढ़ावा

    Digital Chhattisgarh: ऐतिहासिक डील! छत्तीसगढ़ आईटी विभाग और STPI के बीच समझौता, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को मिलेगा बढ़ावा

    रायपुर: विष्णु देव साय सरकार ने आज सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) के साथ एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) पर साइन किया. इसके तहत राज्य में एक सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप (CoE) और एक इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एंड डेवलपमेंट (ESDD) सेंटर बनाया जाएगा.

    राज्य शासन के अधिकारियों ने बताया कि राज्य के इलेक्ट्रॉनिक्स और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मौजूदगी में उनके सरकारी घर पर STPI के साथ MoU साइन किया. इस मौके पर सीएम विष्णु देव साय ने कहा, छत्तीसगढ़, जो प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर है, का लक्ष्य ज्ञान, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन में भी एक अलग पहचान गढ़ने को तैयार है.

    छत्तीसगढ़ और एसटीपीआई के बीच हुआ एमओयू

    सीएम विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य मॉडर्न इंफ्रास्ट्रक्चर, असरदार ई-गवर्नेंस और इन्वेस्टर-फ्रेंडली पॉलिसी के सपोर्ट से इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, IT-इनेबल्ड सर्विसेज़ (ITES) और उभरती टेक्नोलॉजी-बेस्ड इंडस्ट्रीज़ में लीडर बनने की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल का मकसद युवाओं में एंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा देना और राज्य के अंदर IT और ITES में वर्ल्ड-क्लास मौके देना है.

    एमओयू साइन होने के बाद सीएम ने कहा कि CoE चार खास एरिया — आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, जंगल और दवा वाले प्रोडक्ट पर आधारित मेड-टेक, स्मार्ट सिटी सॉल्यूशन और स्मार्ट एग्रीकल्चर — में इनोवेशन और स्टार्ट-अप को बढ़ावा देगा.

    छत्तीसगढ़ के विकास को मिलेगी रफ्तार

    मुख्यमंत्री ने कहा कि एक स्टेट-ऑफ-द-आर्ट ESDD सेंटर हर साल लगभग 30 से 40 हार्डवेयर स्टार्ट-अप और MSME को प्रोडक्ट डिजाइन, प्रोटोटाइपिंग, स्किल डेवलपमेंट और कैपेसिटी बिल्डिंग की सुविधाएं देकर सपोर्ट करेगा. सीएम ने ये भी बताया कि यह पहल राज्य के अंदर इनक्यूबेशन, मेंटरशिप, फंडिंग सपोर्ट और एडवांस्ड लैब तक पहुंच देगी, जिससे स्किल्ड युवाओं का बड़े शहरों की ओर पलायन रोकने में मदद मिलेगी और साथ ही लोकल रोजगार और एंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा मिलेगा. सीएम ने कहा कि देश भर में 68 सेंटर और 24 सेक्टर-स्पेसिफिक एंटरप्रेन्योरशिप सेंटर के साथ STPI का अनुभव छत्तीसगढ़ के स्टार्ट-अप और इनोवेशन इकोसिस्टम को काफी मजबूत करेगा.

    मुख्यमंत्री ने बताया, यह एग्रीमेंट राज्य की इकोनॉमिक ग्रोथ में एक मील का पत्थर साबित होगा, और छत्तीसगढ़ को डिजिटल इनोवेशन, टेक्नोलॉजिकल एंटरप्रेन्योरशिप और स्टार्ट-अप में नेशनल मैप पर एक नई पहचान देगा.

  • Surajpur News: सूरजपुर धान मंडी में सेंधमारी! सीसीटीवी (CCTV) में कैद हुए चोर, मंडी की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

    Surajpur News: सूरजपुर धान मंडी में सेंधमारी! सीसीटीवी (CCTV) में कैद हुए चोर, मंडी की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

    सूरजपुर: छत्तीसगढ़ के वनांचल जिले सूरजपुर में धान की चोरी का खुलासा हुआ है. यहां के जिला मुख्यालय स्थिति धान खरीदी केंद्र और धान मंडी में चोरी की वारदात हुई है. जिला मुख्यालय स्थित धान खरीदी केंद्र सूरजपुर में चोर धान चोरी करते नजर आ रहे हैं. चोरों की यह हरकत सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गई.

    धान चोरी की वारदात सीसीटीवी में कैद

    सीसीटीवी फुटेज में देख सकते हैं कि कैसे चोर धान की बोरियों को अपने कंधे पर उठाकर ले जा रहे हैं. हैरानी की बात यह है कि यह चोरी खुलेआम की जा रही है. उस दौरान न तो कोई सुरक्षा कर्मी दिखाई देता है और न ही कोई रोक-टोक करता नजर आ रहा है. चोरी का खुलासा होने के बाद सूरजपुर जिला प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं.

    धान चोरी की घटना से लोगों में गुस्सा

    धान खरीदी का यह केंद्र शासन की महत्वपूर्ण व्यवस्था के तहत संचालित होता है,जहां किसानों की उपज सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी प्रशासन की होती है. ऐसे में इस तरह की चोरी न सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है,बल्कि किसानों और शासन दोनों को नुकसान पहुंचाने वाली है. धान चोरी का वीडियो सामने आया जिसके बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश देखने को मिल रहा है. लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब धान खरीदी केंद्र में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, तो फिर चोरी कैसे हो रही है और जिम्मेदार अधिकारी क्या कर रहे हैं.

    पुलिस को दी गई धान चोरी की सूचना

    धान चोरी के इस केस की जानकारी पुलिस को दी गई है. उम्मीद की जा रही है कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर चोरों की पहचान कर जल्द ही कड़ी कार्रवाई की जाएगी. धान चोरी का यह केस सूरजपुर में चर्चा का विषय बन चुका है. धान तिहार के बाद धान खरीदी केंद्रों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं.

  • Surajpur Police Action: फेयरवेल पार्टी में स्टंटबाजी पड़ी महंगी! सूरजपुर पुलिस ने सिखाया छात्रों को सबक, गाड़ियों पर लिया तगड़ा एक्शन

    Surajpur Police Action: फेयरवेल पार्टी में स्टंटबाजी पड़ी महंगी! सूरजपुर पुलिस ने सिखाया छात्रों को सबक, गाड़ियों पर लिया तगड़ा एक्शन

    सूरजपुर: सरगुजा संभाग के सूरजपुर जिले में इन दिनों फेयरवेल पार्टी के नाम पर स्कूली छात्रों की लापरवाही लगातार सामने आ रही है. बीते कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें छात्र नियम-कानून को ताक पर रखकर सड़कों पर हुड़दंग और स्टंट करते नजर आ रहे हैं. इन्हीं मामलों को गंभीरता से लेते हुए सूरजपुर पुलिस ने आज बड़ी कार्रवाई की है.

    सूरजपुर के बिश्रामपुर में छात्रों का स्टंट

    बीते दिनों फेयरवेल पार्टी के दौरान विश्रामपुर के एक निजी स्कूल के छात्र चार पहिया वाहनों पर स्टंट करते नजर आए थे. इस दौरान छात्रों ने वाहनों के हूटर भी बजाए थे. कई छात्र वाहनों के सनरूफ और खिड़कियों से बाहर निकलकर बैठ गए और तेज रफ्तार में स्टंट करते हुए यातायात नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाईं. कुछ वाहनों में पुलिस सायरन जैसे हूटर का भी इस्तेमाल किया गया, जिससे आम लोगों को भी परेशानी हुई.

    सूरजपुर पुलिस ने लिया एक्शन

    मामले की सूचना मिलते ही विश्रामपुर पुलिस हरकत में आई. सूरजपुर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर तत्काल कार्रवाई की. पुलिस ने पांच चार पहिया वाहनों को जप्त कर लिया. पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस तरह की लापरवाही न केवल छात्रों की जान के लिए खतरा है, बल्कि सड़क पर चल रहे आम नागरिकों की सुरक्षा के साथ भी खिलवाड़ है.

    फेयरवेल पार्टी खुशी का अवसर जरूर है, लेकिन कानून तोड़ने की इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती. संबंधित स्कूल प्रबंधन और वाहन मालिकों के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है- अभिषेक पैकरा, एसडीओपी, सूरजपुर

    सूरजपुर पुलिस की अभिभावकों से अपील

    सूरजपुर पुलिस ने छात्रों के स्टंट को लेकर अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों पर नजर रखें और उन्हें यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करें.इसके साथ ही सूरजपुर पुलिस ने साफ चेतावनी दी है कि अगर आगे भी इस तरह की हरकतें सामने आती है तो तगड़ा एक्शन लिया जाएगा.

  • Crime Story: पत्नी छोड़ गई तो ‘कसाई’ बना पिता! 6 साल के मासूम बेटे की बेरहमी से हत्या, दहला देगा ये मामला

    Crime Story: पत्नी छोड़ गई तो ‘कसाई’ बना पिता! 6 साल के मासूम बेटे की बेरहमी से हत्या, दहला देगा ये मामला

    रायगढ़: छत्तीसगढ़ की इंडस्ट्रियल सिटी रायगढ़ से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है. यहां के लैलूंगा इलाके के गांव जामढोढी में एक पिता ने अपने 6 साल के बेटे की खौफनाक तरीके से हत्या कर दी. पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है. 8 फरवरी रविवार को आरोपी ने अपने बेटे का मर्डर कर दिया. पुलिस ने 10 फरवरी मंगलवार को आरोपी को अरेस्ट किया है.

    घरेलू विवाद में की हत्या

    रायगढ़ के डीएसपी सुशांतो बनर्जी ने मीडिया को बताया कि आरोपी विनोद महेश्वरी ने अपने 6 साल के बेटे की हत्या कर दी. पुलिस की शुरुआती तफ्तीश में खुलासा हुआ है कि आरोपी ने अपने 6 साल के बेटे को कुएं में फेक दिया. वह खुद भी कुएं में कूद गया और बेटे को डुबाकर उसकी जान ले ली.

    आरोपी विनोद महेश्वरी ने अपने 6 साल के बच्चे को पहले कुएं में फेंक दिया. उसके बाद वह भी कुएं में कूद गया. अपने बेटे को उसने कुएं में डूबाकर मार डाला. इस दौरान उसने अपने भाई को पंप नहीं चालू करने को कहा. इस तरह आरोपी ने अपने बेटे की हत्या कर दी. आरोपी के भाई की शिकायत पर सोमवार को इसका खुलासा हुआ. मंगलवार को उसे गिरफ्तार कर लिया गया है- सुशांतो बनर्जी, डीएसपी, रायगढ़

    पत्नी के जाने से परेशान था आरोपी

    पुलिस की तफ्तीश में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी विनोद की पत्नी उसे छोड़कर जा चुकी है. वह अकेले अपने बेटे और अपने भाइयों के साथ रहता था. पत्नी के छोड़ के जाने और घरेलू विवाद की वजह से उसने हत्या की वारदात को अंजाम दिया है. पुलिस इस केस में आगे की तफ्तीश कर रही है.

    पुलिस ने मृत बच्चे का शव कुएं से बरामद कर लिया है. आरोपी विनोद महेश्वरी को गिरफ्तार कर रायगढ़ कोर्ट में पेश किया गया है. अदालत ने आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है.

  • Durg Road Accident: दुर्ग में खौफनाक सड़क हादसा, देखते ही देखते सड़क पर तड़पकर गई युवक की जान; सुरक्षा इंतजामों की खुली पोल

    Durg Road Accident: दुर्ग में खौफनाक सड़क हादसा, देखते ही देखते सड़क पर तड़पकर गई युवक की जान; सुरक्षा इंतजामों की खुली पोल

    दुर्ग:दुर्ग जिले के पुरानी भिलाई थाना क्षेत्र में सोमवार दोपहर एक दर्दनाक सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की मौत हो गई.जबकि पीछे बैठा दूसरा युवक घायल हो गया. घटना उम्दा रोड पर लगभग तीन बजे के आसपास हुई. हादसे का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है,जिससे यह खुलासा हुआ है कि दुर्घटना के बाद युवक सड़क पर तड़पता रहा, लेकिन आने-जाने वाले कई लोग उसे देखकर आगे बढ़ते रहे. किसी ने भी उसकी मदद नहीं की. इस केस में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है. पुलिस ने इस केस में आरोपी ट्रक ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया है.

    दुर्ग के सीएसपी का बयान

    सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी के अनुसार मृतक की पहचान सुरडुंग निवासी निलेश कुर्रे के रूप में हुई है. निलेश अपने साथी के साथ बाइक से गांव लौट रहा था, तभी किसी अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी. टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक चला रहे निलेश का सिर बुरी तरह कुचल गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई. पीछे बैठा युवक घायल हो गया, जिसे पुलिस ने तुरंत प्राथमिक उपचार के लिए भिजवाया है. घायल युवक का अभी इलाज चल रहा है.

    सड़क हादसे पर दुर्ग पुलिस की जांच

    दुर्ग पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया है. पुलिस ने आरोपी ट्रक ड्राइवर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और आरोपी ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ड्राइवर से पूछताछ कर रही है जिससे हादसे की सही वजह का खुलासा हो सके. एक बार फिर इस हादसे ने स्टील सिटी दुर्ग भिलाई में रोड सेफ्टी पर सवाल खड़े कर दिए हैं.