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  • Digital Arrest Scam: डिजिटल अरेस्ट स्कैम पर लगेगा परमानेंट ‘लगाम’! WhatsApp के लिए SIM-Binding की तैयारी, केंद्र का सुप्रीम कोर्ट में बड़ा खुलासा

    Digital Arrest Scam: डिजिटल अरेस्ट स्कैम पर लगेगा परमानेंट ‘लगाम’! WhatsApp के लिए SIM-Binding की तैयारी, केंद्र का सुप्रीम कोर्ट में बड़ा खुलासा

    देशभर में बढ़ते डिजिटल अरेस्ट स्कैम मामले में केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपनी बात रखी है. केंद्र सरकार ने WhatsApp जैसे OTT कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म के लिए SIM-बाइंडिंग को एक प्रभावी उपाय बताया है. यह जानकारी केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत दूरसंचार विभाग ने सुप्रीम कोर्ट को सौंपी गई अपनी स्टेटस रिपोर्ट में दी.

    यह रिपोर्ट अक्टूबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा शुरू किए गए स्वप्रेरणा (Self-Induction) मामले के तहत दाखिल की गई है. सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ को बताया गया कि डिजिटल अरेस्ट स्कैम की समस्या से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने एक इंटर-डिपार्टमेंटल कमेटी गठित की है.

    केंद्र सरकार के अनुसार, कमेटी की अब तक दो बैठकें हो चुकी हैं, जिनमें SIM जारी करने और उसके मैनेजमेंट से जुड़ी कमजोरियों पर फोकस किया गया, जिनका फायदा स्कैमर्स उठा रहे हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि डिजिटल अरेस्ट स्कैम में OTT प्लेटफॉर्म, खासकर WhatsApp, के दुरुपयोग को एक बड़ा कारण माना गया है और SIM-बाइंडिंग के जरिए इस पर काबू पाया जा सकता है.

    अब बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन की अनुमति

    इस मामले में नियुक्त एमिकस क्यूरी सीनियर एडवोकेट एन.एस. नप्पिनई ने कमेटी की बैठकों में हिस्सा लिया और जोर दिया कि ऐसे उपायों का मूल्यांकन जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन और धोखाधड़ी से निरंतर सुरक्षा के आधार पर होना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि समाधान में मौजूदा और नए, दोनों तरह के SIM जारी करने के मामलों को शामिल किया जाना चाहिए.

    रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि टेलीकम्युनिकेशन एक्ट, 2023 के तहत अब बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन की अनुमति दी गई है. DoT के मुताबिक, इससे जुड़े नियम अंतिम चरण में हैं और पब्लिक कंसल्टेशन पूरा हो चुका है. स्पूफ्ड कॉल्स पर कार्रवाई का जिक्र करते हुए DoT ने बताया कि अक्टूबर 2024 में शुरू किए गए सेंट्रल इंटरनेशनल आउट रोमर (CIOR) सिस्टम के जरिए विदेशी स्थानों से आने वाली लेकिन भारतीय नंबर दिखाने वाली कॉल्स को ब्लॉक किया गया. अकेले अक्टूबर 2024 में करीब 1.35 करोड़ कॉल्स रोकी गईं, जिसके बाद ऐसी कॉल्स की संख्या घटकर लगभग 1.5 लाख रह गई है.

    VoIP कॉल्स को लेकर कमेटी को क्या बताया

    SIM जारी करने की सीमा को लेकर DoT ने बताया कि एक टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर (TSP) एक दिन में अधिकतम तीन SIM जारी कर सकता है- एक eKYC और दो D-KYC के जरिए. हालांकि, यह भी स्वीकार किया गया कि फिलहाल अलग-अलग TSP के बीच क्रॉस-वेरिफिकेशन की कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं है.

    VoIP कॉल्स को लेकर कमेटी को बताया गया कि WhatsApp और Telegram जैसे प्लेटफॉर्म से होने वाली कॉल्स आईटी एक्ट, 2000 के तहत आती हैं और DoT के सीधे दायरे से बाहर हैं. इस पर नप्पिनई ने आपत्ति जताते हुए कहा कि टेलीकॉम कंपनियां भी VoIP सेवाएं देती हैं और उनके दुरुपयोग पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए.

    क्या है पूरा मामला?

    यह मामला तब सामने आया जब एक सीनियर सिटिजन दंपति ने सुप्रीम कोर्ट को पत्र लिखकर बताया कि स्कैमर्स ने खुद को CBI, इंटेलिजेंस ब्यूरो और न्यायपालिका के अधिकारी बताकर उनसे ₹1.5 करोड़ की ठगी की. कोर्ट को यह भी बताया गया कि CBI ने अब तक डिजिटल अरेस्ट स्कैम से जुड़े मामलों में ₹10 करोड़ की राशि की पहचान की है.

    बैंकों द्वारा ऐसे फ्रॉड ट्रांजैक्शन का पता लगाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल और डिजिटल अरेस्ट मामलों से निपटने के लिए MoU और SOP तैयार किए जाने की जानकारी भी कोर्ट को दी गई. इन सबको देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित एजेंसियों को इन उपायों को तेज़ी से लागू करने के निर्देश दिए हैं.

  • Bangladesh News: बांग्लादेश में चुनाव से पहले फिर खूनी खेल! दुकान में घुसकर एक और हिंदू की हत्या, कट्टरपंथियों का तांडव

    Bangladesh News: बांग्लादेश में चुनाव से पहले फिर खूनी खेल! दुकान में घुसकर एक और हिंदू की हत्या, कट्टरपंथियों का तांडव

    बांग्लादेश में गुरुवार को होने वाले संसदीय चुनाव से दो दिन पहले एक और हिंदू कारोबारी की हत्या कर दी गई. बांग्लादेश में मैमनसिंह के त्रिशाल में 62 साल के हिंदू व्यापारी सुसेन चंद्र सरकार की उनकी दुकान के अंदर अज्ञात लोगों ने हत्या कर दी. पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार के पतन के बाद बांग्लादेश में गुरुवार को पहली बार संसदीय चुनाव हो रहे हैं.

    बांग्लादेश चुनाव से पहले अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा के आरोप लगे हैं. अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर सवाल उठाये गये थे. अब चुनाव से दो दिन पहले फिर एक हिंदू की हत्या की घटना घटी है. इससे चुनाव में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है.

    त्रिशाल पुलिस स्टेशन के चीफ मुहम्मद फिरोज हुसैन ने कहा कि यह घटना सोमवार रात उपजिला के बोगर बाजार चौराहे पर हुई. पुलिस अधिकारी ने कहा कि सुसेन चंद्र सरकार भाई भाई एंटरप्राइज के मालिक थे और साउथकांडा गांव के रहने वाले थे.

    हत्या कर दुकान का शटर बंद कर दिया

    हुसैन ने कहा कि हमलावरों ने सरकार को एक धारदार हथियार से मारा, उन्हें दुकान के अंदर छोड़ दिया और शटर बंद कर दिया. सरकार का परिवार उन्हें ढूंढ रहा था और जब उन्होंने दुकान का शटर खोला, तो वह खून से लथपथ मिले.

    सरकार को मैमनसिंह मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. पीड़ित के बेटे सुजान सरकार ने कहा, हमारा चावल का बिजनेस बहुत समय से है. हमसे किसी की कोई दुश्मनी नहीं थी. अपराधियों ने मेरे पिता को बेरहमी से मारने के बाद दुकान से कई लाख टका चुरा लिए.

    उन्होंने मांग की कि उनके पिता के हत्यारों की जल्द पहचान की जाए और उन्हें कड़ी सजा दी जाए. इसके साथ ही उन्होंने अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता चताई.

    एक साल में 15 हिंदुओं की हुई हत्या

    1 दिसंबर, 2025 और जनवरी 2026 के बीच कम से कम 15 हिंदू मारे गए. खुद यूनुस सरकार ने अपनी रिपोर्ट में स्वीकार किया था कि अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा बढ़ी है.

    • 18 दिसंबर, 2025 दीपू चंद्र दास (27), एक हिंदू कपड़ा मजदूर, को गाजीपुर में झूठे ईशनिंदा के आरोपों के बाद भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला. उसके पार्थिव शरीर को एक पेड़ से लटका दिया गया और आग लगा दी गई.
    • 31 दिसंबर, 2025 शरियतपुर में एक हिंदू बिज़नेसमैन, खोकन चंद्र दास पर हमला किया गया, उन्हें पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई.
    • 2025 के आखिर में दूसरी रिपोर्ट की गई हत्याओं में नरसिंगडी में सरत मणि चक्रवर्ती और फेनी में समीर दास शामिल हैं. दिसंबर में कट्टरपंथी युवा नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के बाद बांग्लादेश में हिंदू आबादी कई घटनाओं से प्रभावित हुई है.

    चुनाव में हिंसा की आशंका

    पिछले महीने, बांग्लादेश हिंदू बुद्धिस्ट क्रिश्चियन यूनिटी काउंसिल ने आरोप लगाया कि जैसे-जैसे आम चुनाव की तारीख पास आ रही है, देश में सांप्रदायिक हिंसा खतरनाक दर से बढ़ रही है.

    काउंसिल ने कहा कि उसने अकेले दिसंबर 2025 में सांप्रदायिक हिंसा की 51 घटनाएं दर्ज कीं. बांग्लादेश में 12 फरवरी को संसदीय चुनाव होंगे. अगस्त 2024 में देश में बड़े पैमाने पर हुए विरोध प्रदर्शनों में प्रधानमंत्री शेख हसीना को हटाए जाने के बाद यह पहला चुनाव होगा.

  • AIIMS Delhi Milestone: एम्स दिल्ली ने रचा इतिहास! एक साल में कीं 10 हजार सर्जरी, रोबोटिक ऑपरेशन में भी बनाया रिकॉर्ड

    AIIMS Delhi Milestone: एम्स दिल्ली ने रचा इतिहास! एक साल में कीं 10 हजार सर्जरी, रोबोटिक ऑपरेशन में भी बनाया रिकॉर्ड

    मेडिकल के क्षेत्र में दिल्ली एम्स लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है. इस कड़ी में दिल्ली एम्स में एक साल में 10 हजार से ज्यादा सर्जरी की है. इसमें बड़ी संख्या में जटिल और हाई-रिस्क ऑपरेशन शामिल हैं. एम्स में मरीजों की रोबोटिक सर्जरी भी की जा रही हैं. इससे इलाज आसानी से और कम समय में हो रहा है. खासबात यह है कि इन सर्जरी में मरीजों के ऑर्गन ट्रांसप्लाट भी किए गए हैं. जिनमें अधिकतर सफल रहे हैं.

    एम्स दिल्ली में सर्जरी विभाग में प्रोफेसर डॉ. सुनील चुम्बर ने बताया कि AIIMS दिल्ली लंबे समय से देश का प्रमुख रेफरल सेंटर रहा है, जहां देशभर से गंभीर मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं. इनमें से कई मरीजों को सर्जरी की भी जरूरत होती है. जिनकी सर्जरी एम्स में की जाती है. यहां यहां जनरल सर्जरी से लेकर न्यूरोसर्जरी, कार्डियक सर्जरी, ऑर्थोपेडिक्स, गैस्ट्रो सर्जरी, यूरोलॉजी और गायनेकोलॉजी से संबंधित सर्जरी की जाती है.हर दिन सैकड़ों मरीज ओपीडी में आते हैं और बड़ी संख्या में मरीजों को सर्जरी की जरूरत पड़ती है.

    रोबोटिक सर्जरी से इलाज में नई क्रांति

    डॉ सुनील ने बताया कि दिल्ली एम्स में रोबोटिक सर्जरी भी की जा रही है.यूरोलॉजी, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सर्जरी और कैंसर सर्जरी में बढ़ा है. इस तकनीक में सर्जन रोबोटिक की मदद से बेहद बारीकी से डॉक्टरों की निगरानी में ऑपरेशन करते हैं. इससे सामान्य सर्जरी की तुलना में मरीज को बहुत कट छोटा लगता है. इसका सबसे बड़ा फायदा ये है कि ब्लड लॉस कम होता है और मरीज की रिकवरी तेजी से होती है. इसमें सामान्य सर्जरी की तुलना में समय भी कम ही लगता है. एक साल में 1 हजार से ज्यादा रोबोटिक सर्जरी की गई हैं.

    मरीजों को हो रहा फायदा

    AIIMS में हर साल होने वाली हजारों सर्जरी से यह साफ है कि सरकारी अस्पतालों में भी अब अत्याधुनिक तकनीक के जरिए इलाज संभव हो रहा है. एम्स में यह सर्जरी लगभग निशुल्क की जा रही हैं. सर्जरी के अलावा रोबोटिक सर्जरी के लिए युवा डॉक्टरों और सर्जनों को आधुनिक तकनीकों की ट्रेनिंग भी दी जा रही है. एम्स में सर्जरी को लेकर नई तकनीकों और रिसर्च पर भी लगातार काम किया जा रहा है.

  • Faridabad Crime: फरीदाबाद में टैक्सी ड्राइवर की बेरहमी से हत्या; बदमाशों ने चाकू से किए ताबड़तोड़ वार, इलाके में सनसनी

    Faridabad Crime: फरीदाबाद में टैक्सी ड्राइवर की बेरहमी से हत्या; बदमाशों ने चाकू से किए ताबड़तोड़ वार, इलाके में सनसनी

    फरीदाबाद- फरीदाबाद का पल्ला इलाका कल शाम उस वक्त दहल गया, जब गिरदावर कॉलोनी के रहने वाले 30 वर्षीय जय सिंह की बेरहमी से हत्या कर दी गई। पेशे से टैक्सी ड्राइवर जय सिंह की खता बस इतनी थी कि उसने इलाके में हो रही गुंडागर्दी और छेड़छाड़ के खिलाफ आवाज उठाई थी। घटना की शुरुआत तब हुई जब जय सिंह को पता चला कि पास के खाली ग्राउंड में कुछ युवक उसके दोस्त की बहन के साथ छेड़छाड़ कर रहे हैं। एक जिम्मेदार नागरिक और भाई होने के नाते जय सिंह अपने दोस्तों के साथ मौके पर पहुंचा और उन युवकों को सख्त लहजे में वहां से खदेड़ दिया। उस वक्त तो आरोपी चले गए, लेकिन उनके मन में बदले की आग सुलग रही थी।

    युवक पर चाकू से किए कई वार
    आरोप है कि कुछ देर बाद जब जय सिंह उसी ग्राउंड में मौजूद था, तभी सोनू खान, तुषार और उनके अन्य साथी एक वाहन में सवार होकर वहां पहुंचे। उन्होंने जय सिंह को घेरा और पहले दी गई धमकी को लेकर बहस शुरू कर दी। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ा कि सोनू खान ने अपने पास रखे चाकू से जय सिंह पर ताबड़तोड़ वार करने शुरू कर दिए। परिजनों का आरोप है कि जय सिंह को एक या दो नहीं, बल्कि 6 से 7 बार चाकू मारे गए। यह हमला पूरी तरह से सोची-समझी साजिश का हिस्सा था। लहूलुहान हालत में जय सिंह को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

    जानकारी के अनुसार वारदात को अंजाम देकर सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह के मुताबिक, हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है और फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही सोनू खान और उसके साथियों को सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।

  • Haryana CET Recruitment: हरियाणा में 4227 पदों पर बंपर भर्ती! आज से आवेदन प्रक्रिया शुरू, यहाँ देखें स्टेप-बाय-स्टेप पूरी डिटेल

    Haryana CET Recruitment: हरियाणा में 4227 पदों पर बंपर भर्ती! आज से आवेदन प्रक्रिया शुरू, यहाँ देखें स्टेप-बाय-स्टेप पूरी डिटेल

    हरियाणा में आज से 4,227 पदों पर भर्ती शुरू हो गई है। यह भर्ती कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (CET) फेज-II ग्रुप-सी के तहत की जाएगी। हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (HSSC) द्वारा इसी साल निकाले गए विज्ञापन संख्या 04/2026 के अंतर्गत विभिन्न पदों पर ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी। इसकी जानकारी खुद HSSC के चेयरमैन हिम्मत सिंह ने दी। उन्होंन एक्स हैंडल पर सभी अभ्यर्थियों से अनुरोध है कि वे अपना आवेदन पत्र अंतिम तिथि 23 फरवरी 2026 रात 11.59 बजे से पहले यथाशीघ्र भरें। अंतिम तिथि के बाद समय नहीं दिया जाएगा। आवेदन पत्र स्वयं भरें।

    जानें किस पोस्ट पर कितनी वैकेंसी 

    इस भर्ती में मल्टीपर्पज हेल्थ वर्कर (MPHW), महिला ESI हेल्थ केयर 20, MPHW (महिला) स्वास्थ्य विभाग 595, MPHW (पुरुष) स्वास्थ्य विभाग 700, स्टाफ नर्स ESI हेल्थ केयर 20, नर्स स्वास्थ्य विभाग 296, नर्स DMER 1475, सिस्टर ट्यूटर स्वास्थ्य विभाग 12, रेडियोग्राफर स्वास्थ्य विभाग 99, रेडियोग्राफर DMER 32, डिस्पेंसर (आयुर्वेदिक) ESI हेल्थ केयर 3, डाइटीशियन स्वास्थ्य विभाग 22, फॉरेस्ट गार्ड वन विभाग 779, जूनियर इंजीनियर (सिविल) HAFED 5, जूनियर इंजीनियर (सिविल) हरियाणा पावर जेन. कॉर्प. 23, असिस्टेंट मैनेजर (IA) HSIIDC 8, जूनियर इंजीनियर (सिविल), पुलिस हाउसिंग कॉर्प. 15 पदों की भर्ती निकाली गई है।

    वहीं जूनियर इंजीनियर (सिविल) टाउन एंड कंट्री प्लानिंग 6, जूनियर इंजीनियर (बागवानी) HSVP 16, जूनियर टेक्निकल असिस्टेंट वेयरहाउसिंग कॉर्प. 73, जूनियर इंजीनियर (बागवानी) कुरुक्षेत्र देव. बोर्ड 1, जूनियर इंजीनियर (बागवानी) पुलिस हाउसिंग कॉर्प. 1, जूनियर इंजीनियर (बागवानी) DMER 3, टेक्नीशियन (I&C) हरियाणा पावर जेन. कॉर्प. 7, प्लांट अटेंडेंट (I&C) हरियाणा पावर जेन. कॉर्प. 10, लीगल असिस्टेंट श्रम विभाग 2, लीगल असिस्टेंट HSIIDC 2, लीगल असिस्टेंट खान और भूविज्ञान 2 पद शामिल हैं। इन पदों के लिए आवेदन करने के लिए 10वीं पास के साथ ITI से लेकर बीएससी, एमएससी की डिग्री होनी अनिवार्य है। इसके अलावा 10वीं या 12वीं में हिंदी या संस्कृत विषय पढ़ा होना चाहिए। एज लिमिट, न्यूनतम 18 साल और अधिकतम 42 साल रखी गई है।

    यहां जानें कैसे करें आवेदन 

    सबसे पहले हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) की वेबसाइट hpsc.gov.in पर जाए। फिर अगर अप्लाई करने के लिए रजिस्ट्रेशन नंबर क्रिएट नहीं किया है, तो पहले New Registration के लिंक पर क्लिक करें। क्रिएट किए हुए रजिस्ट्रेशन नंबर और पासवर्ड के जरिए लॉग इन करें। फिर डिटेल्स भरें। सभी डॉक्यूमेंट्स अपलोड कर फीस जमा करें। फॉर्म सब्मिट करें, इसका प्रिंटआउट निकाल कर रखें।

  • Crime Alert: दूध की क्वालिटी पर टोका तो दूधिया बना ‘हैवान’! युवक पर चाकू से किए ताबड़तोड़ वार, शरीर पर लगे 57 टांके

    Crime Alert: दूध की क्वालिटी पर टोका तो दूधिया बना ‘हैवान’! युवक पर चाकू से किए ताबड़तोड़ वार, शरीर पर लगे 57 टांके

    गोहाना- यदि आपके घर भी दूध वाला आता है  और आप उसे दूध की क्वालिटी को लेकर टोकते हैं, तो ये खबर आप के लिए हैं। दरअसल, हरियाणा के गोहाना से एक ऐसी खबर आई है जो आपको हैरान कर देगी। यहां महज दूध बंद करने से नाराज एक दूधिये ने अपने साथियों के साथ मिलकर एक आढ़ती के बेटे पर घर में घुसकर जानलेवा हमला कर दिया। चाकू और डंडों से किए गए इस हमले में युवक के सिर और चेहरे पर 57 टांके आए हैं। इस हमले को देख आस पड़ोस में दहशत का माहौल बना हुआ है।

    आपको बता दें, वारदात का तरीका किसी फिल्मी पटकथा जैसा था। हमलावर पास में ही बन रहे एक निर्माणाधीन मकान के रास्ते छत के जरिए अजय के घर में दाखिल हुए। रात करीब डेढ़ बजे जब अजय को दरवाजा धकेलने की आवाज आई और वे दूसरी मंजिल की तरफ बढ़े, तभी पीछे से घात लगाकर बैठे एक युवक ने उनके सिर पर डंडे से वार किया और दूसरे ने चाकू से हमला कर दिया। अजय के शोर मचाने पर परिजन मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक हमलावर उसी निर्माणाधीन मकान के रास्ते फरार हो चुके थे। अजय की हालत इतनी गंभीर थी कि नागरिक अस्पताल से उन्हें तुरंत रोहतक रेफर किया गया।

  • Gurugram News: गुड़गांव में ग्रामीण शिल्प और महिला सशक्तिकरण का महाकुंभ; एक ही छत के नीचे दिखेगा भारत की कला का अद्भुत संगम

    Gurugram News: गुड़गांव में ग्रामीण शिल्प और महिला सशक्तिकरण का महाकुंभ; एक ही छत के नीचे दिखेगा भारत की कला का अद्भुत संगम

    गुड़गांव: गुड़गांव एक बार फिर देश की ग्रामीण परंपराओं, लोक कलाओं और महिला उद्यमिता के रंगों से सराबोर होने जा रही है। सेक्टर-29 स्थित लेजर वैली पार्क ग्राउंड में ‘सरस आजीविका मेला-2026’ का भव्य आयोजन किया जाएगा। राष्ट्रीय स्तर के इस मेले का उद्घाटन केंद्रीय ग्रामीण विकास तथा कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान करेंगे। कार्यक्रम में ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी और कमलेश पासवान विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। 10 फरवरी से 26 फरवरी तक चलने वाले इस मेले में ‘मिनी भारत’ की जीवंत झलक देखने को मिलेगी।

    इस वर्ष का सरस मेला अपने आप में ऐतिहासिक है। मेले में देश के 28 राज्यों से आईं लगभग 900 से अधिक महिला उद्यमी भाग ले रही हैं, जो विभिन्न स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं। मेला परिसर में 450 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं, जहां उत्तर में कश्मीर के पश्मीना से लेकर दक्षिण में तमिलनाडु के सिल्क तक और पश्चिम में राजस्थान की कढ़ाई से लेकर पूर्व में असम के बांस शिल्प तक, सब कुछ एक ही छत के नीचे उपलब्ध है। इन दीदियों द्वारा बनाये गये प्रीमियम उत्पाद को अब ‘ई-सरस’ एप से भी खरीदा जा सकता है।

    आर्थिक सशक्तिकरण: बैंकों का बढ़ा विश्वास और घटता एनपीए

    मेले के दौरान आयोजित संवाददाता सम्मेलन में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय की संयुक्त सचिव स्वाति शर्मा ने स्वयं सहायता समूहों की प्रगति पर महत्वपूर्ण तथ्य साझा किए। उन्होंने बताया कि ‘दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन’ के तहत वर्तमान में देश की 10 करोड़ से ज्यादा महिलाएं संगठित हैं। साथ ही उन्होंने बताया कि आदरणीय प्रधानमंत्री जी द्वारा 3 करोड़ लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य दिया गया था जिसमें से दिसंबर 2025 तक 2.9 करोड़ दीदी लखपति बन चुकी हैं, और आने वाले कुछ ही समय में इसे पूरा कर लिया जाएगा।

    स्वाति शर्मा ने एक महत्वपूर्ण वित्तीय पहलू पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की ईमानदारी और आर्थिक उन्नति के कारण बैंकिंग सेक्टर में उनका विश्वास बढ़ा है। उन्होंने साझा किया कि विभिन्न राज्यों में स्वयं सहायता समूहों का एनपीए (नॉन-परफॉर्मिंग एसेट) घटकर 2 प्रतिशत से भी कम रह गया है, जो इस बात का प्रमाण है कि ग्रामीण महिलाएं अपने ऋण का भुगतान समय पर कर रही हैं और वित्तीय प्रबंधन में कुशल हो रही हैं।

    नॉलेज पवेलियन: सिर्फ बाजार नहीं, कौशल विकास का केंद्र

    इस बार सरस मेले का एक मुख्य आकर्षण ‘नॉलेज एंड लर्निंग पवेलियन’ है। यहाँ केवल उत्पादों की बिक्री नहीं हो रही, बल्कि महिला उद्यमियों के लिए प्रतिदिन विशेष कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं। इन सत्रों में महिलाओं को पैकेजिंग, ब्रांडिंग, बिजनेस प्रपोजल तैयार करने और सोशल मीडिया मार्केटिंग के गुर सिखाए जा रहे हैं।

    विशेष रूप से इस बार ‘लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्टेशन मैनेजमेंट’ पर सघन प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को यह सिखाना है कि वे अपने उत्पादों को कम लागत में और बिना नुकसान के देश-विदेश के बाजारों तक कैसे पहुँचा सकती हैं। इसके अलावा, ई-कॉमर्स कंपनियों के साथ टाइअप के माध्यम से ‘ई-सरस’ पोर्टल के प्रति भी जागरूकता बढ़ाई जा रही है, ताकि मेले के बाद भी इन महिलाओं की बिक्री जारी रह सके। मेले में भी डिजिटल पेमेंट की सुविधा है।

    लाइव डेमो और पारंपरिक कला का जीवंत प्रदर्शन

    मेले में आने वाले दर्शकों के लिए ‘डेमो एवं लाइव लर्निंग एरिया’ एक विशेष अनुभव साबित हो रहा है। यहाँ लोग केवल सामान खरीद ही नहीं रहे, बल्कि उन्हें बनते हुए भी देख रहे हैं। मिट्टी के बर्तनों को चाक पर आकार देते कुशल शिल्पकार बच्चों और युवाओं को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। वहीं पारंपरिक सुई-धागे और शीशों के काम से कपड़े पर उकेरी जाने वाली कला का सीधा प्रदर्शन किया जा रहा है। प्राकृतिक रेशों और बांस से बनाई जाने वाली ईको-फ्रेंडली टोकरियों और घरेलू सामानों का लाइव डेमो सतत जीवन शैली की प्रेरणा दे रहा है।

    खाने-पीने के शौकीनों के लिए सरस मेला किसी स्वर्ग से कम नहीं है। मेले में एक विशाल फूड कोर्ट स्थापित किया गया है, जहाँ विभिन्न राज्यों की महिलाओं ने अपने क्षेत्रीय स्वादों के साथ ‘लाइव फूड स्टॉल’ लगाए हैं। यहाँ राजस्थान के दाल-बाटी-चूरमा, पंजाब के मक्के की रोटी और सरसों का साग, दक्षिण भारत के डोसा-इ़डली और बंगाल के संदेश जैसे व्यंजनों का स्वाद लिया जा सकता है। खास बात यह है कि ये सभी व्यंजन पारंपरिक तरीके से शुद्ध मसालों का उपयोग करके बनाए जा रहे हैं। यहां तक लोग इन व्यंजनों को पैक करवा कर भी ले जा सकते हैं।

    बच्चों और बुजुर्गों के लिए विशेष सुविधाएं

    मेला प्रशासन ने दर्शकों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा है। छोटे बच्चों के लिए एक भव्य ‘किड्स ज़ोन’ बनाया गया है, जहां कला गतिविधियों और कहानी सुनाने के सत्रों के माध्यम से उन्हें भारत की ग्रामीण संस्कृति से परिचित कराया जा रहा है। इसके अलावा मेले में बाल देखभाल सुविधा भी उपलब्ध करायी गई है, जिससे जिन महिलाओं के बच्चे छोटे हैं और वे मेले का घुम कर आनंद नहीं ले पा रही, वे बाल देखभाल सुविधा केंद्र में बच्चों को रख सकती है। बुजुर्गों और महिलाओं के विश्राम के लिए जगह-जगह विश्राम स्थल बनाए गए हैं। मनोरंजन के लिए प्रतिदिन शाम को विभिन्न राज्यों के सांस्कृतिक दलों द्वारा लोक नृत्य और संगीत की प्रस्तुतियां दी जा रही हैं, जो मेले के माहौल को और भी उत्सवपूर्ण बना देती हैं।

    सफलता की कहानियों से मिली प्रेरणा

    संवाददाता सम्मेलन के दौरान कई सफल महिला उद्यमियों ने अपनी आपबीती और सफलता की गाथा साझा की। कई महिलाओं ने बताया कि कैसे एक समय उनके पास आय का कोई साधन नहीं था, लेकिन स्वयं सहायता समूह से जुड़ने और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के बाद आज वे न केवल अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं, बल्कि अन्य महिलाओं को भी रोजगार दे रही हैं। मेले में लगा ‘लखपति दीदी पवेलियन’ ऐसी ही सशक्त महिलाओं की कहानियों को प्रदर्शित कर रहा है।

    ग्रामीण विकास मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी स्वाति शर्मा, ग्रामीण विकास मंत्रालय की निदेशक डॉ. मौलिश्री समेत राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान के सहायक निदेशक चिरंजी लाल कटारिया, ग्रामीण विकास मंत्रालय के अंडर सेक्रेटरी जितेंद्र कुमार, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की जिला प्रबंधक सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे। इन्होंने बताया कि सरस आजीविका मेला गुरुग्राम के लेजरवैली ग्राउंड (निकट इफको चौक मेट्रो स्टेशन) में 26 फरवरी तक चलेगा। मेले में प्रवेश पूरी तरह से निःशुल्क रखा गया है। आम नागरिक प्रतिदिन सुबह 11:00 बजे से लेकर रात्रि 9:30 बजे तक मेले का भ्रमण कर सकते हैं।

  • Karnal News: करनाल में ‘शातिर’ चोर का अंत! कपड़ों में सामान छिपाकर उड़ा ले जाता था माल, चौथी बार स्टोर में घुसते ही दबोचा

    Karnal News: करनाल में ‘शातिर’ चोर का अंत! कपड़ों में सामान छिपाकर उड़ा ले जाता था माल, चौथी बार स्टोर में घुसते ही दबोचा

    करनाल : करनाल के रेलवे रोड इलाके में स्थित एक  स्टोर में चोरी की कोशिश करते हुए एक शातिर चोर रंगे हाथों पकड़ लिया गया। चोर स्टोर में ग्राहक बनकर दाखिल हुआ और अंदर ही अंदर सामान चोरी करने लगा। स्टाफ को पहले से शक होने के कारण उसकी हर हरकत पर नजर रखी जा रही थी। जैसे ही चोर ने सामान कपड़ों के अंदर छुपाया, स्टाफ ने उसे पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दी।

    आरोपी का नाम अश्विनी उ भाटिया है और वह करनाल का रहने वाला है। करनाल के रेलवे रोड स्थित मॉर स्टोर स्टाफ ने बताया कि पकड़ा गया चोर कोई नया नहीं था। इससे पहले भी वह इसी स्टोर में तीन बार चोरी की वारदात को अंजाम दे चुका है। हर बार वह कपड़ों के नीचे बनाई गई खुफिया जगह में सामान छुपाकर बाहर निकल जाता था। उसकी गतिविधियां स्टोर में लगे सीसीटीवी कैमरों में भी कैद हो चुकी थीं, लेकिन पहचान साफ न होने के कारण वह बचता रहा। फिलहाल इस मामले में स्टोर कर्मचारी अब कुछ बोलने को तैयार नहीं है। पुलिस भी मामले की जांच कर रही है, पकड़ा गया आरोपी एक महीना पहले टूरिस्ट वीजा पर ऑस्ट्रेलिया घूम कर आया था।

  • Rewari News: रेवाड़ी में किन्नर समाज के दो गुटों में खूनी संघर्ष! सड़क पर मचा बवाल, तनाव देख भारी पुलिस बल तैनात

    Rewari News: रेवाड़ी में किन्नर समाज के दो गुटों में खूनी संघर्ष! सड़क पर मचा बवाल, तनाव देख भारी पुलिस बल तैनात

    रेवाड़ी- नारनौल के बाद अब रेवाड़ी में भी किन्नर समाज के दो गुटों के बीच ‘गद्दी’ को लेकर छिड़ा विवाद खूनी संघर्ष की ओर बढ़ता नजर आ रहा है। पूर्व गुरु रुकसार किन्नर की गद्दी और क्षेत्रीय वर्चस्व को लेकर शुरू हुई यह तकरार अब धमकियों और मारपीट तक पहुंच गई है। गुरु की वसीयत बनाम बाहरी हस्तक्षेप की इस लड़ाई ने रेवाड़ी पुलिस और प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था की बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।

    किन्नरों का आरोप
    मोना किन्नर का दावा है कि गुरु रुकसार ने अपनी मृत्यु से पूर्व 16 जनवरी 2025 को वसीयत लिखकर उन्हें अपना उत्तराधिकारी घोषित किया था। लेकिन गुरु के जाते ही बाहरी क्षेत्रों के किन्नरों ने इस इलाके पर अपनी नजरें गड़ा दी हैं। आरोप है कि ये बाहरी लोग न सिर्फ मोना के अधिकार क्षेत्र में दखल दे रहे हैं, बल्कि जबरन वसूली और वर्चस्व स्थापित करने के लिए डरा-धमका भी रहे हैं।

    बधाई वसूली के दौरान 2 गुट आपस में भिड़े
    जानकारी के अनुसार तनाव तब और बढ़ गया जब बधाई वसूली के दौरान दोनों गुट आपस में भिड़ गए। आरोप है कि बाहरी गुट ने मोना के चेलों के साथ मारपीट की, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। मोना किन्नर ने अब सदर थाना रेवाड़ी में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि कुछ लोग आपराधिक तत्वों के साथ मिलकर उनकी संपत्ति और आय के स्रोतों पर कब्जा करना चाहते हैं। फिलहाल मामले की गंभीरता को देखते हुए रेवाड़ी पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों के दावों की पड़ताल की जा रही है और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि विवाद खूनी मोड़ न ले ले।

  • Shocking Incident: मैनेजर ने 8वीं मंजिल से कूदकर दी जान! मौत या आत्महत्या? संदिग्ध परिस्थितियों ने उलझाई पुलिस की गुत्थी

    Shocking Incident: मैनेजर ने 8वीं मंजिल से कूदकर दी जान! मौत या आत्महत्या? संदिग्ध परिस्थितियों ने उलझाई पुलिस की गुत्थी

    गुड़गांव: सेक्टर-49 स्थित स्पेज आईटी पार्क में एक बिल्डिंग से कूदकर युवक ने आत्महत्या कर ली। मंगलवार सुबह चार बजे वह आठवीं मंजिल की बालकनी से कूद गया जिसकी पहचान 34 वर्षीय वरुण शंकर के रूप में हुई है। इसे इसी बिल्डिंग में स्थित एक कंपनी में बतौर मैनेजर कार्यरत था।

    पुलिस के मुताबिक, सूचना मिलते ही सेक्टर-50 थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मूल रूप से बेंगलुरु के रहने वाले वरुण यहीं एक कंपनी में बतौर मैनेजर कार्यरत थे। मृतक के परिजनों को सूचना दे दी गई है। पुलिस का कहना है कि मृतक के पास कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। ऐसे में मामला संदेहजनक है। उसकी कंपनी में कार्य करने वाले सहकर्मियों से पूछताछ की जा रही है। इसके अलावा उसके मोबाइल की डिटेल भी खंगाली जा रही है। थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सुखबीर के मुताबिक, ऑफिस में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी खंगाली जा रही है। मामले में जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम हाउस में रखवा दिया है। परिजनों के गुड़गांव आने के बाद ही मृतक का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।