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  • Grok पर फ्री में Ghibli फोटो बनाने में ऐसे मदद करेगा ChatGPT

    ChatGPT की नई इमेज जनरेशन कैपेसिटी ने इन धुंआ उठा रखा है. इसमें हर कोई यूजर अपनी नॉर्मल फोटोज को स्टूडियो घिबली स्टाइल में बदल सकता है. नया टूल पहले की तुलना में कई ज्यादा डिटेल्ड इमेज बना सकता है. जो इसे बाकी चैटबॉट्स से अलग बनाता है. लेकिन इस नए टूल ने OpenAI के सर्वर पर भारी दबाव डाला है. जिसकी वजह से अब इस पर लिमिट सेट हो गई है. ऐसे में अगर आप बिना किसी सब्सक्रिप्शन के फ्री में घिबली स्टाइल फोटो बनवाना चाहते हैं तो चैटजीपीटी के मदद से ग्रोक पर फोटो बना सकते हैं.

    ChatGPT लिखवाएं प्रॉम्प्ट

    ज्यादातर लोगों की ग्रोक पर फोटो अच्छी इसलिए नहीं बन पा रही है क्योंकि उनका प्रॉम्प्ट सही तरह से नहीं है. आप डिटेल्ट और कम शब्दों में प्रॉम्प्ट देंगे तो आपको बेहतरीन फोटो मिलती है. ऐसे में आप चाहे तो इसमें चैटजीपीटी से ग्रोक पर घिबली स्टाइल फोटो बनवाने के लिए प्रॉम्प्ट लिखवा सकते हैं. इससे आपको सही प्रॉम्प्ट मिलेंगे जिनके जरिए ग्रोक पर वही फोटो मिलेगी जो आप बनवाना चाहते हैं.

    ChatGPT वेबसाइट या ऐप को दें कमांड

    इसके लिए आपको सबसे पहले, ChatGPT की वेबसाइट या ऐप पर जाना होगा. जो इमेज बनवाना चाहते हैं, उसके बारे में जितना हो सके उतना डिटेल में लिखें. जैसे- अगर आप एक जंगल की Ghibli स्टाइल में इमेज चाहते हैं, तो आप ChatGPT से कह सकते हैं, एक घने और जादुई जंगल की Ghibli स्टाइल में बनाए, जिसमें सूरज की रोशनी हो, और पेड़ बहुत ऊंचे हों.

    इस प्रोसेस को करें पूरा

    • ChatGPT से कहें कि वो आपकी इमेज के लिए एक टेक्स्ट प्रॉम्प्ट दे, जो Grok ऐप में इस्तेमाल किया जा सके. उदाहरण के लिए, (Studio Ghibli style, magical forest with tall trees, soft sunlight filtering through leaves, vibrant and detailed, whimsical and dreamy atmosphere).
    • Grok ऐप ओपन करें और ChatGPT ने जो प्रॉम्प्ट जनरेट किया वो कॉपी पेस्ट कर दें. Grok पर ये प्रॉम्प्ट डालते ही आपको Ghibli स्टाइल में एक इमेज मिल जाएगी. इमेज बनने में कुछ सेकंड्स लगते हैं.
    • अगर आप कुछ एडिट करना चाहते हैं जो चैटजीपीटी को प्रॉम्प्ट में एडिट करने को कह सकते हैं. इसमें आपको जो ऐड करना है और हटाना वो लिख सकते हैं.

     

  • Grok पर फ्री में Ghibli फोटो बनाने में ऐसे मदद करेगा ChatGPT

    ChatGPT की नई इमेज जनरेशन कैपेसिटी ने इन धुंआ उठा रखा है. इसमें हर कोई यूजर अपनी नॉर्मल फोटोज को स्टूडियो घिबली स्टाइल में बदल सकता है. नया टूल पहले की तुलना में कई ज्यादा डिटेल्ड इमेज बना सकता है. जो इसे बाकी चैटबॉट्स से अलग बनाता है. लेकिन इस नए टूल ने OpenAI के सर्वर पर भारी दबाव डाला है. जिसकी वजह से अब इस पर लिमिट सेट हो गई है. ऐसे में अगर आप बिना किसी सब्सक्रिप्शन के फ्री में घिबली स्टाइल फोटो बनवाना चाहते हैं तो चैटजीपीटी के मदद से ग्रोक पर फोटो बना सकते हैं.

    ChatGPT लिखवाएं प्रॉम्प्ट

    ज्यादातर लोगों की ग्रोक पर फोटो अच्छी इसलिए नहीं बन पा रही है क्योंकि उनका प्रॉम्प्ट सही तरह से नहीं है. आप डिटेल्ट और कम शब्दों में प्रॉम्प्ट देंगे तो आपको बेहतरीन फोटो मिलती है. ऐसे में आप चाहे तो इसमें चैटजीपीटी से ग्रोक पर घिबली स्टाइल फोटो बनवाने के लिए प्रॉम्प्ट लिखवा सकते हैं. इससे आपको सही प्रॉम्प्ट मिलेंगे जिनके जरिए ग्रोक पर वही फोटो मिलेगी जो आप बनवाना चाहते हैं.

    ChatGPT वेबसाइट या ऐप को दें कमांड

    इसके लिए आपको सबसे पहले, ChatGPT की वेबसाइट या ऐप पर जाना होगा. जो इमेज बनवाना चाहते हैं, उसके बारे में जितना हो सके उतना डिटेल में लिखें. जैसे- अगर आप एक जंगल की Ghibli स्टाइल में इमेज चाहते हैं, तो आप ChatGPT से कह सकते हैं, एक घने और जादुई जंगल की Ghibli स्टाइल में बनाए, जिसमें सूरज की रोशनी हो, और पेड़ बहुत ऊंचे हों.

    इस प्रोसेस को करें पूरा

    • ChatGPT से कहें कि वो आपकी इमेज के लिए एक टेक्स्ट प्रॉम्प्ट दे, जो Grok ऐप में इस्तेमाल किया जा सके. उदाहरण के लिए, (Studio Ghibli style, magical forest with tall trees, soft sunlight filtering through leaves, vibrant and detailed, whimsical and dreamy atmosphere).
    • Grok ऐप ओपन करें और ChatGPT ने जो प्रॉम्प्ट जनरेट किया वो कॉपी पेस्ट कर दें. Grok पर ये प्रॉम्प्ट डालते ही आपको Ghibli स्टाइल में एक इमेज मिल जाएगी. इमेज बनने में कुछ सेकंड्स लगते हैं.
    • अगर आप कुछ एडिट करना चाहते हैं जो चैटजीपीटी को प्रॉम्प्ट में एडिट करने को कह सकते हैं. इसमें आपको जो ऐड करना है और हटाना वो लिख सकते हैं.

     

  • मासिक दुर्गाष्टमी के दिन इस विधि से करें कन्या पूजन, सुखी रहेगा वैवाहिक जीवन!

    हिंदू धर्म में मासिक दुर्गाष्टमी बहुत पावन और विशेष मानी जाती है. हर माह की शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि मासिक दुर्गाष्टमी के रूप में मनाई जाती है. मासिक दुर्गाष्टमी माता के भक्तों के लिए बहुत महत्व रखती है. भक्त मासिक दुर्गाष्टमी के दिन माता का पूजन और व्रत करते हैं. मान्यता है कि इस दिन पूजन और व्रत करने से माता दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त होता है. घर में सुख-शांति और समृद्धि का वास रहता है.

    चैत्र माह की नवरात्रि प्रारंभ हो चुकी है. आज नवरात्रि का तीसरा दिन है. इस नवरात्रि का छह अप्रैल को समापन हो जाएगा. चैत्र नवरात्रि की अष्टमी तिथि को ही इस बार मासिक दुर्गाष्टमी रहेगी. मासिक दुर्गाष्टमी के दिन कन्या पूजन किया जाएगा. मान्यता है कि जो भी मासिक दुर्गाष्टमी के दिन विधि पूर्वक कन्या पूजन करता है मां उसे सुखी वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद प्रदान करती हैं. ऐसे में आइए जानते हैं कन्या पूजन की विधि के बारे में.

    कब है मासिक दुर्गाष्टमी?

    हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि की शुरुआत 4 अप्रैल को रात 8 बजकर 12 मिनट पर हो जाएगी. वहीं, इस अष्टमी तिथि की समाप्ति 5 अप्रैल को शाम 7 बजकर 26 मिनट पर हो जाएगी. हिंदू धर्म में उदया तिथि मानी जाती है. ऐसे में उदयातिथि के अनुसार, 5 अप्रैल को चैत्र नवरात्र की दुर्गा अष्टमी और मासिक दुर्गाष्टमी मनाई जाएगी.

    कन्या पूजन विधि

    पूजा कन्याओं के स्वागत से शुरू करनी चाहिए. इसके बाब कन्याओं के पैर धोने चाहिए. फिर कन्याओं को आसन पर बैठाना चाहिए. कन्याओं को कलावा बांधना चाहिए. उनके मस्तक पर लाल कुमकुम लगाना चाहिए. कन्याओं को पूड़ी, काले चने, नारियल और हलवे को भोग के रूप में खिलाना चाहिए. फिर कन्याओं को उपहार में चुनरी, चूड़ियां और नए वस्त्र देने चाहिए. फिर क्षमता के अनुसार कन्याओं को दक्षिणा और फल देने चाहिए. फिर कन्याओं के पैर छुकर उनसे आशीर्वाद लेना चाहिए. अंत में कन्याओं से थोड़ा सा अक्षत अपने घर में छिड़कवाना चाहिए. अक्षत स्वंय भी लेना चाहिए.

    कन्या पूजन का महत्व

    कन्या पूजन में 9 कन्याओं को घर बुलाया जाता है. नौ कन्याओं को माता दुर्गा के 9 रूपों का प्रतीक माना जाता है. जो भी कन्याओं का पूजन करते हैं माता उन पर अपना आशीर्वाद बनाए रखती हैं.

  • ना पुजारी, ना भक्त…बांग्लादेश का यह सबसे बड़ा मंदिर कभी भी हो जाएगा गायब

    बांग्लादेश में तख्तापलट के बाद से ही हिंदू और उनके धर्मस्थल पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं. ताजा मामला सैकड़ों साल पुराने खरशूति शिव मंदिर का है. यह मंदिर अब गायब होने की कगार पर है. स्थानीय हिंदू परिवार के लोग इसे बचाने की जद्दोजेहद में जरूर जुटे हैं, लेकिन उन्हें अब तक सफलता नहीं मिल पाई है.

    बांग्लादेशी अखबार द डेली स्टार के मुताबिक फरीदपुर के बोलमारी उपजिला के अंतर्गत खरशूती गांव में 100 साल पहले एक शिव मंदिर का निर्माण कराया गया था. यह मंदिर बलुआ मिट्टी से निर्मित है, जो अब खंडहर में तब्दील हो रहा है.

    त्रिशूल समेत सभी सामान चोरी

    बांग्लादेश के खरशूति में स्थित इस मंदिर की गिनती देश के टॉप-5 बड़े मंदिरों में होती थी. 20वीं शताब्दी में स्थानीय जमींदार इशान घोष ने इसका निर्माण कराया था. उस वक्त राजस्थान से मंदिर निर्माण के लिए संगमरमर के पत्थर लाए गए थे.

    मंदिर में भगवान शिव की प्रतिमा स्थापित की गई थी. उसके द्वार पर सांप के चिह्न बनवाए गए थे. इसके अलावा मंदिर परिसर में त्रिशूल और नंदी का भी निर्माण कराया गया था.

    रिपोर्ट के मुताबिक मंदिर से त्रिशूल और नंदी के साथ-साथ उसके दरवाजे भी चोरी कर लिए गए हैं. मंदिर परिसर में कुत्तों और अन्य पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है.

    कैसे खंडहर में बदल गया मंदिर?

    1. स्थानीय लोगों के मुताबिक इस इलाके में हिंदुओं की संख्या में कमी आई है. पहले की तरह यहां हिंदुओं का वर्चस्व नहीं है. इसकी वजह से मंदिर लोग पूजा के लिए नहीं आ रहे हैं.

    2. 2011 में आखिरी बार यहां एक पुजारी को पूजा करते देखा गया. उसके जाने के बाद से मंदिर वीरान पड़ा हुआ है. न तो स्थानीय लोगों ने और न ही किसी अधिकारी ने इसकी पहल की.

    3. तख्तापलट के बाद से हिंदी डरे हुए हैं. लोग यहां पर खुलकर पूजा नहीं करना चाहते हैं. कई जगहों पर मंदिरों में तोड़फोड़ की घटना देखी गई है.

    पुरातत्व विभाग को मतलब नहीं

    रिपोर्ट में अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि इस मंदिर के रखरखाव के लिए कई बार पुरातत्व विभाग से संपर्क किया गया, लेकिन विभाग ने इस पर कोई अमल नहीं किया. अगर इस मंदिर का पुनर्निर्माण जल्द नहीं कराया गया तो बांग्लादेश का यह मंदिर धरती से गायब हो जाएगा.

  • थकावट कम करने और सही नींद के लिए करें ये योगासन, एक्सपर्ट की राय

    आज के समय में ज्यादातर लोग अपने काम और जिम्मेदारियों में काफी बिजी रहते हैं. हमारे जीवन में हर व्यक्ति किसी न किसी रूप में व्यस्त है, चाहे वह कामकाजी हो, गृहिणी हो या फिर छात्र. ऐसे में लोग अपनी सेहत को नजरअंदाज कर देते हैं. कई बार काम या पर्सनल लाइफ से जुड़ी परेशानियां से मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है, जिससे लोग जल्दी थक जाते हैं और उन्हें आराम की जरूरत होती है. लेकिन उन्हें आराम करने के लिए समय नहीं मिल पाता है. इसके अलावा आजकल लोग बहुत देर से सोते हैं, कई लोग कहते हैं कि उन्हें नींद ही समय पर नहीं आती है. ऐसे में आप रात में सोने से पहले कुछ ऐसी तकनीक अपना सकते हैं, जो जल्दी नींद आने में आपकी मदद करें. इसी में से एक कुछ योगासन भी हैं.

    योग से थकावट को कम करने और सही नींद पाने में मदद मिल सकती है. कुछ योगासन ऐसे होते हैं जो शरीर को आराम देने, स्ट्रेस कम करने और नींद में सुधार लाने में भी मदद कर सकते हैं. हर एक योगासन के अलग-अलग कई फायदे होते हैं. ऐसे में आप ऑफिस से घर पहुंच कर सोने से पहले कुछ ऐसे योगासन कर सकते हैं. जिससे शारीरिक और मानसिक तनाव को कम करने और नींद लाने में मदद मिल सकती है.

    योगा एक्सपर्ट डॉक्टर संपूर्णा का कहना है कि सबसे पहले तो सोने से 1 घंटे पहले फोन का उपयोग करना बंद कर दें. भ्रामरी प्राणायाम स्ट्रेस को कम करने में बहुत मदद कर सकता है और इससे आपको बहुत रिलेक्स फील होगा. इसके अलावा आप बेड पर लेट कर आंखें बंद करें और डीप ब्रीदिंग करें. बस अपनी सांसों पर ध्यान केंद्रित करें और अपने शरीर को ढीला रखें. इससे दिनभर की थकान और स्ट्रेस को दूर करने में मदद मिलेगी.

    शवासन योग

    शवासन से भी तनाव और थकावट को दूर करने में मदद मिलती है. इसे करने के लिए बेड पर पीठ के बल लेट जाएं. इसके बाद अपने हाथों को शरीर के दोनों तरफ रखें. शरीर को ढीला रखें इसके बाद अपनी हथेलियों को ऊपर की और मोड़ें. अब अपनी आंखों को बंद करें और अपने सांसों पर ध्यान केंद्रित करें. इसे आप 3 से 5 मिनट तक कर सकते हैं.

    लेग्स अप वॉल पोज

    दीवार के सहारे पैर उठाने की मुद्रा को लेग्स अप वॉल पोज कहा जाता है. यह हम लोग बचपन में खेल-खेल में बहुत करते थे. इस आसन को करने के लिए पीठ के बल लेट जाएं. इसके बाद अपने कूल्हों को दीवार के करीब रखें और अपने पैरों को दीवार पर 90 डिग्री तक ऊपरउठाएं. अपने शरीर को ढीला छोड़े, आंखों को बंद करें और सांसों पर ध्यान केंद्रित करें. यह आसन थकावट को कम करने और नींद को बेहतर बनाने में मदद करेगा.

    पीसीओडी और इनफर्टिलिटी की समस्या के लिए यह योगासन बहुत फायदेमंद होता है. साथ ही जिन लोगों को नींद नहीं आती और जो लोग दिनभर ऑफिस में चेयर पर बैठकर काम करते हैं या ट्रैवलिंग बहुत करते हैं, जिस वजह से पैर नीचे लटके रहते हैं और इसके कारण पैरों में सूजन हो जाती है उन लोगों के लिए यह आसान करना सही रहता है. इसे खाना डाइजेस्ट करने में भी मदद मिल सकती है.

  • बाल काटे-सिर मुंडवाया… केरल में क्यों ऐसा प्रदर्शन करने को मजबूर आशा वर्कर्स

    केरल में आशा कार्यकर्ताओं का विरोध पिछले 50 दिनों से जारी है. आशा कार्यकर्ता, सरकार पर उनकी मांगों की अनदेखी का आरोप लगा रहे हैं. यही कारण है कि सोमवार को सरकार का ध्यान अपनी तरफ खींचने के लिए उन्होंने विरोध का अनोखा अंदाज चुना, कार्यकर्ताओं में शामिल कुछ महिलाओं ने अपने सिर मुंडवाकर लिए तो कई महिलाओं ने अपने बाल काट दिए. आशा कार्यकर्ताओं का ये विरोध केरल सचिवालय के बाहर जारी है. प्रदर्शन कर रहीं महिलाएं वेतन में वृद्धि करने के लिए प्रदर्शन कर रही हैं.

    अलप्पुझा और अंगमाली में प्रदर्शन कर रहीं कार्यकर्ताओं ने भी बाल कटवाकर विरोध जताया. प्रदर्शनकारियों ने बाद में कटे हुए बालों को हाथों में लेकर व्यस्त एमजी रोड पर मार्च निकाला. प्रदर्शनकारी पिछले एक सप्ताह से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल भी कर रहे हैं.

    विरोध प्रदर्शन के बीच केरल की वामपंथी सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि मानदेय में इतनी अधिक वृद्धि व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है और कहा कि आशा कार्यकर्ताओं की मांगों पर ध्यान देना केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है.

    क्या है आशा कार्यकर्ताओं की मांग?

    केरल में प्रदर्शन कर रहीं आशा कार्यकर्ताओं ने 20 मांगों की एक सूची प्रस्तुत की है, जिसमें एक मूलभूत मांग यह है कि उन्हें औपचारिक कार्यकर्ता के रूप में मान्यता दी जाए और उनके काम के लिए उचित मुआवजा दिया जाए. 16 वर्ष की सेवा के बाद आशा कार्यकर्ताओं को स्वास्थ्य विभाग के स्थायी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए. आशा कार्यकर्ताओं के कर्तव्यों को केवल स्वास्थ्य सेवा तक सीमित रखें.

    इसके अलावा आशा कार्यकर्ता अपनी वेतन वृद्धि के लिए प्रदर्शन कर रही हैं. कार्यकर्ता अपने मानदेय को 7000 से बढ़ा कर 21000 रुपये करने की मांग कर रही हैं, हालांकि सरकार इतनी वेतन वृद्धि को लेकर सरकार ने साफ तौर पर इंकार कर दिया है. आशा कार्यकर्ताओं की मांग है कि 62 साल की उम्र में रिटायरमेंट होने के बाद उन्हें पांच लाख रुपये का एकमुश्त भुगतान किया जाए.

    आशा कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि अगर सरकार उनकी मांगों को नजरअंदाज करती रही, तो प्रदर्शनकारी अपनी जान की कीमत पर भी पीछे नहीं हटेंगे.

    232 रुपये में कैसे होगा गुजारा?

    प्रदर्शन कर रही एक आशा कार्यकर्ता ने कहा कि चाहे कुछ भी हो जाए, हम तब तक प्रदर्शन करेंगे जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं हो जाती हैं. उनका कहना है कि आशा कार्यकर्ताओं के प्रतिदिन 232 रुपये का वेतन मिलता है. हम अपनी जायज मांग के लिए लड़ रहे हैं. दुख की बात है कि राज्य सरकार ने हमारी मांगों को नजरअंदाज किया है. जब तक सरकार कोई सकारात्मक विचार नहीं करती है, हम प्रदर्शन करेंगे.

    प्रदर्शन पर क्या बोली सरकार?

    केरल में कुल 26000 आशा कार्यकर्ता हैं, इनका मामला केंद्र और राज्य सरकार के बीच फंसा हुआ है. ऐसा इसलिए क्योंकि राज्य सरकार का कहना है कि आशा कार्यकर्ताओं की मांगें केंद्र सरकार के जिम्मे हैं, इसके साथ ही मानदेय में इतनी बढ़ोतरी संभव ही नही है. राज्य सरकार ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत केंद्र से 2023-24 के लिए कोई नकद अनुदान नहीं मिला है. राज्य के इस दावे को केंद्र सरकार ने खारिज कर दिया है. केंद्र ने कहा कि हम अपनी हिस्सेदारी पूरी कर चुके हैं. लेकिन केरल से उपयोग प्रमाण पत्र नहीं आया है. कहा कि प्रमाण पत्र आने के बाद, अपेक्षित राशि आशा कार्यकर्ताओं और राज्य को दी जाएगी.

    केंद्र और राज्य की इस लड़ाई में आशा कार्यकर्ता पिछले 50 दिनों से विरोध कर रहे हैं तो वहीं पिछले एक हफ्ते से भूख हड़ताल पर डटे हुए हैं. कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे मांगे पूरी होने तक नहीं उठेंगे.

  • प्रेमी ने नहीं की शादी, 5 बच्चों की मां ने अपने बेटे को किया किडनैप; थाने पहुंच बोली- उठा ले गया ‘कौशल’

    बिहार के मुजफ्फरपुर में 5 बच्चों की मां ने अपने प्रेमी से इंतकाम लेने के लिए ऐसी साजिश रची की पुलिस वालों के पसीने निकल गए. दरअसल, मनियारी थाना क्षेत्र के जम्हरुआ की रहने वाली रेणु देवी 19 जनवरी 2025 को दौड़ते हुए मनियारी थाना पहुंची और अपने बेटे के अपहरण होने की बात बताई. महिला ने पुलिस को बताया कि वैशाली जिले के इमराहिमपुर के रहने वाले कौशल कुमार और अभिषेक कुमार ने उसके छोटे बेटे का बहला फुसला कर अपहरण कर लिया.

    दोनों बच्चे के साथ किसी घटना को अंजाम दे सकते है. महिला ने पुलिस को बताया कि उसने कौशल कुमार को कुछ पैसे उधार दिए थे, जब-जब उससे पैसे की मांग की जाती थी, तो कौशल कोई न कोई बहाना बना देता था. महिला ने बताया कि पैसा मांगने के वजह से ही उसके बेटे का अपहरण कर लिया गया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए मनियारी थाना की पुलिस ने मामले में FIR दर्ज कर ली और जांच की जिम्मेदारी इंस्पेक्टर प्रीति कुमारी को सौंप दी.

    पूछताछ में हुआ हैरान करने वाला खुलासा

    मामला दर्ज होते ही पुलिस ने बच्चे को बचाने के लिए ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी. वहीं, पुलिस ने दोनों नामजद आरोपियों से पूछताछ की तो ऐसा कोई मामला नजर नहीं आया. दोनों आरोपी अपने गांव मे आराम से रह रहे थे. वही मामले में जब मनियारी थाना की पुलिस ने जांच शुरू की तो एक के बाद एक कई रहस्य सामने आने लगे. दोनों आरोपियों से पूछताछ के क्रम में पुलिस को पता चला कि आरोपी कौशल का महिला से कई सालों से प्रेम-प्रसंग चल रहा था.

    शादी नहीं करना चाहता था युवक

    दोनों एक ही गांव के है. पति के बाहर काम करने की वजह से रेणु अक्सर अपने मायके कौशल से मिलने चली जाती थी. वहीं, करीब डेढ़ साल से रेणु अपने लवर कौशल पर शादी करने का दबाब बना रही थी. कौशल अभी तक कुंवारा था और वह 5 बच्चों की मां से शादी नहीं करना चाहता था. जिसके बाद पुलिस ने बड़े ही गोपनीयता के तौर पर पूरे मामले का की जांच करते हुए बच्चे को आवेदनकर्ता महिला के बहन के घर से सकुशल बरामद किया.

    महिला ने दर्ज कराई थी फर्जी शिकायत

    महिला रोजाना थाने जाकर अपहरणकर्ता के फोन आने और धमकी देने की बात बताती थी. साथ ही बच्चें के लिए दहाड़ मार-मार कर रोती भी थी. पूरे मामले को लेकर एसडीपीओ वेस्ट 2 अनिमेष चंद्र ज्ञानी ने बताया कि मनियारी थाना क्षेत्र के जम्हरुआ की रहने वाली रेणु देवी ने 19 जनवरी 2025 को मनियारी थाना के पुलिस को एक लिखित आवेदन सौंपा, जिसमें उसने अपने बेटे के अपहरण होने की बात लिखी थी.

    महिला से पूछताछ में जुटी पुलिस

    मामले की जांच शुरू की तो पता चला की 40 साल की रेणु देवी का अपने मायके के रहने वाला 26 साल कौशल कुमार से कई सालों तक प्रेम प्रसंग चल रहा था और रेणु देवी अपने प्रेमी से शादी रचाना चाहती थीं, लेकिन उस युवक ने अपनी प्रेमिका के अरमानों पर पानी फेरते हुए तकरीबन 10 महीने पहले ही कहीं और शादी कर ली थी, जिसके बाद महिला ने अपने प्रेमी से बदला लेने का मौका ढूंढने लगी. इसके बाद उसने बेटे के फर्जी अपहरण की योजना बनाई थी. पुलिस ने मामले में महिला को हिसार में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है.

  • मराठी गया तेल लगाने: महाराष्ट्र में फिर गरमा रहा भाषा पर विवाद, MNS की हुई ऐसे एंट्री

    देश में अब तक तमिल और हिंदी भाषा को लेकर विवाद देखने मिल रहा था, इस सबके बीच महाराष्ट्र में मराठी भाषा को लेकर विवाद गरमा गया है. मगहाराष्ट्र नव निर्माण सेना (मनसे) के कार्यकर्ता मराठी भाषा को इम्पोर्टेंस दिलाने के लिए अभियान चला रहे हैं. इसी क्रम में बीते दिन मुंबई के पवई स्थित ‘एल एंड टी’ (L&T) कंपनी में सुरक्षा गार्ड द्वारा कथित तौर पर अपशब्द कहने पर उसके साथ मारपीट कर दी. यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद एक नई जंग छिड़ गई है.

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पवई के L&T परिसर में एक व्यक्ति ने मराठी भाषा को लेकर अपमानजनक टिप्पणी की थी, गार्ड ने मराठी भाषा को लेकर कहा था कि मराठी गया तेल लगाने, जिसके बाद वहां मौजूद MNS के कार्यकर्ताओं को इसकी जानकारी मिली. MNS कार्यकर्ता तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और सुरक्षा गार्ड को ‘मराठी का सम्मान’ करने की चेतावनी देते हुए उसे एक थप्पड़ मार दिया.

    मराठी भाषा को लेकर क्या बोले थे राज ठाकरे?

    मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने एक बार फिर मराठी के मुद्दे को आगे करते हुए कहा कि मुंबई में कुछ लोग कहते है कि हम मराठी नहीं बोलेंगे लेकिन जो लोग मराठी नहीं बोलेंगे तो उनके कान के नीचे तमाचा मारने का काम भी किया जाएगा( महाराष्ट्र और मुंबई में मराठी का सम्मान किया जाना चाहिए. राज ठाकरे ने मनसे के सैनिकों से अपील की है कि वे पता लगाएं कि महाराष्ट्र के हर बैंक में मराठी भाषा का उपयोग होता है या नही

    पहले भी हो चुकी इस तरह की घटनाएं

    यह पहली बार नहीं है जब MNS कार्यकर्ताओं ने मराठी भाषा का अपमान करने वालों के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया है. इससे पहले वर्सोवा स्थित डी-मार्ट में एक कर्मचारी को सिर्फ इसलिए पीटा गया क्योंकि वह मराठी नहीं बोल पा रहा था. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था, जिसमें MNS कार्यकर्ता कर्मचारी से कान पकड़कर माफी मंगवाते नजर आ रहे थे.

  • ईद पर घर आ जाती रुखसार तो बच जाता परिवार… जहर वाला जूस पति ने पिया फिर बच्चों को पिलाया; बेटी की मौत

    उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में एक युवक ने मौसमी के जूस में जहर मिलाकर पी लिया. इसी जूस को उसने अपने दो बच्चों को पिलाया. जूस पीने से तीनों की तबीयत बिगड़ गई और एक बेटी की मौत हो गई. ऐसा युवक ने सिर्फ इसलिए किया, क्योंकि उसकी पत्नी ने ईद पर घर आने से मना कर दिया था. इस घटना से घर में कोहराम मचा हुआ है. मौके पर पुलिस पहुंची है और घटना की जांच में जुटी है.

    घटना रविवार शाम की है. युवक का नाम गुड्डू है और उसकी उम्र 32 साल बताई जा रही है. जहर पीने के बाद पिता और बेटे की हालत गंभीर बनी हुई है. दोनों आईसीयू में भर्ती हैं. बताया जा रहा है कि गुड्डू को इस बात का शक था कि उसकी पत्नी का किसी से अफेयर है. इसको लेकर दोनों में झगड़े होते थे. एक दिन पत्नी मोबाइल पर किसी से बात कर रही थी, तो वह गुस्से में आ गया और पत्नी के साथ मारपीट की. इसी के बाद पत्नी गुस्से में मायके चली गई. वह वहीं रह रही थी.

    10 साल पहले हुई थी शादी

    इस्लाम नगर तेलीपाड़ा में भाई के साथ गुड्डू राशन डीलर की दुकान चलाता है. उसकी बेटी का नाम खुशी था, जिसकी मौत हो गई. वहीं 5 साल का बेटा आहिल अभी अस्पताल में भर्ती है. पत्नी का नाम रुखसार है. गुड्डू के घरवालों ने बताया कि 10 साल पहले दोनों की शादी हुई थी. आरोप लगाया कि रुखसार आए दिन गुड्डू से झगड़ा करती थी. वह मायके में रह रही थी. वह रिश्ता खत्म के लिए पैसों की डिमांड कर रही थी.

    ईद पर घर आने से किया मना

    घरवालों के मुताबिक, शनिवार को गुड्डू ने रुखसार को ईद पर घर आने के लिए फोन किया, लेकिन रुखसार ने आने से साफ मना कर दिया. इसके बाद रविवार को उसने जूस में जहर मिलाकर पी लिया. घरवालों ने ही तीनों को मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए भर्ती कराया था, जहां बच्ची की मौत हो गई. वहीं, पुलिस ने बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है.

  • अटूट प्रेम! पति ने बनवाया पत्नी का मंदिर, शारदा देवी की लगवाई मूर्ति; खर्च कर दिए रिटायरमेंट के 60 लाख

    प्यार हमारा अमर रहेगा याद करेगा जहां, तू मुमताज है मेरे ख्वाबों की मैं तेरा शाहजहां. जी हां मुद्दत फिल्म का यह गाना जिस समय आया था उस समय यह गाना प्रेमी और प्रेमिकाओं के बीच बड़ा ही मशहूर हुआ था. यह गाना उस समय से लेकर आज तक प्रेम की निशानी ताजमहल की याद दिलाता रहता है, लेकिन अब इस गाने को बिहार के मोतिहारी में रहने वाले पूर्व पंचायत सचिव ने सच करके दिखाया है. उन्होंने अपनी पत्नी की मौत के बाद उसकी याद में एक भव्य मंदिर बनाया है.

    मोतिहारी के मधुचाई गांव के रहने वाले रिटायर्ड पंचायत सचिव बालकिशुन राम ने अपनी पत्नी शारदा देवी की याद में एक भव्य मंदिर का निर्माण करवाया है. उन्होंने न सिर्फ मंदिर बनवाया है बल्कि पति और पत्नी के बीच जो सात जन्मों का बंधन होता है उसे भी यादगार बना दिया है. आज के जमाने में बात करें तो तलाक की घटनाएं बेहद सामान्य हो गई हैं. वहीं, लोग इतने ज्यादा उग्र हो गए हैं कि वह छोटी-छोटी बातों पर हत्या करने से भी पीछे नहीं हट रहे हैं, लेकिन मोतिहारी के बालकिशुन की कहानी पति-पत्नी के गहरे संबंध को दर्शाती है.

    पत्नी की याद में बनवाया मंदिर

    बालकिशुन राम की पत्नी शारदा का निधन 6 साल पहले हो गया था. इसके बाद से ही बालकिशुन गमजदा और अकेलापन महसूस करने लगे थे. इसी अकेलेपन को दूर करने के लिए वह अपनी पत्नी की यादों को अनोखी तरीके से संजोने में जुट गए. रिटायरमेंट के दौरान उन्हें करीब 60 लाख मिले थे, जिससे उन्होंने पत्नी की याद में एक मंदिर बनवाया है. मंदिर इतना भव्य और बड़ा है कि उसे बनाने में 3 सालों का समय लगा है.

    पर्यटन मंत्री ने किया उद्घाटन

    इस मंदिर में बालकिशुन ने किसी देवी की नहीं बल्कि अपनी पत्नी की मूर्ति स्थापित की है, जिसका उद्घाटन बिहार राज्य के पर्यटन मंत्री राजू कुमार सिंह ने किया है. इस दौरान उन्होंने कहा कि यह काम आज के समय में कोई साधारण काम नहीं है बल्कि सबसे उत्तम काम है. क्योंकि पति-पत्नी का संबंध उन्हीं को समझ में आता हैं, जो दिल के सच्चे होते हैं.