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  • जल संवर्धन के साथ उसका संरक्षण आज की महती आवश्यकता : CM मोहन

    भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि लोकतंत्र में जनता ही सरकार की सबसे बड़ी ताकत है। जनता को साथ लेकर प्रदेश के चहुँमुखी विकास की ओर हम आगे बढ़ रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट निर्माण में भी प्रदेश की जनता को जोड़ते हुए उनसे सुझाव आमंत्रित किये गये। प्रदेश में सभी प्रमुख त्यौहार भी प्रदेशवासियों को साथ लेकर मनाने की शुरूआत की गई है। अब 30 मार्च से प्रारंभ हुए राज्य स्तरीय जल गंगा संवर्धन अभियान में भी जन-भागीदारी को प्राथमिकता के साथ जोड़ा गया है। जल संकट को दूर करने बारिश के जल को अधिक से अधिक संग्रहण करने 30 मार्च से प्रांत व्यापी “जल गंगा संवर्धन’’ अभियान की शुरूआत की गई है। यह अभियान 30 जून तक निरंतर जारी रहेगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि “जल गंगा संवर्धन’’ अभियान का राज्य स्तरीय शुभारंभ महाकाल की नगरी उज्जैन में क्षिप्रा नदी के तट से किया गया। इसमें राज्यपाल मंगुभाई पटेल और केन्द्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री डॉ. अर्जुनराम मेघवाल भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि प्रदेश में वर्षा जल की बूंद-बूंद बचाने का “जल गंगा संवर्धन” महा अभियान ग्रीष्म ऋतु में 30 जून तक 90 दिन से अधिक समय तक लगातार चलेगा। इस दौरान प्रति दिन छोटी-बड़ी जल संरचनाएं निर्मित कर लोकार्पित की जाएंगी। जल संरक्षण के इस अभियान से प्रदेश के भू-जल स्तर में सुधार आएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नागरिकों से मानवता ही नहीं समूची प्रकृति का जीवन अस्तित्व बचाए रखने के लिए पानी की बूंद-बूंद बचाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जन, जल, जंगल, जमीन और वन्य प्राणियों के संरक्षण के लिए संकल्पित है।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जल संरक्षण अभियान देशभर में एक व्यापक जन-आंदोलन बन चुका है। राज्य सरकार भी ‘खेत का पानी खेत में-गांव का पानी गांव में’ के सिद्धांत पर जल संरक्षण की दिशा में अभियान चला रही है। उन्होंने कहा कि “जल गंगा संवर्धन अभियान” में जल संरक्षण को प्रोत्साहित करने के लिए वर्षा जल संचयन, जल स्रोतों का पुनर्जीवन और जल संरक्षण तकनीकों को अपनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। प्रदेश सरकार का यह अभियान जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे जल संरक्षण से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता देकर अधिक से अधिक लोगों को अभियान से जोड़ें। उन्होंने कहा कि “जल गंगा संवर्धन अभियान”, प्रदेश में जल की प्रचुर उपलब्धता और भावी पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करने में मील का पत्थर सिद्ध होगा।

  • अगले 48 घंटों में 27 जिलों में तेज बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट, 40 किमी की रफ्तार से चलेगी आंधी

    मध्यप्रदेश में मौसम में बड़े बदलाव की संभावना जताई जा रही है। एक दिन पहले मार्च में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार रिकॉर्ड किया गया था, लेकिन अब मौसम में बदलाव के साथ तापमान में गिरावट आ रही है। नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के बाद 1 अप्रैल को राज्य के विभिन्न हिस्सों में तेज हवाओं और बारिश के साथ ओलावृष्टि की संभावना है। पिछले 24 घंटे में राज्य में अधिकतम तापमान में 3 डिग्री की कमी आई और यह सामान्य से 0.8 डिग्री कम रहा।

    अगले 48 घंटे का अलर्ट मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के दौरान प्रदेश के 27 जिलों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।

    किसे मिलेगी राहत? मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश के नर्मदापुरम, बैतूल जैसे जिलों में 1 अप्रैल को ओले गिरने की संभावना है। वहीं, खंडवा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, छिंदवाड़ा, बालाघाट, पांढुर्णा जैसे इलाकों में 40 से 50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से आंधी चलने का अनुमान है।

    भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, हरदा, बुरहानपुर, खरगोन, देवास, आगर-मालवा, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, सागर, टीकमगढ़, और निवाड़ी में 30 से 40 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से आंधी चल सकती है।

    मौसम में बदलाव का कारण यह बदलाव मुख्य रूप से सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ के कारण है, जो मध्य महाराष्ट्र और आसपास के क्षेत्रों में प्रभावी है। इस विक्षोभ के कारण प्रदेश में तापमान में गिरावट और तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना बन रही है।

    मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे आगामी दिनों में मौसम के साथ-साथ सभी जरूरी सतर्कताएं बरतें, खासकर खुले स्थानों पर न जाएं और वाहनों की गति कम रखें।

  • CM मोहन ने की बड़ी घोषणा, सीएम राइज स्कूलों का नाम हुआ सांदीपनी स्कूल

    भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 1 अप्रैल को ‘स्कूल चलें हम अभियान-2025’ की शुरुआत की। वे इस अभियान के अंतर्गत शासकीय नवीन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित राज्य स्तरीय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की। कार्यक्रम की शुरुआत में एक तरफ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने छात्राओं से संवाद किया, तो दूसरी तरफ स्टूडेंट्स ने उनका इंटरव्यू भी लिया। उन्होंने इस दौरान बड़ी घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि अब सीएम राइज स्कूल सांदीपनी स्कूल के नाम से जाने जाएंगे। उन्होंने इस मौके पर प्रदर्शनियों का अवलोकन भी किया। इन प्रदर्शनियों में पेंटिंग, माटी कला सहित कई कलाकृतियां शामिल थीं। इस दौरान छात्रों ने सीएम डॉ. मोहन यादव को उनका स्कैच भी दिखाया। स्कैच देखने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उस पर ऑटोग्राफ दिया। उन्होंने छात्र-छात्राओं पर पुष्पवर्षा कर सभी का स्वागत किया।

    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज का दिन बेहद खास है। आज स्कूल चलें अभियान का शुभारंभ है। हमारी सरकार छात्रों के कल्याण के लिए संकल्पित है। स्कूल चलो अभियान की शुरुआत 5 हजार साल पहले ही हो गई थी। भगवान श्री कृष्ण ने 11 साल की उम्र में कंस को जरूर मारा, लेकिन ऋषि-मुनियों को उनकी शिक्षा की भी चिंता थी। बहुत सोच-विचार कर उन्होंने श्री कृष्ण को पढ़ाई के लिए सांदीपनी आश्रम भेजा।

    सरकारी स्कूल में पढ़ने से प्रतिभा पर असर नहीं

    सीएम डॉ. यादव ने बच्चों से कहा कि श्री कृष्ण-सुदामा की दोस्ती आपके लिए पाठ है। आप भी जिनसे दोस्ती करो, उनसे आत्मीयता जीवनभर बनाए रखो। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने से प्रतिभा पर कोई असर नहीं होता। उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी, पूर्व राष्ट्रपति स्व. डॉ. अब्दुल कलाम, पूर्व राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के उदाहरण दिए। उन्होंने कहा कि इन सभी हस्तियों का जीवन कष्टों में बीता, लेकिन उसके बावजूद इन सभी ने संकटों को पार करते हुए अपनी पहचान स्थापित की।

    हमारे छात्र-छात्राओं का इंतजार दुनिया कर रही

    सीएम डॉ. मोहन यादव ने स्कूली छात्र-छात्राओं से कहा कि दुनिया आपका इंतजार कर रही है। आप न केवल प्रदेश का, बल्कि देश का नाम आगे बढ़ाएं। रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का लाभ प्रदेश को मिल रहा है। हम प्रदेश को विकसित करने के लिए संकल्पित हैं। भोपाल में पहली बार ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट हुई तो उद्योगपतियों ने कहा कि ऐसी समिट कहीं नहीं देखी। आज हमारा प्रदेश बदल रहा है। हम सभी मिलकर प्रदेश को आगे बढ़ाने का संकल्प ले रहे हैं। आज हमने किया, कल की जिम्मेदारी आप पर है। हमारी सरकार ने तय किया है कि सीएम राइज स्कूल को अब सांदीपनी स्कूल के नाम से जाना जाएगा।

    नए स्टूडेंट्स का हुआ स्वागत

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम में नए स्टूडेंट्स का स्वागत किया। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर के स्कूली खिलाड़ियों का भी सम्मान किया। इसके साथ-साथ उन्होंने स्कूल शिक्षा विभाग के शिक्षा पोर्टल 3.0 का शुभारंभ किया। गौरतलब है कि, प्रदेश में करीब 92 हजार सरकारी स्कूल हैं। इनमें प्रायमरी, मीडिल, हाई और हायर सेकण्डरी स्कूल हैं। इन स्कूलों में लगभग 85 लाख बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं।

    क्या है एजुकेशन पोर्टल 3.0 

    बता दें, इस साल एक अप्रैल से नए सेशन की शुरुआत हो रही है। प्रवेशोत्सव कार्यक्रम-2025 के माध्यम से सभी शासकीय-अशासकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों के प्रवेश की कार्रवाही एजुकेशन पोर्टल 3.0 पर “स्टूडेंड डायरेक्ट्री मैनेजमेंट सिस्टम” प्रणाली पर की जा रही है। एजुकेशन पोर्टल में स्कूल शिक्षा विभाग से संबंधित सभी कार्यों को शामिल किया गया है। विभाग से संबंधित जानकारी पोर्टल के माध्यम से आसानी से मिल सकेगी।

    भविष्य से भेंट कार्यक्रम में क्या होगा

    स्कूल चलें हम अभियान के दूसरे दिन दो अप्रैल को स्कूलों में “भविष्य से भेंट’’ कार्यक्रम होगा। इस कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों के प्रसिद्ध, प्रबुद्ध और सम्मानित व्यक्तियों को प्रेरक की भूमिका में विद्यार्थियों से भेंट के लिए आमंत्रित किया जायेगा। इसी दिन स्थानीय स्तर पर विशिष्ट उपलब्धियां हासिल करने वाले खिलाड़ी, साहित्यकार, कलाकार, मीडिया, संचार मित्रों, पुलिस अधिकारी, राज्य शासन के अधिकारी को विशेष रूप से आमंत्रित किया जाएगा।

    पैरेंट्स का होगा सम्मान

    “स्कूल चलें हम अभियान” के अंतर्गत 3 अप्रैल को स्कूल स्तर पर पैरेंट्स के साथ सांस्कृतिक-खेल-कूद की गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इसका उद्देश्य पैरेंट्स का स्कूल से जुड़ाव करना है। इसी दिन स्कूल में उपस्थित पैरेंट्स को स्टाफ द्वारा राज्य सरकार की स्कूल शिक्षा से जुड़ी सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। पिछले शैक्षणिक-सत्र में जिन विद्यार्थियों की 85 प्रतिशत से अधिक उपस्थिति रही है, उनके पैरेंट्स को सभा में सम्मानित किया जाएगा।

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    हार के आगे जीत से बदलेगा भविष्य

    “स्कूल चलें हम अभियान” के अंतर्गत 4 अप्रैल को ऐसे छात्रों को चिन्हित किया जाएगा, जो किन्हीं वजहों से अगली कक्षा में नहीं आ सके। पैरेंट्स को इन बच्चों की आगे की पढ़ाई के लिए समझाइश दी जाएगी। उन्हें बताया जाएगा कि असफल होने के बाद भी लगातार प्रयास से अच्छा भविष्य तैयार किया जा सकता है। इसी दिन स्कूल प्रबंधन और विकास समिति की बैठक भी होगी। बैठक में नए एजुकेशन सेशन में ऐसे बच्चों पर विशेष रूप से चर्चा की जाएगी, जिनका स्कूलों में नामांकन नहीं हो पाया है। समिति के सदस्य अपने विद्यालयों में शत-प्रतिशत बच्चों के नामांकन की कोशिश करेंगे और वार्षिक कार्य-योजना बनाकर उसके क्रियान्वयन पर चर्चा करेंगे।

  • घर में घुसा कोबरा सांप, मचा हड़कंप, सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम

    सीधी। मध्य प्रदेश के सीधी शहर के नगर पालिका क्षेत्र अंतर्गत वार्ड 10 वर्मा कॉलोनी केंद्रीय विद्यालय के बगल में कैलाश वर्मा के किराये के एक मकान में ग़ल्ला ड्रम के पीछे बीती रात 12:00 बजे ब्लैक कोबरा सांप दिखाई दिया। मकान मालिक कैलाश वर्मा ने बताया कि मेरे किराये के एक मकान में फ़ूड विभाग के कर्मचारी रहते हैं। उनके द्वारा मुझे सूचना दी गई कि घर के अंदर खाद्य सामग्री रखने वाले ड्रम के पीछे एक सांप दिख रहा है, जो कि चूहा खाने आया है।

    मैं मौके पर पहुंच गया था, रात भर हम सांप को देखते रहे कि कहीं सांप जाने न पाए और मंगलवार की सुबह मेरे द्वारा फॉरेस्ट विभाग के कर्मचारी पंकज मिश्रा को फोन के माध्यम से सूचना दी गई, उसके बाद उन्होंने रेस्क्यू कर सांप को पकड़ लिया। फॉरेस्ट विभाग के कर्मचारी पंकज मिश्रा के द्वारा बताया गया कि जिस सांप को हमने पकड़ा है उसे कोबरा कहते हैं।

    यह बहुत ही जहरीला होता है। इस सांप के काटने के बाद इंसान 45 मिनट तक ही जिन्दा रह पाता है।  इसलिए आप सभी को किसी भी अंध विश्वास में नहीं पड़ना है और कहीं पर यह सांप दिखे तो इसकी सूचना वन विभाग को तत्काल दें।

  • डबरा में भीषण सड़क हादसा, दो लोगों की दर्दनाक मौत, आमने-सामने बाइक की हुई टक्कर

    डबरा। मध्य प्रदेश के डाबरा में भीषण सड़क हादसा हुआ है, तेज रफ्तार दो बाइक में आमने-सामने टक्कर हो गई। यह घटना ग्वालियर जिले में आने वाले डबरा की है दो युवकों की दर्दनाक मौत हो गई है। इस हादसे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई थी और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

    घटना पिछोर थाना क्षेत्र की है इस घटना में कल्याण सिंह जाट और रोहित जाटव की मौत हो गई है। पिछोर थाना पुलिस अभी मामले की जांच कर रही है। मृतकों के शवों को लेकर सिविल अस्पताल पुलिस पहुंची है और पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिए जाएंगे।

  • गुना में अधेड़ की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, दूसरी पत्नी ने पहली पर लगाया हत्या का आरोप

    गुना। अशोकनगर के एक अधेड़ की गुना में सस्पेंसफुल मौत ने सनसनी फैला दी। 50 साल के महेंद्र कलावत अपने बेटे की शादी का कार्ड देने पहली पत्नी के घर रात को पहुंचे लेकिन सुबह उठे तो हमेशा के लिए सो गए। बताया जा रहा है कि महेंद्र ने गुना आने के बाद अपनी पहली पत्नी मंगेश के घर शराब पी और रात को सोने चले गए।

    पहली पत्नी का कहना है सुबह जब उन्हें उठाने गए, तो उनके पैर ठंडे पड़ गए थे। इस खबर के बाद तो शादी के घर में कोहराम मच गया और दूसरी पत्नी आशा ने सीधे हत्या का आरोप लगा दिया। इस डबल फैमिली ट्रेजेडी में पहली पत्नी की 2 संतान है दूसरी की 3 संतान हैं। महेंद्र ट्रैक्टर ड्राइवर था और दोनों घरों में आना-जाना था।

    सवाल यह है शराब ने खेल खराब किया, या पत्नियों की रंजिश ने ले ली जान?

    कोई कह रहा कि शराब ने जान ले ली और कोई कह रहा कि यह हत्या है, फिलहाल पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतज़ार है। अगर पोस्टमॉर्टम में कुछ संदिग्ध निकला, तो सस्पेंस और बढ़ जाएगा। महेंद्र की दूसरी पत्नी आशा ने बताया कि महेंद्र कार्ड देने गुना गए थे। यहां मंगेश ने उन्हें शराब पिलाई इसके बाद छत पर ले जाकर उनके साथ मारपीट भी की गई, इसके बाद फिर नीचे ले आए आशा ने मंगेश से कहा था कि इन्हें भिजवा दो लेकिन नहीं भिजवाया और मंगलवार को सुबह पता चला कि उनकी मौत हो गई है।

  • मच्छर अगरबत्ती से लग गई आग, बुजुर्ग की हुई मौत

    छतरपुर। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में धामची गांव में मच्छर भगाने के लिए अगरबत्ती जलाई गई थी। इस दौरान आग लग गई और 74 साल के बुजुर्ग की मौत हो गई है। यह घटना सोमवार देर रात की है, बुजुर्ग का नाम गोविंद रैकवार था। गोविंद लकवा के शिकार थे और उनका इलाज ग्वालियर में चल रहा था।  मच्छरों के लिए लगाई गई अगरबत्ती से बिस्तर में आग लग गई थी।

    गोविंद ने परिजनों को आवाज़ लगाई जिसके बाद परिजन पहुंचे और आग को बुझाया गया। गोविंद को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन यहां पर उनकी मौत हो गई। ओरछा रोड़ थाना पुलिस का कहना है कि अभी इस पूरे मामले की जांच की जा रही है। मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।

  • भोपाल में युवती ने सल्फास की गोलियां खाईं, इलाज के दौरान मौत

    भोपाल। मध्य प्रदेश के भोपाल जिले में आने वाले सेवनिया इलाके में एक युवती ने सल्फास की गोलियां खाली यह घटना सोमवार की है। मंगलवार को युवती की मौत हो गई है, परिजनों का कहना है कि युवती ने यह गोलियां गलती से खाली थीं। पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है और पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। युवती का नाम नेहा कुशवाहा और बरखेड़ा अब्दुल्ला गांव की नेहा रहने वाली थी। आठवीं कक्षा के बाद नेहा ने पढ़ाई छोड़ दी थी।

    नेहा उल्टियां कर रही थी जिसे परिजन तत्काल अस्पताल ले गए यहां पर इलाज के दौरान मंगलवार को उसकी मौत हो गई। पुलिस को अभी कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, नेहा मोबाइल का इस्तेमाल भी नहीं करती थी परिजनों का कहना है कि गेहूं में सल्फास की गोली रख रहे थे, इस दौरान नेहा ने गलती से गोली खाई है।

  • इन 2 खिलाड़ियों पर खर्च हुए 53.75 करोड़ रुपये, अब पता चलेगा कौन है बड़ा धुरंधर? IPL 2025 में पहली बार होगा ऐसा

    IPL 2025 में अब पहली बार वो घड़ी आ गई है, जब उन दो खिलाड़ियों का आमना-सामना होता दिखेगा, जिन पर 53.75 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं. मतलब इतने की कीमत पर दोनों को खरीदा गया है. हम बात कर रहे हैं ऋषभ पंत और श्रेयस अय्यर की. ये दोनों IPL 2025 ही नहीं बल्कि इस लीग के इतिहास के दो सबसे महंगे खिलाड़ी हैं. ऋषभ पंत को पूरे 27 करोड़ रुपये में लखनऊ सुपर जायंट्स ने खरीदा है. जबकि 26.75 करोड़ रुपये में पंजाब किंग्स ने श्रेयस अय्यर को खुद से जोड़ा है.

    IPL 2025 में पहली बार भिड़ेंगे 2 सबसे महंगे खिलाड़ी

    1 अप्रैल को IPL 2025 के 13वें मैच में पंजाब किंग्स की टक्कर लखनऊ सुपर जायंट्स से है. यही मुकाबला IPL इतिहास के दो सबसे महंगे खिलाड़ियों के घमासान का भी गवाह बनेगा , जो कि अपनी-अपनी टीमों के कप्तान भी हैं. ऋषभ पंत की कमान वाली लखनऊ सुपर जायंट्स का ये तीसरा मैच होगा. वहीं श्रेयस अय्यर की पंजाब किंग्स इस सीजन का अपना दूसरा मैच खेलने उतरेगी.

    पहले दो मैचों में पंत का प्रदर्शन फीका

    लखनऊ सुपर जायंट्स की बात करें तो उसे IPL 2025 के अपने पहले मैच में 1 विकेट से हार का सामना करना पड़ा था. उस मुकाबले में 27 करोड़ के ऋषभ पंत खाता भी नहीं खोल पाए थे. लेकिन अपने दूसरे मैच में लखनऊ सुपर जायंट्स ने सनराइजर्स हैदराबाद को उसके घर में घुसकर हराया और सबको चौंका दिया. हालांकि, उसके कप्तान ऋषभ पंत का प्रदर्शन यहां भी उनकी काबिलियत से दूर दिखा. पंत ने 100 की स्ट्राइक रेट से 15 गेंदों पर 15 रन बनाए.

    श्रेयस अय्यर ने किया धमाकेदार आगाज

    पंजाब किंग्स की बात करें तो उसने IPL 2025 में अपने अभियान का आगाज गुजरात टाइटंस के खिलाफ किया. वो मुकाबाल हाई स्कोरिंग रहा. रन दोनों टीमों की ओर से बरसे. लेकिन, आखिर में जीत 11 रन से पंजाब किंग्स की हुई. इस मैच नें IPL इतिहास के दूसरे सबसे महंगे खिलाड़ी 26.75 करोड़ के श्रेयस अय्यर ने 97 रन की नाबाद और तूफानी पारी खेली. उन्होंने ये रन सिर्फ 42 गेंदों में बनाए.

    कौन है बड़ा धुरंधर, पता चलेगा अब?

    IPL 2025 में पहली बार दो सबसे महंगे खिलाड़ी टकराने तो जा रहे हैं, लेकिन इन दोनों के अब तक के प्रदर्शन में श्रेयस अय्यर का पलड़ा ऋषभ पंत के फॉर्म पर भारी दिख रहा है. बहरहाल, क्रिकेट में हर दिन नया होता है, देखना ये है कि कौन खुद को बड़ा धुरंधर साबित करता है.

  • शेयर बाजार ने नहीं छोड़ा गिरावट का मोड़, निवेशकों के एक मिनट में डूबे 2.39 लाख करोड़

    वित्त वर्ष के पहले कारोबारी दिन शेयर बाजार ने फिर से गिरावट का मोड़ पीछे नहीं छोड़ा है. वो उसी मोड़ पर ​अड़ा हुआ है. जिसकी वजह से देश के रिटेल निवेशकों को मोटा नुकसान उठाना पड़ रहा है. शेयर बाजार के आंकड़ों को देखें तो बीएसई ओपन के होने के एक मिनट के अंदर 600 से ज्यादा अंक गंवा गया और निवेशकों को 2.39 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हो गया. वहीं दूसरी ओर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक निफ्टी भी 180 से ज्यादा अंकों की गिरावट देखने को मिली.

    शेयर बाजार के जानकारों की मानें तो शेयर बाजार पर ट्रंप टैरिफ का थ्रेट साफ देखने को मिल रहा है. 2 अप्रैल से दुनियाभर में रेसीप्रोकल टैरिफ लागू हो जाएगा. जिसका असर भारत पर भी देखने को मिलेगा. वैसे इस टैरिफ को न्यूट्रलाइज करने के लिए देश के कई मंत्रालय और अधिकारी लगे हुए हैं. लेकिन अभी तक वैसी सफलता नहीं हासिल हो सकी है, जिसकी उम्मीदें लगाई जा रही थी. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर शेयर बाजार में किस तर​ह के आंकड़े देखने को मिल रहे हैं.

    शेयर बाजार में गिरावट

    शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स भले ही सुबह 9 बजकर 40 मिनट पर करीब 120 अंकों की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा हो, लेकिन 9 बजकर 16 मिनट मिनट पर 639 अंकों की गिरावट के साथ 77 हजार अंकों के लेवल से नीचे जाते हुए 76,775.79 अंकों पर पहुंच गया था. वैसे सेंसेक्स गिरावट के साथ 76,882.58 अंकों पर ओपन हुआ था. सेंसेक्स में शुक्रवार को भी गिरावट देखने को मिली थी.

    वहीं दूसरी ओर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक निफ्टी भी 9 बजकर 40 मिनट पर 23 अंकों की मामूली तेजी के साथ 23,542.40 अंकों पर कारोबार रहा है, लेकिन कुछ ही सेकंड में निफ्टी 180 अंकों की गिरावट के साथ 23,339.10 अंकों पर पहुंच गई थी. आंकड़ों को देखें तो निफ्टी 23341.10 अंकों पर ओपन हुई थी और शुक्रवार को गिरावट के साथ 23,519.35 अंकों निफ्टी बंद हुआ था.

    किन शेयरों में गिरावट

    वहीं दूसरी ओर गिरावट वाले शेयरों की बात करें तो बीएसई पर बैंकिंग और आईटी शेयरों में गिरावट देखने को मिल रही है. 9 बजकर 45 मिनट पर इंफोसिस में 1.60 फीसदी की गिरावट देखी जा रही है. वहीं दूसरी ओर एचडीएफसी बैंक और टीसीएस के शेयरों में एक और उससे ज्यादा फीसदी की गिरावट देखी जा रही है. मारुति, कोटक बैंक, सनफार्मा, टेक महिंद्रा, बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, एचसीएल टेक, एक्सिस बैंक के शेयरों में एक फीसदी से कम की गिरावट देखी जा रही है.

    वहीं दूसरी ओर इंडसइंड बैंक के शेयर में सबसे ज्यादा 5 फीसदी का इजाफा देखने को मिल रहा है. पॉवरग्रिड, महिंद्रा एंड महिंद्रा, अडानी पोर्ट, भारती एयरटेल, नेस्ले इंडिया, जोमाटो, एसबीआई, टाटा मोटर्स, हिंदुस्तान यूनीलीवर, आईटीसी, टाटा स्टील, टाइटन, रिलायंस आदि शेयरों में 0.17 फीसदी से लेकर 2 फीसदी तक का इजाफा देखने को मिल रहा है.

    निवेशकों के एक मिनट में डूबे 2.39 लाख करोड़

    वैसे शेयर बाजार ने निवेशकों को एक मिनट के अंदर ही डरा दिया था. आंकड़ों को देखें तो निवेशकों के एक मिनट में दो लाख करोड़ रुपए से ज्यादा डूब गए थे. वास्तव में बीएसई के मार्केट कैप के आधार पर निवेशकों का फायदा और नुकसान तय होता है. शुक्रवार को जब शेयर बाजार बंद हुआ था तो बीएसई का मार्केट कैप 4,12,87,646.50 करोड़ रुपए था. जो शेयर बाजार खुलने के एक मिनट के भीतर 4,10,48,016.89 करोड़ रुपए पर पहुंच गया. इसका मतलब है कि निवेशकों को 2,39,629.61 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ.