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  • Ludhiana Crime: लुधियाना में शादी की खुशियों के बीच खूनी खेल! 10-15 हमलावरों ने घर के बाहर बोला धावा, इलाके में दहशत

    Ludhiana Crime: लुधियाना में शादी की खुशियों के बीच खूनी खेल! 10-15 हमलावरों ने घर के बाहर बोला धावा, इलाके में दहशत

    लुधियाना: थाना नंबर 7 के तहत आती इंद्रा कॉलोनी उस समय रणक्षेत्र में तब्दील हो गई जब शादी की खुशियों वाले एक घर के बाहर दर्जनों हमलावरों ने जमकर उत्पात मचाया। हमलावर पूरी तैयारी के साथ आए थे, लेकिन घर के सदस्यों को मौजूद न पाकर उन्होंने बेकसूर पड़ोसियों को अपनी दरिंदगी का निशाना बना डाला। इस खूनी झड़प में दो पड़ोसी गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें लहूलुहान हालत में सिविल अस्पताल भर्ती करवाया गया है।

    जानकारी के अनुसार, विवाद की जड़ एक शादी समारोह से जुड़ी है। बताया जा रहा है कि जिस घर में शादी थी, उनका किसी दूसरे पक्ष के साथ पुराना विवाद चल रहा था। सोमवार रात करीब 11 बजे इसी रंजिश का बदला लेने के लिए 10 से 15 हमलावर तेजधार हथियारों और किरपाणों के साथ कॉलोनी में दाखिल हुए। हमलावरों ने शादी वाले घर के बाहर पहुंचकर ललकारे मारने शुरू कर दिए, लेकिन जब घर के अंदर कोई नहीं मिला, इसी दौरान घर के बाहर बैठे पड़ोसी सुरजीत सिंह और बलजीत सिंह ने इंसानियत के नाते बीच-बचाव करने और मामला शांत कराने की कोशिश की। लेकिन हमलावरों ने आव देखा न ताव और इन बेकसूर पड़ोसियों पर ही टूट पड़े। पीड़ित सुरजीत सिंह ने बताया कि हमलावरों ने अचानक उनकी ओर बढ़कर किरपाणों से वार करना शुरू कर दिया।

    वहीं पास बैठे बलजीत सिंह को भी तेजधार हथियारों से बुरी तरह जख्मी कर दिया गया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी हथियार लहराते हुए मौके से फरार हो गए। अस्पताल में उपचाराधीन बलजीत सिंह ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि उनका इस झगड़े से कोई लेना-देना नहीं था। हमलावर किसी और को मारने आए थे, लेकिन बिना किसी कारण उन्हें अपनी हैवानियत का शिकार बना लिया। फिलहाल पुलिस ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ जांच शुरू कर दी है।

  • Punjab Drug War: नशे के खिलाफ ‘महाजंग’! पंजाब गवर्नर के साथ कदम से कदम मिलाकर चले डेरा ब्यास प्रमुख, शुरू की पैदल यात्रा

    Punjab Drug War: नशे के खिलाफ ‘महाजंग’! पंजाब गवर्नर के साथ कदम से कदम मिलाकर चले डेरा ब्यास प्रमुख, शुरू की पैदल यात्रा

    फिरोजपुर जिले में पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया द्वारा नशों के खिलाफ पैदल यात्रा निकाली जा रही है। इस यात्रा के दौरान उनके साथ डेरा राधा स्वामी ब्यास प्रमुख बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों भी मौजूद हैं। इसके अलावा शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल भी इस यात्रा में शामिल रहे। इस पैदल यात्रा में अश्वनी शर्मा के साथ भाजपा के कई वरिष्ठ नेता भी पहुंचे। जहां यात्रा के दौरान प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे, वहीं युवाओं और बच्चों ने भी बड़ी संख्या में इस यात्रा में हिस्सा लिया। यह यात्रा सारागढ़ी गुरुद्वारा साहिब से शुरू की गई है।

    राज्यपाल द्वारा इस यात्रा में शामिल होने पर डेरा ब्यास मुखी का धन्यवाद किया गया और आम जनता से इस यात्रा में शामिल होने की अपील की गई। अगर बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों की बात करें तो उन्हें सार्वजनिक तौर पर इस तरह की यात्राओं में ज्यादा देखा नहीं गया है और इस यात्रा के दौरान भाजपा और अकाली दल के नेता भी एक साथ नजर आ रहे हैं। अब इसका क्या मतलब है, यह तो आने वाला समय ही बताएगा।

    सुखबीर बादल ने ‘आप’ नेताओं पर लगाए बड़े आरोप
    सुखबीर बादल ने राज्यपाल को नशों के खिलाफ पैदल यात्रा की बधाई देते हुए कहा कि राज्यपाल ने बहुत बड़ा कदम उठाया है और जो काम सरकारों का था, वह अब राज्यपाल साहब ने उठा लिया है। उन्होंने कहा कि पार्टी स्तर से ऊपर उठकर राज्यपाल ने इस पैदल यात्रा के लिए सभी को आमंत्रित किया है। सुखबीर बादल ने कहा कि पंजाब का भविष्य उसकी युवा पीढ़ी है और यहां नशा खत्म करने की बजाय बार-बार राजनीति खेली जाती है। इस मौके पर उन्होंने कैप्टन अमरिंदर सिंह और अरविंद केजरीवाल पर तीखा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ इस जंग में सभी को एकजुट होना होगा। सुखबीर बादल ने आम आदमी पार्टी पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी के नेता नशा बेचने वालों से महीने के पैसे लेते हैं और उन्हें सुरक्षा उपलब्ध करवाते हैं, जिस कारण पंजाब में नशा बहुत बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार आने पर हम पंजाब में एक भी गैंगस्टर नहीं रहने देंगे। उन्होंने कहा कि ग्राउंड लेवल से लेकर उच्च स्तर तक के गैंगस्टर पकड़कर लाए जाएंगे।

  • Punjab Weather Update: पंजाब में फिर बदलेगा मौसम का मिजाज! 14 तारीख तक बारिश का अलर्ट, मौसम विभाग ने जारी की नई चेतावनी

    Punjab Weather Update: पंजाब में फिर बदलेगा मौसम का मिजाज! 14 तारीख तक बारिश का अलर्ट, मौसम विभाग ने जारी की नई चेतावनी

     पंजाब के मौसम में बदलाव की शुरुआत हो चुकी है। आने वाले दिनों में राज्य के तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार आज से 14 फरवरी तक प्रदेश में मौसम शुष्क बना रहेगा।

    हालांकि मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए कोहरे को लेकर कोई अलर्ट जारी नहीं किया है, लेकिन तेज हवाएं चलने की संभावना जरूर जताई गई है। इसके साथ ही आज पंजाब के कुछ जिलों में हल्की बारिश भी हो सकती है। मौसम विभाग के निदेशक सुरिंदर पाल ने जानकारी देते हुए बताया कि अगले पांच दिनों तक मौसम शुष्क रहने की उम्मीद है। अगले 48 घंटों के दौरान न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है। इसके बाद मौसम में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। तापमान में ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं होगा और 11 फरवरी से तापमान में हल्की वृद्धि दर्ज की जा सकती है।

    मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा अपडेट के मुताबिक आज पंजाब के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। खास तौर पर होशियारपुर, पठानकोट और गुरदासपुर जिलों में हल्की बारिश हो सकती है। वहीं गुरदासपुर, पठानकोट, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, होशियारपुर, नवांशहर, लुधियाना, मोगा, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, मोहाली, पटियाला, संगरूर, बरनाला, मानसा, बठिंडा, फरीदकोट, फिरोजपुर और फाजिल्का सहित कई जिलों में तेज हवाएं चलने की संभावना है। अगले दो दिनों तक तेज हवाओं का असर बना रह सकता है।

  • Van Rakhi Movement: वन राखी मूवमेंट के 50 साल पूरे! पलामू में खुलेगा दुनिया का पहला ‘पर्यावरण धर्म मंदिर’, अमेरिका से आएंगे मेहमान

    Van Rakhi Movement: वन राखी मूवमेंट के 50 साल पूरे! पलामू में खुलेगा दुनिया का पहला ‘पर्यावरण धर्म मंदिर’, अमेरिका से आएंगे मेहमान

    पलामू: पेड़ों को रक्षा सूत्र बांधने और उन्हें बचाने का संकल्प लेने के अभियान को 50 साल हो गए हैं. विश्व व्यापार पर्यावरण संरक्षण अभियान एवं वन राखी मूवमेंट की शुरुआत करने वाले कौशल किशोर जायसवाल हैं. जिनके नेतृत्व में 1977 में पेड़ों को रक्षा सूत्र बांधने के अभियान की शुरुआत हुई थी. कौशल किशोर जायसवाल पलामू के छतरपुर के डाली के रहने वाले हैं.

    12 फरवरी को उद्घाटन होने वाला है

    पलामू के छतरपुर के इलाके में पर्यावरण धर्म मंदिर परिसर का उद्घाटन 12 फरवरी को होने वाला है. कौशल किशोर ने ही पर्यावरण धर्म मंदिर की स्थापना की है. पर्यावरण धर्म मंदिर का उद्घाटन अमेरिका के लेखक रिसर्चर एवं पर्यावरणविद् जॉर्ज जेम्स के साथ-साथ अप्पिको आंदोलन के प्रणेता पांडुरंगा हेगड़े, नेपाल के पर्यावरणविद् सरोज कुमार शर्मा करेंगे.

    200 से अधिक प्रजाति के पौधे उपलब्ध

    पलामू की छतरपुर के डाली गांव में पर्यावरण धर्म मंदिर बनाया गया है. इस मंदिर में 22 देशों के 200 से भी अधिक प्रजाति के पेड़ एवं पौधों को लगाया गया है. कई ऐसे पेड़ एवं पौधे इस मंदिर में मौजूद हैं जो विलुप्ति के कगार पर हैं. छतरपुर के जिला परिषद सदस्य अमित जायसवाल ने बताया कि कार्यक्रम को लेकर तैयारियां की जा रही हैं.

    वन राखी मूवमेंट की शुरुआत 1977 में हुई थी

    उन्होंने बताया कि कौशल किशोर जायसवाल के नेतृत्व में 1967 में जंगल लगाओ जंगल बचाओ अभियान की शुरुआत की गई थी. जबकि 1977 में वन राखी मूवमेंट की शुरुआत हुई थी. उन्होंने बताया कि वन राखी मूवमेंट 1977 में शुरू हुआ था और आज के समय में पर्यावरण की रक्षा करना बहुत जरूरी है. एनवायरनमेंटलिस्ट कौशल किशोर जायसवाल ने बताया कि पर्यावरण धर्म मंदिर में 22 देशों के 200 से अधिक प्रकार के पौधे लगाए गए हैं, जिनमें से कई ऐसे भी हैं जो विलुप्त की श्रेणी में हैं.

  • Nigam Chunav 2026: ऑटो-टोटो चालकों को निगम चुनाव से बड़ी उम्मीद; ‘पार्किंग नहीं तो वोट नहीं’ के सुर हुए तेज

    Nigam Chunav 2026: ऑटो-टोटो चालकों को निगम चुनाव से बड़ी उम्मीद; ‘पार्किंग नहीं तो वोट नहीं’ के सुर हुए तेज

    धनबाद: शहर में हजारों ऑटो और टोटो सड़कों पर दौड़ रहे हैं. लेकिन इनके लिए न तो पक्के स्टैंड हैं और न ही पार्किंग की कोई ठोस व्यवस्था. नगर निगम चुनावी माहौल के बीच मंगलवार को ऑटो और टोटो चालकों ने खुलकर अपनी समस्याएं रखीं. ऑटो ड्राइवरों का कहना है जब स्टैंड ही नहीं दिया जाएगा तो गाड़ी कहां खड़ी करें. आए दिन ड्राइवरों को कठिनाई का सामना करना पड़ता है.

    धनबाद शहर में करीब 25 हजार ऑटो और 11 हजार टोटो चल रहे हैं. लेकिन इनके लिए एक भी व्यवस्थित और स्थायी स्टैंड नहीं है. चालकों का कहना है कि मजबूरी में सड़क किनारे वाहन खड़ा करना पड़ता है. जिससे न सिर्फ यातायात बाधित होती है, बल्कि पुलिस कार्रवाई और चालान का भी डर बना रहता है. खासकर बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, मुख्य बाजार और अस्पताल क्षेत्र में दिनभर जाम की स्थिति रहती है. जिससे आम लोगों और यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है.

    शहर में ऑटो पार्किंग की नहीं है व्यवस्था

    ऑटो चालकों ने बताया कि शहर में समुचित पार्किंग व्यवस्था नहीं होने के कारण सड़क पर अव्यवस्थित तरीके से वाहन खड़े किए जा रहे हैं. इससे सड़कों की चौड़ाई कम हो जाती है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है. पैदल चलने वाले, छात्रों और स्कूली बच्चों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. पार्किंग तलाशने में वाहन बार-बार चक्कर लगाते हैं, जिससे ईंधन की बर्बादी, प्रदूषण और मानसिक तनाव भी बढ़ता है.

    परिवहन और ट्रैफिक विभाग ऑटो-टोटो के रूट निर्धारण से बचता नजर आ रहा है. रूट तय करने में एसोसिएशन के बीच सहमति और विवाद की आशंका के कारण यह मामला पिछले दो वर्षों से फाइलों में ही अटका हुआ है. ऑटो चालकों ने कई चौक-चौराहों पर अवैध वसूली का आरोप भी लगाया. उनका कहना है कि जहां ऑटो स्टैंड नहीं है, वहां एजेंट सड़क पर वाहन खड़ा करवाकर चालकों से पैसे वसूलते हैं. कई बार सवारी नहीं मिलने के बावजूद उन्हें वसूली देनी पड़ती है. जबकि ट्रैफिक पुलिस अलग से चालान काट देती है.

    सड़क पर सवारी उतारने चढ़ाने में हो सकती है अनहोनी

    ऑटो चालकों ने कहा कि सड़क पर हड़बड़ी में सवारी उतारना पड़ता है, इस डर से कि कहीं ट्रैफिक पुलिस ना आ जाए. इस हड़बड़ी में सवारी के साथ अनहोनी की आशंका बनी रहती है. चालकों ने कहा कि पार्किंग और ठहराव की व्यवस्था होने से लोग ऑटो पड़ाव पहुंचेंगे, जहां आराम से ऑटो, टोटो में ना सिर्फ सवार हो सकेंगे, बल्कि सुरक्षित रूप से उतर भी सकेंगे. ऑटो चालकों ने कहा कि नगर निगम चुनाव से उन्हें काफी उम्मीदें हैं. जो भी मेयर चुने जाएंगे, उनसे अपेक्षा है कि वे निम्न आय वर्ग से जुड़े ऑटो-टोटो चालकों की समस्याओं को प्राथमिकता देंगे और शहर में व्यवस्थित पार्किंग व सुचारु यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे.

  • Jharkhand Weather Update: झारखंड में ‘दोहरा’ मौसम! गुमला में 5 डिग्री के साथ कड़ाके की ठंड, तो चाईबासा में पसीने छुड़ा रही गर्मी

    Jharkhand Weather Update: झारखंड में ‘दोहरा’ मौसम! गुमला में 5 डिग्री के साथ कड़ाके की ठंड, तो चाईबासा में पसीने छुड़ा रही गर्मी

    रांचीः झारखंड में सर्दी का सितम जारी है. अधिकतम और न्यूनतम तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. बेशक, अधिकतम पारा सामान्य से थोड़ा ऊपर चला गया है, लेकिन कुछ जिलों में न्यूनतम पारा अभी भी बरकरार है. धूप में हल्की गर्मी लग रही है तो शाम होते ही सर्दी सताने लगती है. कुछ दिन पूर्व तक ऐसा लगने लगा था, मानो सर्दी की विदाई शुरु हो गई है. लिहाजा, तापमान में उतार-चढ़ाव से लोगों के सेहत पर असर पड़ रहा है.

    न्यूनतम पारा में कमी से सर्दी बढ़ी

    मौसम केंद्र, रांची की ओर से 10 फरवरी को जारी रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 24 घंटे में गुमला जिला ने सबसे ज्यादा सर्दी की मार झेली है. गुमला का न्यूनतम पारा 5.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ है. दूसरे स्थान पर 7.1 डिग्री के साथ खूंटी जिला और 7.4 डिग्री का साथ लोहरदगा जिला तीसरे नंबर पर रहा है. रांची का न्यूनतम तापमान 10.8 डिग्री, जमशेदपुर का 13.6 डिग्री. बोकारो का 8.7 डिग्री, डाल्टनगंज का 7.7 डिग्री और सिमडेगा का 9.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ है. वहीं पाकुड़, सरायकेला, कोडरमा और लातेहार का तापमान 10 डिग्री से 12.4 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है.

    अधिकतम पारा में नहीं हुआ है कोई खास बदलाव

    मौसम केंद्र के मुताबिक पिछले 24 घंटों में सबसे ज्यादा गर्मी चाईबासा में महसूस की गई है. यहां का अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस रहा है. वहीं सरायकेला जिला 31.0 डिग्री के साथ दूसरे नंबर पर रहा, जबकि जमशेदपुर, बोकारो और डाल्टनगंज में पारा 29 डिग्री से 30 डिग्री के बीच रहा है. रांची का अधिकतम तापमान 25.4 डिग्री रिकॉर्ड हुआ है. शेष जिलों में अधिकतम पारा 25 डिग्री से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है. मौसम केंद्र का मानना है कि 11 फरवरी तक तापमान में कोई खास बदलाव की संभावना नहीं है. इसका मतलब है कि कल भी सर्दी का दौर जारी रहेगा.

    आने वाले दिनों में सर्दी नहीं छोड़ने वाली पीछा

    पूर्वानुमान की बात करें तो 12 फरवरी से न्यूनतम तापमान में 2-3 डिग्री तक की वृद्धि हो सकती है. इसके बाद अगले तीन दिनों तक फिर से न्यूनतम पारा में 2 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आ सकती है. आने वाले दिनों में सुबह के वक्त कुहासा और बाद में मौसम के साफ और शुष्क रहने की संभावना है. मौसम केंद्र की रिपोर्ट से साफ है कि अभी सर्दी से पीछा नहीं छूटने वाला है. क्योंकि मौसम केंद्र ने भी सर्दी से बचाव को लेकर एहतियात बरतने की सलाह दी है.

  • Government Schemes: केंद्र सरकार की योजनाओं का पिटारा! डाक महामेले के जरिए लोगों को किया गया जागरूक, मौके पर ही हुए कई काम

    Government Schemes: केंद्र सरकार की योजनाओं का पिटारा! डाक महामेले के जरिए लोगों को किया गया जागरूक, मौके पर ही हुए कई काम

    हजारीबागः जिला डाक प्रमंडल द्वारा डाक महामेला का आयोजन किया गया. इस मेला में भारत सरकार की विभिन्न डाक सेवाओं और योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई. कार्यक्रम में भारी संख्या में डाकघर के कर्मी उपस्थित हुए.

    इस दौरान वित्तीय साक्षरता, बचत और बीमा योजनाओं को बढ़ावा देने के साथ-साथ उत्कृष्ट कार्य करने वाले डाक कर्मियों को पुरस्कृत किया गया. डाक सेवा केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण इकाइयों में एक है. जिसकी पहुंच समाज के अंतिम पायदान तक है. हजारीबाग डाक प्रमंडल द्वारा डाक महामेला का आयोजन किया गया.

    जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में डाक निदेशक झारखंड परिमंडल रामविलास चौधरी उपस्थित हुए. जिन्होंने महा मेला के दौरान भारत सरकार के विभिन्न डाक सेवाओं एवं योजनाओं के बारे में जानकारी दी. बताया कि विभाग केंद्र सरकार की कई महत्वपूर्ण योजनाओं को आम जनता तक पहुंचा रहा है. जिससे आम जनता को लाभ मिल रहा है. जिसमें डाक जीवन बीमा, ग्रामीण डाक जीवन बीमा, लघु बचत, सुकन्या समृद्धि योजना, पीपीएफ समेत कई सेवाएं हैं.

    उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का वित्तीय समावेशन और बचत संस्कृति को प्रोत्साहित करना बेहद महत्वपूर्ण है. 18 फरवरी को डाक जीवन बीमा के लिए विशेष अभियान आयोजित किया गया है. जो बीमा सुलभता को बढ़ाने और आम जनमानस को बेहतर बीमा विकल्प प्रदान करने में सहायक होगा. इन्होंने सभी डाककर्मियों से अपील की है कि अभियान को सफल बनाएं.

    इस महामेला में शामिल होने के लिए हजारीबाग डाक प्रमंडल के डाक कर्मी पहुंचे. जिन्होंने बताया कि डाक विभाग का महत्व आज के समय में और भी अधिक बढ़ गया है. केंद्र सरकार की कई योजनाओं का लाभ डाकघर लाभुकों के घर तक पहुंचा रहे हैं. इसके अलावा आम लोगों में बचत की भावना बढ़े, इसे लेकर लोगों को प्रोत्साहित किया जा रहा है. देश के विकास में डाक विभाग का महत्वपूर्ण योगदान है. इसका नेटवर्क देश के कोने-कोने तक है.

    सूचना प्रौद्योगिकी के दौर में जन जन तक, अंतिम मील पर स्थित व्यक्ति तक भी सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने में डाक विभाग मत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और देश के विकास में अपना योगदान दे रहा है.

  • Jharkhand Politics: झारखंड में 10 हजार करोड़ का ‘महा-घोटाला’? बाबूलाल मरांडी का सीएम पर बड़ा आरोप– मंत्रियों को पंगु बनाकर किया सत्ता का केंद्रीकरण

    Jharkhand Politics: झारखंड में 10 हजार करोड़ का ‘महा-घोटाला’? बाबूलाल मरांडी का सीएम पर बड़ा आरोप– मंत्रियों को पंगु बनाकर किया सत्ता का केंद्रीकरण

    रांची: झारखंड की राजनीति में हलचल तेज हो गई है. नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य के खजाने से करीब 10 हजार करोड़ रुपये के कथित गायब होने का मामला जोरशोर से उठाया है. उन्होंने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि यह सिर्फ वित्तीय अनियमितता नहीं है बल्कि सत्ता के शीर्ष स्तर पर जवाबदेही से बचने की सुनियोजित कोशिश है.

    नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कांग्रेस कोटे के मंत्रियों को पूरी तरह पंगु बना दिया है और शासन प्रशासन का पूरा नियंत्रण अपने हाथों में केंद्रित कर लिया है. सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर द्वारा जब इस भारी भरकम राशि का हिसाब मांगा गया, तो किसी भी विभाग ने जवाब देना जरूरी नहीं समझा.

    मंत्री के निर्देशों की अवहेलना, अधिकारी नदारद

    नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के मुताबिक, वित्त मंत्री ने इस मामले को लेकर अधिकारियों की बैठक बुलाने के निर्देश दिए थे लेकिन न तो बैठक हुई और न ही किसी अधिकारी ने मंत्री को स्पष्टीकरण दिया. उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकारी खजाने से पैसा निकाला गया है, तो उसका उपयोग कहां हुआ, इसका लेखा जोखा आखिर किसके पास है?

    मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री की चुप्पी पर सवाल

    नेता प्रतिपक्ष ने यह भी दावा किया है कि जांच से जुड़ी फाइल तीन महीनों से मुख्य सचिव के स्तर पर दबाकर रखी हुई है जबकि मुख्यमंत्री की रहस्यमयी चुप्पी कई संदेहों को जन्म दे रही है. उन्होंने कहा कि जिस तरह से वित्त मंत्री के निर्देशों की खुली अवहेलना हो रही है, उससे साफ संकेत मिलता है कि अधिकारियों को ऊपर से चुप रहने का इशारा मिला हुआ है.

    राष्ट्रीय स्तर पर उठा मामला

    वहीं नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यह मामला अब केवल झारखंड तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन चुका है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सच्चाई सामने लाने से डर रही है. नेता प्रतिपक्ष ने साफ शब्दों में कहा कि एक सशक्त विपक्ष के रूप में वे इस कथित घोटाले को जनता के सामने लाते रहेंगे और सक्षम जांच एजेंसियों से निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों को सख्त सजा दिलाने के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेंगे.

    बता दें कि पिछले दिनों मीडिया से बातचीत के दौरान पूर्व वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव ने कहा था कि विभाग की बैठक में वित्तीय अनियमितता उजागर हुई थी. तब उन्होंने अंकेक्षण विभाग को विशेष ऑडिट कराने का निर्देश दिया था. एक साल में ऑडिट का काम पूरा होने पर वित्तीय गड़बड़ी की बात साफ हुई थी. इसी आधार पर उन्होंने कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया था.

  • Dhanbad News: धनबाद में सनसनी; पानी से भरे गड्ढे में मिला अज्ञात व्यक्ति का शव, हत्या की आशंका से इलाके में हड़कंप

    Dhanbad News: धनबाद में सनसनी; पानी से भरे गड्ढे में मिला अज्ञात व्यक्ति का शव, हत्या की आशंका से इलाके में हड़कंप

    धनबाद: जिले के गोविंदपुर थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. बागसुमा गांव में पानी भरे एक गड्ढे से एक व्यक्ति का शव मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. मौत हादसा है या हत्या, इसका जवाब फिलहाल जांच के दायरे में है.

    दरअसल, सोमवार सुबह बागसुमा गांव में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब ग्रामीणों ने गांव के एक गड्ढे में शव तैरता हुआ देखा. गड्ढे में करीब दो से तीन फीट पानी भरा हुआ था. सूचना मिलते ही गोविंदपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से शव को बाहर निकाला. मृतक की पहचान 35-40 वर्षीय विजय कुमार के रूप में हुई है, जो बागसुमा गांव का ही रहने वाला बताया जा रहा है.

    शव नहीं उठाने दे रहे परिजन

    पुलिस शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कवायद में जुटी है लेकिन शव को उठाने से लोग रोक रहे हैं. परिजन पहले जांच की मांग पर अड़े हुए हैं. इस मामले को लेकर परिजन और ग्रामीण संतुष्ट नहीं हैं. उनका कहना है कि इतने कम पानी में मौत होना कई सवाल खड़े करता है.

    परिजनों ने जताई हत्या की आशंका

    स्थानीय लोग और परिजनों का कहना है कि इस ओर वह कभी आता नहीं था, आसपास शराब की बिक्री होती है, किस जगह पर शराब पिलाई गई होगी और कहीं शराब पिलाकर उसकी हत्या तो नहीं की गई, पुलिस को इस बात की जांच पड़ताल करने की जरूरत है.

    कम पानी में कैसे हो सकती है मौत?

    मुखिया निमाई चंद्र महतो ने कहा ‘वार्ड सदस्य से जानकारी मिलने के बाद पुलिस को सूचना दी गई है. मृतक के पांच छोटे बच्चे हैं. परिजन हैरान हैं कि इतने कम पानी में मौत कैसे हो सकती है? परिजनों ने इस मौत को संदिग्ध बताते हुए हत्या की आशंका जताई है.

    साजिश के तहत हुई हत्या

    वहीं मृतक के चाचा ललित किशोर राय ने बताया ‘हमारे भतीजे की साजिश के तहत हत्या की गई है और शव को गड्ढे में फेंका है, पास में शराब की भट्ठी है, यह भी जांच होनी चाहिए कि उसने किसके साथ था और कहां शराब पी थी.’

    “जिस गड्ढे में शव मिला है, उसमें दो से तीन फीट पानी था. प्रथम दृष्टया आशंका है कि व्यक्ति शराब के नशे में गिर गया होगा. हालांकि सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति साफ होगी।”लेकिन स्थानीय लोग पहले जांच की मांग पर अड़े हुए हैंगिरधारी कुमार साहू, थाना प्रभारी, गोविंदपुर

    फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है. अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के नतीजों पर ही यह साफ हो पाएगा कि विजय कुमार की मौत हादसा थी या इसके पीछे कोई साजिश.

  • Shocking Murder: शादी की खुशियों के बीच मातम! भाभी ने देवर को उतारा मौत के घाट, वजह जानकर कांप जाएगी रूह

    Shocking Murder: शादी की खुशियों के बीच मातम! भाभी ने देवर को उतारा मौत के घाट, वजह जानकर कांप जाएगी रूह

    रांची: राजधानी रांची में अवैध संबंध को लेकर लगातार वारदातें सामने आ रही हैं, खासकर राजधानी के ग्रामीण इलाकों में ऐसे मामले ज्यादा देखने को मिल रहे हैं. ताजा मामला रांची के तमाड़ थाना क्षेत्र का है. यहां एक महिला ने अपने पति के साथ मिलकर अपने ही देवर को जहर देकर मार डाला. मामले में महिला सहित दो को गिरफ्तार कर लिया गया है.

    क्या है पूरा मामला

    रांची के तमाड़ थाना क्षेत्र में प्रेम प्रसंग को लेकर एक 35 वर्षीय विवाहित महिला ने अपने चचेरे देवर शंकर नायक को जहर देकर मौत के घाट उतार दिया. मृतक के भाई के दर्ज एफआईआर के आधार पर पुलिस ने आरोपी महिला गीता देवी, उसके पति बलदेव मछुवा को गिरफ्तार कर लिया है. रांची पुलिस ने बताया कि गीता देवी ने शंकर नायक को चाय में जहर दे दिया, जिससे उसकी अस्पताल में मौत हो गई.

    घटना की जानकारी 9 फरवरी को तमाड़ थाने को मिली, सूचना मिलते ही वरीय अधिकारियों को अवगत कराया गया. थाने की टीम गांव पहुंची, लेकिन तब तक शंकर नायक को परिजन एमजीएम अस्पताल, जमशेदपुर ले जा चुके थे. वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. मृतक के भाई सुकरा नायक ने लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर तमाड़ थाना कांड संख्या 11/2026, धारा 103(1)/123/3(5) BNS के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई.

    प्रेम प्रसंग और हत्या की साजिश

    पुलिस जांच के दौरान खुलासा हुआ कि मृतक शंकर नायक आरोपी गीता देवी का चचेरा देवर था. करीब तीन साल पहले शंकर के माता-पिता की बीमारी से मौत हो गई थी. उसके बाद से गीता देवी ही उसके घर का सारा काम संभालने लगी. इसी दौरान दोनों के बीच प्रेम प्रसंग शुरू हो गया. शंकर जब अपनी शादी के लिए लड़की देखने गया, तो गीता ने उसे रोक दिया. वह नहीं चाहती थी कि शंकर शादी कर अपना परिवार बसा ले. नाराजगी चरम पर पहुंची तो गीता ने अपने पति बलदेव मछुवा के साथ मिलकर शंकर को रास्ते से हटाने की साजिश रची. तय योजना के मुताबिक, उन्होंने शंकर को चाय में कीटनाशक दवा (जहर) मिलाकर पिला दी. जहर पीने के बाद शंकर की तबीयत बिगड़ गई, मुंह से झाग निकलने लगा और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.